सेंट्रल रेलवे के विस्टाडोम कोचों ने पिछले तीन वर्षों में लगातार बढ़ती लोकप्रियता दर्ज करते हुए कई मार्गों पर 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्युपेंसी हासिल की है। रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रीमियम पर्यटन और सीनिक रेल यात्रा के प्रति यात्रियों की बढ़ती रुचि के चलते इन कोचों की मांग, राजस्व और ऑक्युपेंसी स्तरों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान प्रमुख सेंट्रल रेलवे ट्रेनों में संचालित विस्टाडोम कोचों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यात्रियों की प्राथमिकता अब आरामदायक और अनुभव-आधारित यात्रा की ओर तेजी से बढ़ रही है। इन तीन वित्तीय वर्षों में कुल 11,878 ट्रिप्स में 5.33 लाख यात्रियों ने यात्रा की और कुल 81.29 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में सेंट्रल रेलवे ने 3,982 विस्टाडोम ट्रिप्स संचालित किए, जिनमें 1,76,404 यात्रियों ने यात्रा की और 26.50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान औसत ऑक्युपेंसी 91.36 प्रतिशत रही। इसके बाद वर्ष 2024-25 में 3,930 ट्रिप्स में 1,76,608 यात्रियों ने सफर किया और 26.83 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ, जिसमें ऑक्युपेंसी बढ़कर 92.56 प्रतिशत हो गई। वर्ष 2025-26 में प्रदर्शन और बेहतर हुआ, जब 3,966 ट्रिप्स में 1,80,466 यात्रियों ने यात्रा की और 27.96 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि औसत ऑक्युपेंसी 93.67 प्रतिशत तक पहुंच गई।

विस्टाडोम कोच विशेष रूप से पर्यटन को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए हैं और इन्हें मुंबई–पुणे (भोर घाट/पश्चिमी घाट), मुंबई–मडगांव (कोंकण मार्ग) और पुणे–सिकंदराबाद जैसे सुंदर प्राकृतिक दृश्यों वाले मार्गों पर चलाया जाता है। इन कोचों में पारदर्शी कांच की छत उपलब्ध है, जो यात्रियों को आकाश और पहाड़ी दृश्यों का विहंगम अनुभव देती है। इसके साथ ही बड़े और चौड़े साइड विंडो घाटियों, झरनों, सुरंगों, नदियों और पहाड़ियों के निर्बाध दृश्य प्रदान करते हैं।

इन कोचों में 180 डिग्री रोटेटेबल सीटें उपलब्ध हैं, जिनसे यात्री अपनी सुविधा अनुसार दिशा बदल सकते हैं या समूह में आमने-सामने बैठ सकते हैं। पुशबैक रिक्लाइनर सीटें यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाती हैं। कोच में पीछे की ओर विशेष ऑब्जर्वेशन लाउंज/व्यूइंग गैलरी भी दी गई है, जहां से यात्रियों को चारों ओर के दृश्य और फोटोग्राफी का अनूठा अवसर मिलता है।

सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, डिजिटल एलईडी/एलसीडी डिस्प्ले स्क्रीन, एयर-कंडीशन्ड प्रीमियम इंटीरियर, दिव्यांगजन के लिए चौड़े दरवाजे, आधुनिक टॉयलेट्स, बायो-टॉयलेट सिस्टम तथा सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। यह कोच यात्रियों को प्रकृति के और करीब लाने का एक विशेष अनुभव प्रदान करता है।

सेंट्रल रेलवे ने कहा है कि वह यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए लगातार नवाचार और प्रीमियम सेवाओं को बढ़ावा देता रहेगा। विस्टाडोम कोचों की लगातार बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि भारतीय रेलवे पर्यटन आधारित और आरामदायक रेल यात्रा की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।

यह प्रेस विज्ञप्ति डॉ. स्वप्निल निला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, सेंट्रल रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई द्वारा जारी की गई है। PR संख्या 2026/05/15, दिनांक 11 मई 2026।

Pratahkal Bureau

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