AI से मोबाइल तक; भारत में तैयार होंगी अल्ट्रा मॉडर्न चिप्स
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग तेज़ी से बुलंदियों को छू रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसका वर्तमान मूल्य अब 11.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बेंगलुरु में सेमीकंडक्टर डिज़ाइन से जुड़ी कंपनी एआरएम के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एआई सर्वर, ड्रोन और मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले 2 नैनोमीटर के सबसे उन्नत चिप्स अब भारत में डिज़ाइन किए जाएंगे।
मंत्री ने इसे भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ सेमीकंडक्टर ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े उपकरणों और सामग्रियों के डिजाइन व उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बनना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस क्षेत्र के लिए अगले 20 वर्षों की स्पष्ट दृष्टि तय की गई है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र छह गुना बढ़कर 11.5 लाख करोड़ रुपये का उद्योग बन गया है। वहीं निर्यात में भी आठ गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन और लैपटॉप की असेंबली से शुरू हुआ सफर अब उनके मॉडल, कंपोनेंट्स और तैयार सामग्रियों के उत्पादन तक पहुंच गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि देशभर के 278 संस्थान और विश्वविद्यालय सेमीकंडक्टर डिजाइन व इनोवेशन पर काम कर रहे हैं। इनमें से 25 संस्थानों के छात्रों द्वारा डिज़ाइन की गई 28 चिप्स पहले ही तैयार हो चुकी हैं। वैष्णव ने कहा कि भारत अपने सेमीकंडक्टर मिशन के पहले चरण को पूरा कर चुका है और अब दूसरे चरण की ओर बढ़ रहा है, जिसमें उपकरणों और सामग्रियों के घरेलू उत्पादन पर ज़ोर दिया जाएगा। इस अवसर पर, कार्बोरंडम यूनिवर्सल लिमिटेड (CUMI) ने भी सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले उच्च परिशुद्धता वाले घटकों और सामग्रियों का प्रदर्शन किया।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
