मुंबई पोर्ट ने रविवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की, जब पहली बार किसी भी निर्यात वाहन खेप को सीधे रेल-मार्ग से इंडिरा डॉक में प्राप्त किया गया। गुजरात के साणंद प्लांट से चलीं 120 टाटा टियागो कारें, विशेष रेल रेक के जरिए मुंबई पोर्ट पहुंचीं, जहां से इन्हें दक्षिण अफ्रीका के डरबन के लिए रवाना किया जाएगा। यह कदम देश में ऑटोमोबाइल निर्यात के बढ़ते आयामों के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल लॉजिस्टिक्स की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत देता है।


मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने जानकारी दी कि टाटा मोटर्स की यह पूरी खेप एम/एस मित्सुई ओएसके लाइन्स की एजेंसी के तहत एमवी Pleiades Spirit जहाज़ से रवाना की जा रही है। साणंद के नज़दीक च़्हारोड़ी रेलवे स्टेशन से मात्र तीन किलोमीटर दूर स्थित प्लांट से एक समर्पित रेल रेक तैयार किया गया, जिसमें 24 एनएमजी-एचएस (न्यू मॉडिफाइड गुड्स–हाई स्पीड) वैगन शामिल थे। इन वैगनों में पांच-पांच कारें लोड की गईं, जिससे कुल 120 वाहनों को सड़क मार्ग की जगह सीधे रेल द्वारा भेजा जा सका।


यह उपलब्धि केवल लॉजिस्टिक कुशलता का उदाहरण नहीं, बल्कि स्थायी परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है। पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, सड़क से रेल की ओर यह बदलाव न सिर्फ ट्रैफिक बोझ और प्रदूषण कम करेगा, बल्कि बंदरगाह क्षेत्र में वाहन संचालन की सुरक्षा, गति और कार्य-सुविधा को भी मजबूती देगा। वाहनों की भारी संख्या को देखते हुए यह रेल-आधारित समाधान सार्वजनिक सड़कों पर ट्रेलर संचालन को काफी हद तक कम करता है, जिससे पर्यावरणीय लाभ भी सीधे तौर पर सामने आते हैं।


अधिकारियों ने बताया कि यह पहला मौका है जब मुंबई पोर्ट के इंडिरा डॉक ने किसी निर्यात-उन्मुख ऑटोमोबाइल खेप को रेलवे के जरिए प्राप्त किया है। यह उपलब्धि टाटा मोटर्स, मुंबई पोर्ट अथॉरिटी और लॉजिस्टिक साझेदारों की समन्वित कार्यप्रणाली का परिणाम है, जिसने मुंबई पोर्ट को एशिया के प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्यात गेटवे के रूप में और मजबूत किया है।


MbPA ने निर्यातकों से अपील की है कि वे रेल-आधारित लॉजिस्टिक विकल्पों को प्राथमिकता दें, ताकि शहर की सड़कों पर दबाव कम हो और बंदरगाह के भीतर संचालन अधिक सुव्यवस्थित हो सके। पर्यावरण संरक्षण, सुगम व्यापार और भविष्य-तैयार लॉजिस्टिक सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए अथॉरिटी ने इस मॉडल शिफ्ट को अपने दीर्घकालिक विज़न का हिस्सा बताया है।


मुंबई पोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि वह आगे भी हर संभव कदम उठाएगी, जिससे बंदरगाह से गुजरने वाला व्यापार न केवल तेज़ और सुरक्षित रहे, बल्कि हरित और वैश्विक मानकों के अनुरूप भी विकसित हो सके।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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