रेशीम कोकून परिवहन में मध्य रेल की बड़ी सफलता: पंढरपुर और कलबुर्गी से रामनगरम तक अब सीधे संपर्क
मध्य रेल्वे के सोलापूर विभाग ने रेशीम कोकून परिवहन में नया मील का पत्थर स्थापित किया है। अब पंढरपुर और कलबुर्गी से कर्नाटक के रामनगरम तक सीधे रेशीम कोकून की मालवाहतूक संभव, शेतकऱों को किफायती और तेज़ लॉजिस्टिक विकल्प मिलेगा।

मध्य रेल्वे के सोलापूर विभाग ने 27 नवंबर 2025 को रेशीम कोकून परिवहन में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। अब पंढरपुर और कलबुर्गी के रेशम केंद्रों से कर्नाटक के रामनगरम, जो आशियाई क्षेत्र का सबसे बड़ा रेशीम कोष व्यापार केंद्र है, तक सीधे रेशीम कोकून की मालवाहतूक संभव हो गई है। यह पहल सरकार के उस दृष्टिकोण का परिणाम है, जिसमें शेतकऱों को किफायती और सीधे बाजार तक पहुँचाने पर जोर दिया गया है।
सोलापूर विभाग की समर्पित व्यवसाय विकास इकाई द्वारा कई महीनों की योजनाबद्ध और सतत कोशिशों के बाद यह सुविधा शुरू हो सकी। पहले भी पंढरपुर-म्हैसूर गोल गुंबज एक्सप्रेस और बागलकोट-म्हैसूर बसवा एक्सप्रेस द्वारा रामनगरम तक रेल संपर्क था, लेकिन ट्रेन का रामनगरम में केवल पांच मिनट से भी कम समय का ठहराव होने के कारण रेशीम कोकून का थेट बुकिंग संभव नहीं हो पाता था।
इस समस्या का समाधान करने और शेतकऱों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के लिए मध्य रेल और दक्षिण पश्चिम रेल ने संयुक्त प्रयास किए। मध्य रेल ने लोडिंग की जिम्मेदारी संभाली, जबकि दक्षिण पश्चिम रेल ने अनलोडिंग का कार्य किया। इस संयुक्त प्रयास से पहली बार शेतकऱों के लिए रेशीम कोकून की सीधे बुकिंग की सुविधा उपलब्ध हुई।
नई सुविधा का लाभ तुरंत मिला। पंढरपुर के एक शेतकरी समूह ने पहले ही दिन 1,500 किलो वजन के 38 पोते रेशीम कोकून बुक किए। इससे न केवल रेल को नया राजस्व स्रोत मिला, बल्कि शेतकऱों को प्रति किलो 5 रुपये से कम लागत में अत्यंत किफायती परिवहन का विकल्प भी मिला। रेल्वे आधारित मालवाहतूक सड़क या अन्य साधनों की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक सस्ती और तेज तथा सुरक्षित साबित हो रही है।
इस नई सेवा से पंढरपुर, सोलापूर और कलबुर्गी से रामनगरम तक रेशीम कोकून की किफायती, एंड-टू-एंड मालवाहतूक सुनिश्चित होगी। शेतकऱों को अब सीधे बाजार तक पहुँच मिलेगा और लॉजिस्टिक लागत में भी महत्वपूर्ण कमी आएगी। यह पहल उन अमृत संवाद कार्यक्रमों का प्रत्यक्ष परिणाम है, जो पंढरपुर और कलबुर्गी में आयोजित किए गए थे, जहां रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने शेतकऱों और उपयोगकर्ताओं से सीधे संवाद किया।
सोलापूर विभाग, जो साखर उद्योगों के साथ-साथ प्रमुख फल उत्पादक क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है, कृषि-आधारित मालवाहतूक को बढ़ावा देने और क्षेत्र के आर्थिक विकास को तेज करने के लिए कार्यक्षम और ग्राहक-अनुकूल रेल सेवाओं के माध्यम से निरंतर प्रयासरत है।
16536 गोल गुंबज एक्सप्रेस पंढरपुर से दोपहर 2:00 बजे और सोलापूर से 3:30 बजे रवाना होती है। वहीं 17308 बसवा एक्सप्रेस सोलापूर से 19:30 बजे और कलबुर्गी से 21:15 बजे रामनगरम के लिए प्रतिदिन चलती है। मध्य रेल सोलापूर विभाग शेतकऱों से अपील करता है कि वे इस दैनिक रेल सेवा का लाभ अवश्य उठाएं।

Pratahkal Bureau
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