छात्रों की शिकायत पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान ; 15 जुलाई तक IRCTC वेबसाइट होगी अपग्रेड
नई दिल्ली में आयोजित सार्वजनिक सत्र के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों की शिकायतों पर IRCTC वेबसाइट की धीमी गति, Tatkal बुकिंग में क्रैश और पुराने डिजाइन जैसी समस्याओं का संज्ञान लिया। उन्होंने टीमों को फोन पर निर्देश देकर 15 जुलाई 2026 तक नया IRCTC वेबसाइट लॉन्च करने का वादा किया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली में आयोजित एक सार्वजनिक संवाद सत्र के दौरान उस समय माहौल पूरी तरह बदल गया जब केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीधे छात्रों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए IRCTC वेबसाइट से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया दी। छात्रों ने टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली धीमी गति, विशेष रूप से तत्काल (Tatkal) बुकिंग के समय होने वाले सर्वर क्रैश, कैप्चा में देरी और पुराने डिजाइन जैसी समस्याओं को सामने रखा, जिससे देशभर में करोड़ों यात्रियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने मौके पर ही संबंधित IRCTC तकनीकी टीमों को फोन पर जोड़कर स्थिति की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि मौजूदा प्रणाली की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने घोषणा की कि एक पूरी तरह नया और उन्नत IRCTC वेबसाइट 15 जुलाई 2026 तक लॉन्च कर दिया जाएगा। उनके इस आश्वासन पर उपस्थित लोगों के बीच उत्साह और तालियों की गूंज देखी गई।
#WATCH | On students’ demand, Union Railway Minister announces new IRCTC website to be launched by 15th July pic.twitter.com/fjX6z6vyj1
— ANI (@ANI) June 11, 2026
रेल मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय किसी अचानक बदलाव का हिस्सा नहीं है, बल्कि लंबे समय से सामने आ रही तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याओं का परिणाम है। वर्तमान IRCTC प्रणाली पर अक्सर अत्यधिक ट्रैफिक के कारण लॉगिन फेल होना, भुगतान में बाधा और बुकिंग प्रक्रिया का बाधित होना जैसी शिकायतें दर्ज होती रही हैं। विशेषकर सुबह 10 से 11 बजे के बीच होने वाली तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है, जहां भारी ट्रैफिक और स्वचालित बॉट्स के कारण सामान्य उपयोगकर्ताओं को टिकट प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
सरकारी स्तर पर इस पूरे प्रकरण को डिजिटल आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। रेलवे ने संकेत दिए हैं कि नया प्लेटफॉर्म केवल एक डिजाइन परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि यह एक व्यापक तकनीकी अपग्रेड होगा, जिसमें बेहतर सर्वर क्षमता, तेज प्रोसेसिंग सिस्टम, अधिक स्थिर लॉगिन और भुगतान संरचना तथा आधुनिक उपयोगकर्ता इंटरफेस शामिल होंगे। साथ ही इसे भारतीय रेलवे के उन्नत आरक्षण बैकएंड सिस्टम के साथ अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जाएगा, जिससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक सुगम और विश्वसनीय बन सके।
हालांकि इस घोषणा के बाद भी कुछ तकनीकी विशेषज्ञों और उपयोगकर्ताओं के बीच यह प्रश्न बना हुआ है कि क्या नया सिस्टम वास्तव में पीक आवर्स के दबाव को संभाल पाएगा और बॉट्स तथा टिकट उपलब्धता जैसी मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान कर पाएगा। इसके बावजूद सरकार इस परियोजना को भारतीय रेलवे की डिजिटल परिवर्तन यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण मान रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि देश में रेलवे टिकटिंग प्रणाली को लेकर जनता की अपेक्षाएँ कितनी अधिक हैं और डिजिटल सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयास कितने महत्वपूर्ण बन चुके हैं। अब सभी की निगाहें 15 जुलाई 2026 की उस संभावित तारीख पर टिकी हैं, जब नया IRCTC प्लेटफॉर्म वास्तविक रूप से उपयोगकर्ताओं के सामने होगा और यह तय करेगा कि भारतीय रेलवे की डिजिटल सेवा कितनी आगे बढ़ चुकी है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
