स्वच्छ स्टेशन अभियान: सोलापुर मंडल ने स्वच्छता पखवाड़ा 2025 में गढ़ी नई मिसाल
सोलापुर मंडल ने स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के तहत प्रमुख और छोटे स्टेशनों पर गहन सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता और जागरूकता की नई मिसाल पेश की। इस दौरान प्लेटफॉर्म, शौचालय, पटरियों और सौर ऊर्जा पैनलों की सफाई के साथ यात्रियों से स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने की अपील की गई।

सोलापुर। "स्वच्छ रेल–स्वच्छ भारत" के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मध्य रेल के सोलापुर मंडल ने स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के तीसरे और चौथे दिन (3 और 4 अक्टूबर) विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर अपनी प्रतिबद्धता को नई ऊँचाई दी। इस दौरान सोलापुर, कलबुरगी, वाडी, कुर्डुवाडी, लातूर, पंढरपुर जैसे बड़े स्टेशनों से लेकर अरग, नागणसुर, सांगोला, मोहोल और ताज सुल्तानपुर जैसे छोटे स्टेशनों तक पर सफाई और जागरूकता की अलख जगाई गई।
अभियान की शुरुआत 3 अक्टूबर को हुई, जब मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर गहन सफाई की कार्यवाही की गई। प्लेटफॉर्म, शौचालय, जल निकासी प्रणालियों, कार्यालयों और यात्री सुविधाओं की सूक्ष्म सफाई सुनिश्चित की गई। सफाई के दौरान यह भी परखा गया कि सफाईकर्मी आवश्यक उपकरणों और सुरक्षात्मक साधनों से लैस हों। इस अवसर पर रेलवे की ओर से गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण पर विशेष बल दिया गया। प्रमुख स्टेशनों पर दोहरे प्रकार के डस्टबिन लगाए गए, जहाँ बायोडिग्रेडेबल और नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की गई।
रेलवे के कैरिज एंड वैगन विभाग ने जल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी की। वाटर हाइड्रेंट पाइपों की स्टैकिंग और ब्रैकेटिंग की जाँच की गई ताकि परिचालन और रखरखाव में किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी यांत्रिक और विद्युत उपकरण सुचारु रूप से कार्य करें।
अगले दिन, यानी 4 अक्टूबर को, अभियान छोटे और मध्यम श्रेणी के स्टेशनों तक पहुँचा। अरग, केम, ढवलस, सांगोला, सलगरे, वाकाव, मलिकपेठ, अनगर, पारेवाडी, जेऊर, बोरोटी, हिरेनंदुरु जैसे स्टेशनों पर प्लेटफार्म, पटरियों और आसपास के क्षेत्रों की गहन सफाई की गई। जहाँ भी शौचालय उपलब्ध थे, उन्हें व्यवस्थित रूप से धोकर यात्रियों के उपयोग हेतु स्वच्छ बनाया गया।
सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। स्टेशनों पर की गई घोषणाओं में यात्रियों से एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का त्याग करने की अपील की गई। उन्हें इसके पर्यावरणीय दुष्प्रभाव बताए गए और यात्रा के दौरान कचरा न फैलाने की सलाह दी गई। यात्रियों को रेलवे परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में भागीदार बनने का आह्वान किया गया।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मंडल ने तकनीकी पक्ष पर भी ध्यान केंद्रित किया। विद्युत विभाग ने विभिन्न स्टेशनों पर स्थापित रूफटॉप सौर पैनलों का निरीक्षण किया। उनकी सफाई और कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई ताकि ऊर्जा उत्पादन अधिकतम हो और स्थायित्व सुनिश्चित हो। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा, बल्कि स्टेशन परिसर का कार्बन फुटप्रिंट भी घटेगा।
यात्रियों की संख्या और स्टेशनों के आकार को देखते हुए डस्टबिन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। जहाँ प्रमुख स्टेशनों पर कचरे के पृथक्करण हेतु दोहरे प्रकार के डस्टबिन लगाए गए, वहीं छोटे स्टेशनों पर एकल डस्टबिन पर्याप्त संख्या में रखे गए। स्टेशन प्रबंधकों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई कि उनका उचित स्थान और उपयोग बना रहे।
यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक संदेश भी बन गया कि रेलवे न सिर्फ यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा देना चाहता है, बल्कि उनके लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित करना चाहता है। इस दौरान रेलवे कर्मचारियों का समर्पण और यात्रियों की सहभागिता, दोनों ने मिलकर इस पहल को और भी सशक्त बनाया।
स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत सोलापुर मंडल की यह पहल "स्वच्छ रेल–स्वच्छ भारत" अभियान की मूल भावना को जीवंत करती है। यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस विश्वास का प्रतीक है जिसके अंतर्गत रेलवे अपने यात्रियों के लिए स्वच्छ, हरित और आधुनिक स्टेशनों का वादा करता है। आने वाले दिनों में यह अभियान न सिर्फ रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाएगा, बल्कि यात्रियों में भी स्वच्छता को आदत के रूप में स्थापित करने में योगदान देगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
