रेल जन संवाद से यात्रियों की समस्याओं का होगा समाधान, 22 अक्टूबर को 7,000 से अधिक स्टेशनों पर पहल
भारतीय रेलवे 22 अक्टूबर 2026 को 7,000 से अधिक स्टेशनों पर रेल जन संवाद आयोजित करेगा। मध्य रेल के वरिष्ठ अधिकारी मुंबई में कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। जानें यात्रियों की समस्याओं, सुझावों और प्रतिक्रियाओं के समाधान की पूरी प्रक्रिया।

भारतीय रेलवे यात्रियों की समस्याओं, सुझावों और प्रतिक्रियाओं को सीधे सुनने तथा रेल सेवाओं में सुधार के लिए 22 अक्टूबर 2026 को देशभर के 7,000 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर रेल जन संवाद आयोजित करेगा। विशेष अभियान के तहत लंबित मामलों के निस्तारण (SCDPM-6) के अंतर्गत होने वाली इस पहल का उद्देश्य नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना, यात्रियों से सीधे संवाद स्थापित करना और रेलवे सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशना है।
भारतीय रेलवे के सभी जोनल रेलवे और रेलवे इकाइयों में 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान के तहत लंबित मामलों के निस्तारण (SCDPM-6) का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान में स्वच्छता, स्थान प्रबंधन, कबाड़ और इलेक्ट्रॉनिक कचरे का निस्तारण, नागरिक सहभागिता सहित अन्य गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में 22 अक्टूबर को देशभर के 7,000 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर रेल जन संवाद आयोजित किया जाएगा। इसके बाद उसी दिन स्वच्छता संबंधी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
रेल जन संवाद का उद्देश्य नागरिकों के साथ सीधे संवाद को रेलवे प्रबंधन का अभिन्न हिस्सा बनाना है। इसके तहत रेलवे प्लेटफॉर्म और यात्रियों से संपर्क के अन्य प्रमुख स्थानों पर रेल उपयोगकर्ताओं के साथ सीधी बातचीत की जाएगी। इस पहल में युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। “जन की आवाज, युवा की सोच, रेल का समाधान” थीम के तहत कार्यक्रम का उद्देश्य निरंतर संवाद को बढ़ावा देना, युवा नागरिकों को अपने विचार साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना और यात्रियों से जुड़ी समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशना है।
मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री राजीव श्रीवास्तव मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। वहीं, भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग तथा पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगी।
मध्य रेल के विभिन्न मंडलों में मंडल रेल प्रबंधक अपने संबंधित शाखा अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभियान का नेतृत्व करेंगे। मध्य रेल ने विभिन्न स्टेशनों पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 300 से अधिक अधिकारियों को नामित किया है।
रेल जन संवाद के दौरान यात्रियों की समस्याओं, सुझावों और प्रतिक्रियाओं को व्यवस्थित रूप से एकत्र किया जाएगा और तीन श्रेणियों में उनकी समीक्षा की जाएगी। इनमें अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक मामले शामिल होंगे। अल्पकालिक श्रेणी में उन समस्याओं को रखा जाएगा, जिनका तत्काल या कम समय में समाधान किया जा सकता है। मध्यकालिक मामलों में संबंधित विभागों के बीच समन्वय, योजना और कार्यान्वयन की आवश्यकता होगी। वहीं, दीर्घकालिक मामलों में नीतिगत बदलाव, रणनीतिक योजना या उच्च अधिकारियों की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है।
इस पहल के माध्यम से मध्य रेल का लक्ष्य यात्रियों के साथ संवाद को मजबूत करना, उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करना और रेलवे सेवाओं में सुधार के लिए जनता की भागीदारी बढ़ाना है। यह कार्यक्रम भारतीय रेलवे की उत्तरदायी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इसके तहत यात्रियों की आवाज और युवाओं के विचारों को रेलवे सुविधाओं में निरंतर सुधार तथा यात्रा के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।
यह प्रेस विज्ञप्ति मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला द्वारा जारी की गई है। विज्ञप्ति की तारीख 21 अक्टूबर 2026 और जनसंपर्क विज्ञप्ति संख्या 2026/10/39 है।

