भारतीय रेलवे एक बार फिर यात्री सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। देश की प्रीमियम सेमी-हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेनों में अब यात्रियों को उस क्षेत्र की स्थानीय व्यंजन परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिलेगा, जिससे ट्रेन गुजरती है। इस पहल का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यात्रा को एक सांस्कृतिक अनुभव में बदलना है।

इस संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान रेल मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को क्षेत्रीय और स्थानीय व्यंजन परोसे जाएं, ताकि भारत की विविध खाद्य संस्कृति को रेल यात्रा से जोड़ा जा सके।

रेल मंत्रालय का मानना है कि स्थानीय भोजन की उपलब्धता से यात्रियों का अनुभव कहीं अधिक समृद्ध और यादगार बनेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि ट्रेन दक्षिण भारत से गुजर रही है तो यात्रियों को इडली, डोसा या सांभर जैसे पारंपरिक व्यंजन मिल सकते हैं, वहीं उत्तर भारत के मार्गों पर पराठा, कढ़ी या स्थानीय मिठाइयों को मेनू में शामिल किया जा सकता है। इससे न केवल यात्रियों की संतुष्टि बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय खाद्य व्यवसायों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। रेलवे कैटरिंग से जुड़े सभी पक्षों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। यह पहल भारतीय रेलवे के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और पहचान को भी महत्व दिया जा रहा है।

रेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह सुविधा वंदे भारत ट्रेनों में लागू की जाएगी, लेकिन भविष्य में इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों तक भी विस्तारित किया जाएगा। जैसे-जैसे व्यवस्था मजबूत होगी और यात्रियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक मिलेगी, यह पहल पूरे रेलवे नेटवर्क में दिखाई दे सकती है।

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब भारतीय रेलवे न केवल तकनीकी उन्नयन पर जोर दे रहा है, बल्कि यात्री अनुभव को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास कर रहा है। स्थानीय व्यंजनों को रेल यात्रा का हिस्सा बनाना भारत की “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त करता है। यह पहल भारतीय रेलवे को सिर्फ परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता का चलता-फिरता प्रतिनिधि बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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