मध्य रेल पर श्रमदान से गूँजा 'स्वच्छता ही सेवा अभियान'..
मध्य रेल के महाप्रबंधक और रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (यातायात) ने स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025 के अंतर्गत मध्य रेल पर श्रमदान पहल- एक दिन, एक घंटा, एक साथ का शुभारंभ किया

मुंबई। स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से भारतीय रेल पर चल रहे “स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025” को नई गति तब मिली, जब मध्य रेल के महाप्रबंधक धर्म वीर मीना और रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (यातायात) देवेंद्र कुमार ने गुरुवार, 25 सितंबर 2025 को “श्रमदान पहल—एक दिन, एक घंटा, एक साथ” का शुभारंभ किया। यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी तिथि पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती भी मनाई जाती है।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्थित नए प्रशासनिक भवन के बाहर फुटपाथ की सफाई करते हुए शीर्ष अधिकारियों ने इस अभियान की प्रतीकात्मक शुरुआत की। महाप्रबंधक धर्म वीर मीना और अतिरिक्त सदस्य (यातायात) देवेंद्र कुमार के साथ मध्य रेल के अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी तथा प्रधान विभागाध्यक्ष भी इस श्रमदान में शामिल हुए। मुंबई मंडल के मंडल रेल प्रबंधक हिरेश मीना, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी भी इस पहल का हिस्सा बने।
श्रमदान के दौरान रेलवे कर्मचारियों ने “स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत” के नारों के साथ जनता को जागरूक करने का प्रयास किया। वातावरण में स्वच्छता और सेवा की भावना साफ झलक रही थी। कार्यक्रम का समापन महाप्रबंधक की अपील के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी से आग्रह किया कि रेलवे की प्रत्येक गतिविधि में स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए और इसे एक सतत आदत के रूप में अपनाया जाए।
इस अवसर पर उपनगरीय खंड के मोटरमैन लॉबी के बाहर कारखाना कर्मचारियों ने आकर्षक रंगोली बनाकर कार्यक्रम की शोभा और बढ़ा दी। रंगोली ने न केवल “स्वच्छता ही सेवा-2025” अभियान की थीम को रेखांकित किया, बल्कि यह स्वयंसेवा और जनभागीदारी की एक सुंदर झलक भी बनी।
अभियान के अंतर्गत मध्य रेल के मुख्यालय और सभी मंडलों के अधिकारी व कर्मचारी वर्ष भर में स्वच्छता गतिविधियों के लिए 100 घंटे समर्पित करने का संकल्प ले चुके हैं। इसका उद्देश्य केवल रेलवे परिसरों की साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के बीच स्वच्छता को जीवनशैली के रूप में अपनाने की प्रेरणा देना भी है। इस अभियान के दौरान विभिन्न मंडलों में जन जागरूकता कार्यशालाएँ, संवाद और रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
“स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025” इस वर्ष “स्वच्छोत्सव” थीम के साथ मनाया जा रहा है। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य आकर्षण एक समन्वित श्रमदान कार्यक्रम है, जिसमें देशभर के अधिकारी और कर्मचारी एक ही दिन, एक ही समय पर एक घंटे के लिए श्रमदान करते हैं। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रव्यापी भागीदारी को प्रदर्शित करना और यह संदेश देना है कि स्वच्छ भारत का सपना केवल सरकार या संस्थाओं का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक संकल्प है।
मध्य रेल की इस पहल ने यह साबित किया कि जब प्रशासन, कर्मचारी और समाज एक साथ मिलकर प्रयास करते हैं, तो स्वच्छता केवल एक जिम्मेदारी नहीं रहती, बल्कि एक उत्सव का रूप ले लेती है। यही “स्वच्छोत्सव” की असली भावना है—एक ऐसा सामूहिक उत्सव, जो न केवल वातावरण को स्वच्छ बनाता है बल्कि नागरिकों को नई ऊर्जा और प्रेरणा भी प्रदान करता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
