पूर्व मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में 51.56 मिलियन टन माल लदान कर नया रिकॉर्ड बनाया है। धनबाद मंडल की शानदार उपलब्धि और मकई व सीमेंट के नए लदान से रेल राजस्व में हुई वृद्धि की पूरी जानकारी यहाँ विस्तार से जानें।

हाजीपुर। पूर्व मध्य रेल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में माल लदान के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। अप्रैल से जून महीने तक की इस अवधि में रेल प्रशासन ने रिकॉर्ड 51.56 मिलियन टन माल का लदान किया है। इससे पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 51.50 मिलियन टन माल का लदान दर्ज किया गया था। माल ढुलाई से पूर्व मध्य रेल को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7996.59 करोड़ रुपये का प्रारंभिक राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 7942.36 करोड़ रुपये था।
जून माह में माल लदान के दौरान कई नए माइलस्टोन भी स्थापित किए गए। समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले कुमारबाग एवं नारायणपुर अनंत गुड्स शेड से पहली बार मकई का लदान किया गया। इन दोनों गुड्स शेड से कुल 09 रेक मकई लोड की गई, जिससे रेलवे को 3.98 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इसी क्रम में धनबाद मंडल के सलाईबनवा गुड्स शेड से पहली बार दो रेक सीमेंट का लदान सफलतापूर्वक किया गया, जिससे 11.92 लाख रुपये का प्रारंभिक राजस्व प्राप्त हुआ।
इस उपलब्धि में धनबाद मंडल का योगदान सबसे अधिक उल्लेखनीय रहा है। धनबाद मंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कुल 51.42 मिलियन टन माल का लदान किया। इसके परिणामस्वरूप मंडल को कुल 6417.41 करोड़ रुपये का प्रारंभिक राजस्व हासिल हुआ है। खास बात यह है कि 51.42 मिलियन टन के इस लदान के साथ धनबाद मंडल भारतीय रेल के सभी मंडलों की सूची में प्रथम तिमाही में माल लदान के मामले में शीर्ष स्थान पर रहा है।

