भारतीय रेलवे की माल ढुलाई और यात्री सेवाओं में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज
जून के दौरान रेलवे ने 142 मिलियन टन से अधिक माल ढुलाई की और यात्रियों की संख्या बढ़कर 63.81 करोड़ तक पहुंच गई है।

तस्वीर में एक भगवा और ग्रे रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन रेलवे ट्रैक पर घुमावदार मोड़ पर चलती हुई दिखाई दे रही है।
भारतीय रेलवे ने जून 2026 में माल ढुलाई और यात्री सेवाओं, दोनों क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज करते हुए देश की आर्थिक प्रगति के प्रमुख आधार के रूप में अपनी भूमिका को और सशक्त किया है। अधिक माल ढुलाई, बढ़ती यात्री संख्या और यात्री सेवाओं के निरंतर विस्तार ने भारतीय रेलवे के लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने, आर्थिक विकास को गति देने और देशभर में सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई मजबूती दी है।
जून 2026 के दौरान भारतीय रेलवे ने 142.21 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा 136.71 मिलियन टन था। इस प्रकार माल ढुलाई में 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। माल ढुलाई से होने वाली आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और जून 2025 की तुलना में लगभग 430 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित करते हुए 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
महीने के दौरान कई प्रमुख वस्तुओं की लोडिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। उर्वरक (Fertilizers) की लोडिंग में 19.1 प्रतिशत, बैलेंस एंड अदर गुड्स (Balance Other Goods) में 17.3 प्रतिशत, लौह अयस्क (Iron Ore) में 9.4 प्रतिशत, घरेलू कोयला (Domestic Coal) में 4.9 प्रतिशत, कुल कोयला (Total Coal) में 3.6 प्रतिशत तथा क्लिंकर (Clinker) में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में बनी मजबूत मांग को दर्शाती है।
जून 2026 का यह प्रदर्शन वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में दर्ज निरंतर प्रगति का विस्तार है। इस अवधि में भारतीय रेलवे ने 419.08 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में यह 413.05 मिलियन टन थी। पहली तिमाही के दौरान लौह अयस्क की लोडिंग में 7.44 प्रतिशत, क्लिंकर में 6.54 प्रतिशत तथा बैलेंस एंड अदर गुड्स में 12.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
गर्मी के लंबे मौसम के दौरान ताप विद्युत संयंत्रों की बढ़ी हुई आवश्यकता को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे ने घरेलू कोयले के परिवहन में भी तेजी लाई। जून 2026 में बिजलीघरों को पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक घरेलू कोयले की आपूर्ति की गई, जिससे देशभर में निर्बाध विद्युत उत्पादन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
यात्री सेवाओं के क्षेत्र में भी भारतीय रेलवे की प्रगति लगातार जारी रही। जून 2026 के दौरान रेलवे ने 63.81 करोड़ यात्रियों को यात्रा कराई, जबकि जून 2025 में यह संख्या 62.37 करोड़ थी।
गैर-उपनगरीय (Non-Suburban) श्रेणी, जिसमें छोटी और लंबी दूरी की यात्राएं शामिल हैं, में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस श्रेणी में यात्रियों की संख्या 28.90 करोड़ से बढ़कर 30.04 करोड़ पहुंच गई। वहीं उपनगरीय (Suburban) श्रेणी में भी 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यात्रियों की संख्या 33.46 करोड़ से बढ़कर 33.77 करोड़ हो गई।
भारतीय रेलवे आधुनिक यात्री सेवाओं का लगातार विस्तार कर रहा है। देश में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 164 हो गई है। इनमें हाल ही में शुरू की गई हावड़ा और कामाख्या के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा भी शामिल है। वहीं अमृत भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है। जून 2026 के दौरान चार नई अमृत भारत सेवाओं का शुभारंभ किया गया, जिससे देशभर में किफायती और आधुनिक लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिली।
भारतीय रेलवे का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वह माल ढुलाई, यात्री सेवाओं और आधुनिक रेल अवसंरचना के क्षेत्र में लगातार क्षमता विस्तार, परिचालन दक्षता और ग्राहक-केंद्रित पहलों के माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति को गति देने के साथ सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती और यात्री-अनुकूल परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।

Pratahkal Bureau
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