रेलवे ने खाने की खराब गुणवत्ता पर 3 साल में ₹5.13 करोड़ जुर्माना लगाया, 6 कॉन्ट्रैक्ट रद्द किए
भारतीय रेलवे ने पिछले तीन वर्षों में खाने की गुणवत्ता और साफ़-सफ़ाई के नियमों के उल्लंघन पर ₹5.13 करोड़ का जुर्माना लगाया, 54 कारण बताओ नोटिस जारी किए और 6 कॉन्ट्रैक्ट रद्द किए। रेलवे ने QR कोड, आधुनिक बेस किचन, CCTV और FSSAI मानकों के जरिए खाद्य सुरक्षा को और मजबूत किया है।

भारतीय रेलवे ने पिछले तीन वर्षों में ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता और साफ़-सफ़ाई के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ₹5.13 करोड़ का जुर्माना लगाया, 54 कारण बताओ नोटिस जारी किए, 6 कॉन्ट्रैक्ट रद्द किए और नियमों का पालन न करने वाले लाइसेंसधारियों को प्रतिबंधित किया। प्रतिबंधित लाइसेंसधारियों की सूची IRCTC की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती है।
भारतीय रेलवे हर साल औसतन लगभग 58 करोड़ यात्रियों को खाना परोसता है। इसके बावजूद खाने की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें औसतन केवल 0.0008 प्रतिशत ही प्राप्त होती हैं। पिछले तीन वर्षों में मिली शिकायतों के आधार पर IRCTC ने नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की, जिसमें जुर्माना लगाने, कारण बताओ नोटिस जारी करने, कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारियों को प्रतिबंधित करने जैसे कदम शामिल हैं।
खाने की गुणवत्ता, साफ़-सफ़ाई, सुरक्षा और निर्धारित मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे और IRCTC के अधिकारी, जिनमें फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर भी शामिल हैं, नियमित तथा अचानक निरीक्षण करते हैं। इन निरीक्षणों में खाने की सुरक्षा, स्टाफ़ की तैनाती, उपकरणों के रखरखाव, साफ़-सफ़ाई, निर्धारित मानकों के अनुपालन तथा खाना रखने, स्टोर करने और तैयार करने की प्रक्रियाओं की विस्तृत जांच की जाती है, ताकि सर्वोत्तम खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
यात्रियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप अच्छी गुणवत्ता और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे लगातार कई सुधारात्मक कदम उठा रहा है। इसके तहत तय बेस किचन से भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और चुनिंदा स्थानों पर आधुनिक बेस किचन स्थापित किए गए हैं। भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की रियल-टाइम और प्रभावी निगरानी के लिए बेस किचन में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। भोजन तैयार करने में प्रतिष्ठित और ब्रांडेड कच्चे माल का चयन और उपयोग किया जा रहा है तथा खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों की निगरानी के लिए बेस किचन में फ़ूड सेफ़्टी सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं।
रेलवे ने ट्रेनों में IRCTC सुपरवाइज़र भी तैनात किए हैं। यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन के पैकेट पर QR कोड लगाया जा रहा है, जिससे खाद्य सुरक्षा, पारदर्शिता और यात्रियों की जागरूकता बढ़ सके। QR कोड के माध्यम से यात्रियों को पैकिंग की तारीख, लाइसेंसधारी का नाम और FSSAI लाइसेंस नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अलावा बेस किचन और पैंट्री कार में नियमित रूप से गहरी सफ़ाई और समय-समय पर कीड़े-मकोड़ों की रोकथाम के लिए पेस्ट कंट्रोल कराया जाता है। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) का सर्टिफ़िकेशन अनिवार्य किया गया है। ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से खाने के सैंपल लिए जाते हैं।
IRCTC अपने कैटरिंग स्टाफ़ को नियमित प्रशिक्षण भी देता है। इस प्रशिक्षण में कस्टमर सर्विस से जुड़े पहलुओं, जैसे बातचीत का तरीका, विनम्र व्यवहार, सर्विस स्टैंडर्ड, पर्सनल ग्रूमिंग और साफ़-सफ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके साथ ही पैंट्री कार और बेस किचन में साफ़-सफ़ाई तथा भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट कराया जाता है और ग्राहकों की संतुष्टि का सर्वे भी किया जाता है।
रेलवे और IRCTC के अधिकारी, जिनमें फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर भी शामिल हैं, नियमित और अचानक निरीक्षण के माध्यम से खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहते हैं। यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी।

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