भारतीय रेलवे ने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' के तहत 5 नए सुधारों की घोषणा की
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माल ढुलाई, निर्माण मानकों और यात्री सुविधाओं में बदलाव किए; अब प्रस्थान से 30 मिनट पहले बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन।

भारतीय रेलवे ने अपनी महत्वाकांक्षी 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पहल के अंतर्गत पांच निर्णायक सुधारों को मंजूरी दी है, जिससे वर्ष 2026 के लिए कुल सुधारों की संख्या अब नौ हो गई है। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज इन बदलावों की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि इनका प्राथमिक उद्देश्य रेलवे की परिचालन दक्षता को बढ़ाना, निर्माण की गुणवत्ता में पारदर्शिता लाना और यात्री अनुभव को सुगम बनाना है। इन पांच नए सुधारों में से दो सीधे तौर पर माल ढुलाई से, एक बुनियादी ढांचा निर्माण से और दो यात्री सुविधाओं से संबंधित हैं।
माल ढुलाई क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाते हुए सरकार ने ऑटोमोबाइल उद्योग को नमक और वाहनों के परिवहन के लिए विशेष कंटेनर डिजाइन करने की अनुमति दे दी है। श्री वैष्णव ने बताया कि मौजूदा वैगन डिजाइन की सीमाओं, जैसे सिंगल या डबल-स्टैक कॉन्फ़िगरेशन और सुरंगों व पुलों के आयाम प्रतिबंधों (एसओडी) के कारण लचीलापन सीमित था, जिसे अब उद्योग की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार उच्च क्षमता वाले वैगन डिजाइन करने की छूट देकर हल किया गया है। इसी क्रम में नमक परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए टॉप-लोडिंग और साइड-डिस्चार्ज मैकेनिज्म वाले जंग-रोधी स्टेनलेस स्टील कंटेनर पेश किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने थोक सीमेंट नीति का उदाहरण देते हुए बताया कि सुधारों के कारण सीमेंट का लदान सितंबर 2025 के 37,000 टन से बढ़कर जनवरी 2026 तक 95,000 टन पहुंच गया है और ऐसी ही वृद्धि अब नमक व ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी अपेक्षित है।
परियोजनाओं के समय पर निष्पादन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु निर्माण मानकों में सात महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब ठेकेदारों की पात्रता के लिए क्षमता आकलन सीमा परियोजना मूल्य के 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है और अनुभव का 20 प्रतिशत हिस्सा रेलवे से संबंधित कार्यों, जैसे सिग्नलिंग और ट्रैक कार्य में होना अनिवार्य है। तुच्छ बोलियों को रोकने के लिए बोली सुरक्षा राशि 2 प्रतिशत निर्धारित की गई है और 10 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए बोली क्षमता का अनिवार्य मूल्यांकन होगा। भ्रष्टाचार और प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधानों के साथ ही उप-अनुबंध की सीमा 70 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे ठेकेदार को 60 प्रतिशत कार्य स्वयं के पर्यवेक्षण में करना होगा। इसके अलावा, अनुमानित लागत से 5 प्रतिशत से अधिक कम बोली लगाने पर अतिरिक्त 5 प्रतिशत प्रदर्शन गारंटी देना अनिवार्य होगा।
यात्री सुविधाओं के स्तर पर रेलवे ने टिकट प्रणाली के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। डेटा विश्लेषण के माध्यम से IRCTC प्रणाली से लगभग 3 करोड़ फर्जी खातों को हटाया गया है और आधार-आधारित ओटीपी सत्यापन व बॉट्स का पता लगाने वाली तकनीक पेश की गई है। टिकट रद्द करने की समय सीमा को संशोधित कर 72, 24 और 8 घंटे किया गया है, जबकि आरक्षण चार्ट अब प्रस्थान से 9-18 घंटे पहले तैयार होगा। यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि अब जल्द ही देशभर के किसी भी स्टेशन से काउंटर टिकट रद्द किए जा सकेंगे और ई-टिकटों के लिए टीडीआर की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है, जिससे रिफंड स्वतः ही संसाधित हो जाएगा।
एक अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सुधार के तहत यात्री अब ट्रेन के प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे और अपनी यात्रा श्रेणी को भी अपग्रेड कर पाएंगे। पूर्व में लागू किए गए सुधारों, जैसे गति शक्ति कार्गो टर्मिनल का विस्तार, रेलटेक नीति, ई-आरसीटी का डिजिटलीकरण और 86 चिन्हित ट्रेनों में ऑन-बोर्ड सफाई सेवाओं की प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया गया। रेलटेक नीति के तहत प्राप्त 123 प्रस्तावों में से 94 को अगले चरण के लिए चुना गया है। श्री अश्विनी वैष्णव ने विश्वास जताया कि ये सुधार न केवल पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे बल्कि भारतीय रेलवे को आधुनिक और विश्वसनीय अवसंरचना विकास प्रणाली के रूप में स्थापित करेंगे।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
