ट्रेन के इंजन में मिला अजगर का बच्चा, सीएसएमटी पर सुरक्षित रेस्क्यू; वन्यजीव संरक्षण का बना उदाहरण
मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस के इंजन में मिला भारतीय रॉक अजगर का बच्चा। रेलवे कर्मचारियों और पशु कल्याण अधिकारी की तत्परता से हुआ सुरक्षित रेस्क्यू, बिना प्रभावित हुए ट्रेन संचालन।

मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन पर 24 जून 2026 को मडगांव से आई जनशताब्दी एक्सप्रेस के इंजन कैब में मिले भारतीय रॉक अजगर के बच्चे को रेलवे कर्मियों और पशु कल्याण अधिकारी ने सुरक्षित निकाला।
मुंबई के व्यस्ततम रेलवे टर्मिनसों में से एक छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर बुधवार तड़के उस समय एक असामान्य घटना सामने आई, जब मडगांव-सीएसएमटी जनशताब्दी एक्सप्रेस के इंजन में एक भारतीय रॉक अजगर (इंडियन रॉक पाइथन) का बच्चा पाया गया। रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते अजगर के बच्चे को सुरक्षित रूप से बचा लिया गया तथा बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
मध्य रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 24 जून 2026 को ट्रेन संख्या 12052 मडगांव-सीएसएमटी जनशताब्दी एक्सप्रेस के सीएसएमटी के प्लेटफॉर्म संख्या 11 पर रात 12:45 बजे पहुंचने के बाद लोको पायलट एन. के. परसोया ने इंजन संख्या 22936/SRC/CAB2/WAP4 के कैब नंबर-2 (मुंबई छोर के कार्यरत कैब) में एक अजगर के बच्चे को देखा। उन्होंने तत्काल अपने रिलीवर लोको पायलट ओमप्रकाश राम को इसकी सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित रेलवे अधिकारियों को सतर्क किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य के मानद पशु कल्याण अधिकारी अभिषेक अशोक ठावरे मौके पर पहुंचे। सभी आवश्यक सावधानियां बरतते हुए करीब 1:40 बजे अजगर के बच्चे का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान रेल संचालन पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा और ट्रेन परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भारतीय रॉक पाइथन भारत में पाया जाने वाला एक विषहीन सर्प है, जिसे भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति का दर्जा प्राप्त है। यह प्रजाति पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और खाद्य श्रृंखला का एक अहम हिस्सा मानी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय अजगर के अंडों से बच्चों के निकलने का मौसम है। मुंबई और महाराष्ट्र में मानसून सक्रिय होने के कारण वन्यजीव अक्सर सुरक्षित आश्रय की तलाश में मानव बस्तियों या अन्य संरक्षित स्थानों की ओर रुख कर लेते हैं। संभावना जताई गई है कि बारिश से बचने या सुरक्षित स्थान की तलाश में यह अजगर का बच्चा इंजन में प्रवेश कर गया होगा और उसी माध्यम से सीएसएमटी तक पहुंच गया।
मध्य रेलवे ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में घबराने या स्वयं सर्प को पकड़ने अथवा नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू दल से संपर्क किया जाना चाहिए, ताकि मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।
मध्य रेलवे ने लोको पायलटों की सतर्कता और पशु कल्याण अधिकारी की त्वरित सहायता की सराहना करते हुए कहा कि इस सफल रेस्क्यू अभियान ने सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित किया है। यह घटना मानसून के दौरान सतर्कता और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व के महत्व का भी महत्वपूर्ण संदेश देती है।

Pratahkal Bureau
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