भारतीय रेलवे ने 57,200 नॉन-एसी कोच के साथ किफायती यात्रा को दिया बढ़ावा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में नई ट्रेनों के संचालन, किराया सब्सिडी और बुनियादी ढांचा विकास के आंकड़ों की जानकारी साझा की।

भारतीय रेलवे 57,200 नॉन-एसी कोच और 54 लाख नॉन-एसी सीटों के साथ प्रतिवर्ष 720 करोड़ यात्रियों को किफायती यात्रा प्रदान करता है। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में पूरे भारत में 245 नई ट्रेनें शुरू की गईं, 101 सेवाओं का विस्तार किया गया और 8 सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाई गई। दिसंबर 2025 तक 65,000 विशेष ट्रेनें चलाई गईं और 767 कोच स्थायी रूप से जोड़े गए।
आधुनिक ट्रेन सेवाओं का विस्तार
देश भर में वर्तमान में निम्नलिखित आधुनिक रेल सेवाएं संचालित हैं:
- 164 वंदे भारत चेयर कार सेवाएं।
- 2 वंदे भारत स्लीपर सेवाएं।
- 54 अमृत भारत सेवाएं।
- 4 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं।
वैश्विक स्तर पर न्यूनतम किराया संरचना
भारतीय रेलवे का यात्री किराया विश्व स्तर पर सबसे कम है; साधारण श्रेणी का किराया पाकिस्तान और श्रीलंका सहित पड़ोसी देशों की तुलना में 2.5 गुना सस्ता है। वंदे भारत जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों का किराया जापान की तुलना में 9 गुना और चीन की तुलना में 3 गुना सस्ता है।
2014 से बुनियादी ढांचा क्षेत्र में प्रगति
पिछले 11 वर्षों (2014-2025) के दौरान, देश के सभी परिवहन क्षेत्रों में अभूतपूर्व बुनियादी ढांचा निर्माण/संवर्धन कार्य किए गए हैं। इस अवधि के दौरान प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में हासिल की गई प्रगति निम्न प्रकार है:
- राष्ट्रीय राजमार्ग: राष्ट्रीय राजमार्ग/एक्सप्रेसवे नेटवर्क में लगभग 58,232 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग/एक्सप्रेसवे जोड़े गए हैं।
- रेलवे: लगभग 35,000 किलोमीटर नई रेलवे पटरियां बिछाई गई हैं।
- हवाई अड्डे: 90 नए चालू हवाई अड्डे जोड़े गए हैं।
- मेट्रो: मेट्रो नेटवर्क में 848 किलोमीटर की लंबाई और 21 और शहर जोड़े गए हैं।
इसलिए, बुनियादी ढांचे के विकास में बदलाव के अनुरूप परिवहन व्यवस्था में भी परिवर्तन हो रहा है।
गैर-एसी कोचों (सामान्य और स्लीपर कोच) पर ध्यान
अनारक्षित कोचों में यात्रा करने वाले यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए, रेलवे ने सामान्य श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की है। अकेले पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में, विभिन्न लंबी दूरी की ट्रेनों में 1250 सामान्य कोचों का उपयोग किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष (दिसंबर 2025 तक) में, 767 कोचों का उपयोग स्थायी रूप से किया गया है।
निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों की यात्रा मांग को पूरा करने के लिए, भारतीय रेलवे ने अगले 5 वर्षों में 17,000 गैर-एसी कोच (सामान्य/स्लीपर) के निर्माण का कार्य शुरू किया है।
कोचों और सीटों का वितरण विश्लेषण
भारतीय रेलवे में, गैर-एसी कोचों का प्रतिशत लगभग 70% है, जैसा कि नीचे दर्शाया गया है:
तालिका 1: कोचों का वितरण
- नॉन-एसी कोच (सामान्य और स्लीपर): ~57,200 (लगभग 70%)
- एसी कोच: ~25,000 (लगभग 30%)
- कुल कोच: ~82,200 (100%)
सीटों का वितरण:
- नॉन-एसी सीटें: ~54 लाख (लगभग 78%)
- एसी सीटें: ~15 लाख (लगभग 22%)
- कुल सीटें: ~69 लाख (100%)
यात्रियों की संख्या में निरंतर वृद्धि
किफायती यात्रा के लिए अनारक्षित गैर-एसी यात्री ट्रेनें/एमईएमयू/ईएमयू आदि संचालित की जाती हैं। यात्रियों की संख्या में वृद्धि का विवरण इस प्रकार है:
- 2022-23: ~82% (पिछला वर्ष 2021-22 कोविड वर्ष था)
- 2023-24: ~8%
- 2024-25: ~6%
ट्रेन संरचना और नई सेवाएं
मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की मौजूदा नीति के अनुसार, 22 कोचों वाली एक ट्रेन में 12 जनरल और स्लीपर क्लास नॉन-एसी कोच और 8 एसी कोच होते हैं। यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करने के अपने निरंतर प्रयास में, भारतीय रेलवे ने 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) के दौरान 245 ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं, 101 ट्रेन सेवाओं का विस्तार किया है और 8 सेवाओं की आवृत्ति भी बढ़ाई है।
नए डिज़ाइन के ट्रेनसेट का विवरण
"भारतीय रेलवे समाज के सभी वर्गों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है।"
- वंदे भारत सेवाएं (चेयर कार): आधुनिक कोच, उन्नत सुरक्षा और 164 सेवाएं।
- वंदे भारत स्लीपर सेवा: सुरक्षित एवं आरामदायक लंबी दूरी की 2 सेवाएं।
- अमृत भारत सेवा: किफायती और पूरी तरह गैर-एसी आधुनिक ट्रेनें (11 जनरल, 8 स्लीपर कोच)। वर्तमान में 54 सेवाएं।
- नमो भारत रैपिड रेल सेवा: उपनगरीय और क्षेत्रीय यात्रियों के लिए 4 सेवाएं।
त्योहारों के लिए विशेष ट्रेनें
होली, दिवाली, छठ और अन्य त्योहारों के लिए संचालित विशेष ट्रेनों की संख्या:
- 2023-24: ~40,500 विशेष रेल यात्राएं।
- 2024-25: ~85,400 विशेष रेल यात्राएं।
- 2025-26 (दिसंबर 2025 तक): लगभग 65,000 विशेष ट्रेनें।
किराया तुलना और सब्सिडी नीति
भारतीय रेलवे ने 2023-24 में यात्री टिकटों पर 60,466 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, जो प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 45% की छूट के बराबर है।
किराया तुलना (प्रति किमी):
- भारत: ~₹ 0.20
- पाकिस्तान: ~₹ 0.54 (2.5 गुना अधिक)
- बांग्लादेश: ~₹ 0.37 (1.5 गुना अधिक)
- श्रीलंका: ~₹ 0.5 (2.5 गुना अधिक)
वंदे भारत (सेमी हाई-स्पीड) किराया तुलना:
- भारत: ~₹ 2.19
- चीन: ~₹ 7 (3 गुना अधिक)
- जापान: ~₹ 20 (9 गुना अधिक)
- फ्रांस: ~₹ 13 (6 गुना अधिक)
किराया युक्तिकरण की प्रक्रिया
वंदे भारत में गतिशील किराया प्रणाली लागू करने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दो बार मामूली युक्तिकरण किया गया:
- 01.07.2025: 500 किमी तक कोई वृद्धि नहीं, उसके बाद आधा पैसा प्रति किमी की वृद्धि।
- 26.12.2025: 215 किमी तक कोई वृद्धि नहीं, उसके बाद एक पैसा प्रति किमी की वृद्धि।
"यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में प्रश्नों के उत्तर में दी।"

Pratahkal Bureau
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