भारतीय रेलवे ने सुरक्षित ट्रेन संचालन हेतु 16,398 किमी ट्रैक पर लगाई सुरक्षा फेंसिंग
उत्तर मध्य, दक्षिण मध्य और पश्चिम रेलवे में सर्वाधिक कवरेज के साथ लोनावला-पुणे-दौंड मार्ग पर 209.38 करोड़ रुपये की लागत से फेंसिंग और सबवे का कार्य जारी है।

भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाने और पटरियों पर होने वाले अतिक्रमण को रोकने के उद्देश्य से विभिन्न जोनों में रेलवे ट्रैक के किनारे 16,398 किमी तक सुरक्षा फेंसिंग प्रदान की जा रही है। भारतीय रेलवे द्वारा सभी रेलवे जोनों में पटरियों के किनारे 16,398 किमी लंबी सुरक्षा फेंसिंग का कार्य किया जा रहा है ताकि अतिक्रमण को रोका जा सके और ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित हो सके।
फेंसिंग कवरेज के प्रमुख आंकड़े और क्षेत्रीय विवरण
सुरक्षा फेंसिंग के उच्चतम कवरेज वाले क्षेत्रों में उत्तर मध्य रेलवे (2,721 किमी), दक्षिण मध्य रेलवे (2,326 किमी) और पश्चिम रेलवे (2,257 किमी) जोन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। "भारतीय रेलवे के विभिन्न जोनों में 16,398 किमी तक सुरक्षा फेंसिंग का प्रावधान अतिक्रमण को रोकने और सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए है।"
लोनावला-पुणे-दौंड मार्ग पर प्रगति और बजट
लोनावला-पुणे-दौंड मार्ग पर पैदल यात्री सबवे के साथ सुरक्षा फेंसिंग का कार्य निरंतर प्रगति पर है। इस मार्ग के कुल 290 किमी में से 150 किमी का कार्य ₹209.38 करोड़ की स्वीकृत राशि के तहत पूरा कर लिया गया है। यह परियोजना यात्रियों की सुरक्षा और सुगम रेल यातायात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। "लोनावला-पुणे-दौंड मार्ग पर 290 किमी में से 150 किमी का फेंसिंग कार्य ₹209.38 करोड़ की स्वीकृत राशि के तहत पूरा हो चुका है जिसमें पैदल यात्री सबवे भी शामिल हैं।"

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
