धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस-2025 पर नागपुर में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मध्य रेल ने यात्रियों की सुविधा हेतु 20 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। ये ट्रेनें महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों से नागपुर तक अनुयायियों को समय पर पहुँचाने में सहायक होंगी।


मुंबई। धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस, वह ऐतिहासिक अवसर है जिसने भारतीय समाज और इतिहास को नई दिशा दी। यही वह दिन है जब डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 को अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म स्वीकार किया था। हर वर्ष इस दिन देशभर से लाखों अनुयायी नागपुर में दीक्षाभूमि पर एकत्रित होते हैं और बाबासाहेब को नमन करते हुए इस ऐतिहासिक क्षण को स्मरण करते हैं। आने वाले अक्टूबर में भी जब लाखों श्रद्धालु यात्रा करेंगे, तो उनके सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए मध्य रेल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मध्य रेल ने घोषणा की है कि धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस-2025 के अवसर पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित और सुविधाजनक बनाने हेतु कुल 20 विशेष ट्रेन सेवाएं चलाई जाएंगी। इनमें आरक्षित और अनारक्षित दोनों प्रकार की विशेष ट्रेनें शामिल होंगी, जो महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों से नागपुर तक अनुयायियों को पहुँचाएंगी।

इनमें से सबसे पहले नागपुर-अकोला-नागपुर के बीच दो आरक्षित विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। 2 अक्टूबर को नागपुर से रवाना होने वाली पहली ट्रेन उसी रात अकोला पहुँचेगी, जबकि 3 अक्टूबर को अकोला से लौटने वाली ट्रेन यात्रियों को पुनः नागपुर लेकर आएगी। इन ट्रेनों में वातानुकूलित और शयनयान श्रेणी के कोचों का समावेश होगा, ताकि लंबी दूरी की यात्रा में यात्रियों को सुविधा मिल सके।

अनारक्षित विशेष ट्रेनों की संख्या सबसे अधिक रखी गई है, क्योंकि धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस पर सामान्य श्रेणी के यात्रियों की ही भीड़ सबसे ज्यादा होती है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मुंबई) से नागपुर तक दो अनारक्षित विशेष ट्रेनें चलेंगी, जो दादर, ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, अकोला जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इसी प्रकार पुणे और सोलापुर से भी नागपुर के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। यह पहल उन हजारों अनुयायियों को राहत देगी जो पश्चिम महाराष्ट्र से नागपुर पहुँचने के लिए हर साल लंबी दूरी तय करते हैं।

भीड़ प्रबंधन को देखते हुए नागपुर और भुसावल के बीच छह अनारक्षित विशेष ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। इनमें से तीन ट्रेनें नागपुर से रवाना होंगी और तीन भुसावल से लौटकर यात्रियों को पुनः नागपुर लेकर आएंगी। इन ट्रेनों का समय इस प्रकार तय किया गया है कि अनुयायी समय पर कार्यक्रमों में शामिल होकर लौट सकें।

नासिक रोड से नागपुर के बीच भी इस वर्ष विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। यहाँ से मेमू अनारक्षित विशेष ट्रेनों की कुल छह सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ये ट्रेनें 1 अक्टूबर से 4 अक्टूबर के बीच अलग-अलग समय पर चलाई जाएंगी, जिनमें 8 डिब्बों का मेमू रैक लगाया जाएगा। नासिक रोड, मनमाड, भुसावल और अन्य प्रमुख स्टेशनों से गुजरने वाली ये ट्रेनें बड़ी संख्या में यात्रियों को नागपुर तक पहुँचाने में सहायक होंगी।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित विशेष ट्रेनों की बुकिंग सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों और आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। वहीं अनारक्षित विशेष ट्रेनों के टिकट सामान्य शुल्क पर यूटीएस मोबाइल एप और टिकट खिड़कियों से जारी किए जाएंगे। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त, विस्तृत समय-सारिणी और ठहराव की जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और एनटीईएस ऐप का उपयोग करने की अपील की गई है।

धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस केवल धार्मिक आयोजन भर नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता का प्रतीक भी है। यह दिन बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों, उनके संघर्ष और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग का स्मरण कराता है। लाखों अनुयायियों के लिए यह यात्रा सिर्फ रेल के साधन से गंतव्य तक पहुँचना नहीं, बल्कि एक आस्था और संकल्प की यात्रा है। मध्य रेल द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करेगा बल्कि इस ऐतिहासिक अवसर की गरिमा को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

इस प्रकार, 20 विशेष ट्रेनों की यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि बाबासाहेब को नमन करने आने वाला कोई भी अनुयायी यात्रा की कठिनाइयों से न जूझे। यह रेलवे की सामाजिक जिम्मेदारी और ऐतिहासिक अवसरों के प्रति उसकी संवेदनशीलता का प्रमाण भी है।


Updated On 30 Sept 2025 5:06 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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