भारतीय रेलवे ने रनिंग स्टाफ के भत्तों में की भारी वृद्धि, कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति को मिलेगा नया संबल
1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता 50% होने के बाद रेलवे ने रनिंग स्टाफ के किलोमीटर और ALK भत्तों की दरों को संशोधित कर नई लिस्ट जारी की है।

भारतीय रेलवे ने अपने परिचालन की धुरी माने जाने वाले लोको पायलट और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उनके भत्तों की दरों में व्यापक संशोधन किया है। रेलवे के इस निर्णय से देश के विशाल रेल नेटवर्क को दिन-रात गतिशील रखने वाले हजारों समर्पित कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ते (DA) में 50 प्रतिशत की वृद्धि होने के परिणामस्वरूप, रेल मंत्रालय ने पूरे भारतीय रेलवे सिस्टम में सभी रनिंग स्टाफ के लिए 'किलोमीटर भत्ता' (Kilometrage Allowance) और 'किलोमीटर के बदले भत्ते' (ALK) की दरों को संशोधित कर नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है।
इस संशोधन के तहत लोको रनिंग स्टाफ के लिए प्रति 100 किलोमीटर भत्ता और प्रति 160 किलोमीटर ALK की श्रेणीवार दरें निर्धारित की गई हैं। अब लोको पायलट (मेल) को ₹606 और ₹969, लोको पायलट (पैसेंजर) अथवा सीनियर मोटरमैन को ₹600 और ₹960 तथा लोको पायलट (गुड्स) को ₹594 और ₹951 का लाभ प्राप्त होगा। इसी क्रम में लोको पायलट (शंटिंग) ग्रेड-I के लिए ₹461 और ₹737, जबकि ग्रेड-II के लिए ₹447 और ₹715 की दरें तय की गई हैं। सीनियर FM-1 और सीनियर सहायक लोको पायलट को ₹447 (शंटिंग हेतु ₹287) एवं ₹715 प्राप्त होंगे। वहीं FM-1 और सहायक लोको पायलट तथा सीनियर सेकंड फायरमैन को ₹430 (शंटिंग हेतु ₹277) और ₹688 दिए जाएंगे। सबसे कनिष्ठ स्तर पर सेकंड फायरमैन के लिए यह दरें ₹362 (शंटिंग हेतु ₹216) और ₹579 सुनिश्चित की गई हैं।
ट्रैफिक रनिंग स्टाफ, जिन्हें अब 'ट्रेन मैनेजर' के रूप में नई पहचान मिली है, उनके लिए भी दरों में सम्मानजनक वृद्धि की गई है। मेल अथवा एक्सप्रेस गार्ड को ₹549 और ₹878, सीनियर पैसेंजर गार्ड और सीनियर गुड्स गार्ड दोनों को ₹543 और ₹869 तथा गुड्स गार्ड को ₹537 और ₹859 का संशोधित लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त सीनियर असिस्टेंट गार्ड या सीनियर ब्रेकमैन के लिए ₹320 और ₹512 एवं असिस्टेंट गार्ड या ब्रेकमैन के लिए ₹305 और ₹488 की दरें लागू होंगी।
विधिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से ये संशोधित दरें रेलवे सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रभावी की गई हैं। स्पष्ट किया गया है कि किलोमीटर भत्ता और ALK की स्वीकार्यता से जुड़ी अन्य सभी पूर्ववर्ती शर्तें यथावत बनी रहेंगी। भारतीय रेलवे का यह कदम न केवल वर्तमान महंगाई के स्तर के अनुरूप कर्मचारियों को बेहतर मुआवजा सुनिश्चित करता है, बल्कि यह कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले रनिंग स्टाफ के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और उनकी वित्तीय बेहतरी के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
