मध्य रेलवे ने माल ढुलाई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए महाराष्ट्र के येवला गुड्स शेड से पहली बार बांग्लादेश के लिए निर्यात खेप रवाना की है। 23 अक्टूबर 2026 को 50 बीटीपीएन वैगनों में 2,714 टन शीरा भरकर बांग्लादेश के बेनापोल भेजा गया। इस माल ढुलाई से रेलवे को 1.11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

यह निर्यात खेप मेसर्स श्री लक्ष्मी एक्सपोर्ट्स की ओर से भेजी गई। इस अंतरराष्ट्रीय माल परिवहन के लिए इंडेंट 2 अक्टूबर 2026 को पंजीकृत किया गया था। इसके साथ ही येवला गुड्स शेड से बांग्लादेश के लिए एक नए निर्यात परिवहन मार्ग की शुरुआत हुई।

अब तक येवला गुड्स शेड का उपयोग मुख्य रूप से प्याज और मक्का की माल ढुलाई के लिए किया जाता रहा है। यहां से पहली बार शीरे का निर्यात शुरू होना और खेप की सफल बुकिंग होना माल परिवहन कारोबार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे रेल आधारित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने और नए निर्यात माल की ढुलाई के माध्यम से राजस्व बढ़ाने के प्रयासों को मजबूती मिली है।

यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के लिए नए माल परिवहन अवसरों की पहचान करने और निर्यातोन्मुखी माल को आकर्षित करने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों को भी दर्शाती है। मध्य रेलवे ने इस पहल के तहत बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स (बीडीयू) की स्थापना की है, जिनका उद्देश्य माल ढुलाई के नए अवसर तलाशना और रेलवे के माल परिवहन कारोबार का विस्तार करना है।

मध्य रेलवे की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह उपलब्धि येवला गुड्स शेड के पारंपरिक माल परिवहन से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय निर्यात ढुलाई में प्रवेश को दर्शाती है। प्रेस विज्ञप्ति 24 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। इसका प्रेस विज्ञप्ति क्रमांक 2026/10/44 है। इसे मध्य रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने जारी किया।

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