खेल-कूद से लेकर बड़े प्रोजेक्ट्स तक; मध्य रेल बनी कामयाबी की पटरि
मध्य रेल ने एक साथ तीन बड़े राष्ट्रीय सम्मान जीतकर नया इतिहास रच दिया है। खेल, संस्कृति और समग्र दक्षता में यह उपलब्धि संगठन की बहुमुखी उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

भारतीय रेलवे के गौरवशाली इतिहास में मध्य रेल ने एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। खेल, संस्कृति और समग्र दक्षता के क्षेत्र में अपने असाधारण प्रदर्शन से मध्य रेल ने एक साथ तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतकर नई मिसाल कायम की है। समग्र दक्षता के लिए प्रदान की जाने वाली पंडित गोविंद बल्लभ पंत शील्ड, खेलों में उत्कृष्टता के लिए कौल गोल्ड कप और अंतर रेलवे सांस्कृतिक प्रतियोगिता में विजेता बनने पर प्राप्त आईआरसीसी रनिंग कल्चरल कॉम्पिटिशन शील्ड ये तीनों सम्मान मध्य रेल को एक साथ प्राप्त हुए। यह उपलब्धि न केवल संगठन की क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि खेल और संस्कृति को भी समान महत्व देने वाली संतुलित कार्यसंस्कृति का प्रमाण है।
समग्र दक्षता में सर्वोच्च सम्मान :
21 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भव्य समारोह में मध्य रेल के महाप्रबंधक धर्म वीर मीना ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत शील्ड ग्रहण की। यह शील्ड सभी रेलवे जोनों (पूर्वोत्तर रेलवे के साथ संयुक्त रूप से) में उत्कृष्ट समग्र प्रदर्शन के लिए प्रदान की जाती है। यातायात परिचालन, निर्माण और अन्य प्रमुख दक्षताओं में निरंतर उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए मध्य रेल को यह सम्मान मिला है।
खेलों में शानदार जीत :
खेल के क्षेत्र में भी मध्य रेल ने अपने खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और लगन से परचम लहराया। विभिन्न खेल विधाओं में उपलब्धियों के दम पर मध्य रेल को कौल गोल्ड कप से सम्मानित किया गया। यह कप भारतीय रेलवे का वह प्रतिष्ठित सम्मान है, जो सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जोन को प्रदान किया जाता है। इस उपलब्धि ने साबित किया कि मध्य रेल न केवल संचालन और निर्माण में, बल्कि खेलों में भी अग्रणी है।
संस्कृति में पहली ऐतिहासिक सफलता :
इतना ही नहीं, पहली बार मध्य रेल ने आईआरसीसी रनिंग कल्चरल कॉम्पिटिशन शील्ड जीतकर इतिहास रच दिया। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्य रेल इस बार समग्र विजेता बना। यह जीत मध्य रेल सांस्कृतिक अकादमी के कलाकारों की उत्कृष्ट प्रतिभा और उनके निरंतर अभ्यास का परिणाम है। इसमें सभी मंडलों और कारखानों के कलाकारों ने शानदार योगदान दिया। इस सफलता के पीछे महाप्रबंधक श्री धर्म वीर मीना और प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री अरविंद मालखेड़े सहित पूरी टीम के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन का अहम योगदान रहा।
एक साथ तीन सम्मान बनी एक नई मिसाल :
तीनों प्रतिष्ठित पुरस्कार पंडित गोविंद बल्लभ पंत शील्ड, कौल गोल्ड कप और सांस्कृतिक प्रतियोगिता शील्ड को एक साथ प्राप्त करना मध्य रेल की बहुमुखी प्रतिभा और उत्कृष्टता का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सुदृढ़ योजना, प्रतिभा का सही विकास और लगातार प्रयास से किसी भी क्षेत्र में असाधारण सफलता पाई जा सकती है।
मध्य रेल ने यह सिद्ध कर दिया है कि केवल परिचालन दक्षता ही नहीं, बल्कि खेल और संस्कृति जैसे मानवीय मूल्यों को भी संगठनात्मक विकास का हिस्सा बनाया जा सकता है। भारतीय रेलवे के ध्वजवाहक के रूप में मध्य रेल की यह ऐतिहासिक सफलता आने वाले समय में अन्य रेलवे जोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
