मध्य रेल ने बिना टिकट यात्रियों से वसूला 251.91 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जुर्माना
वित्त वर्ष 2025-26 में 41.90 लाख यात्री पकड़े गए, एसी लोकल में भी बिना टिकट यात्रा के मामलों में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।

भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा करने वाले तत्वों के विरुद्ध मध्य रेल ने अब तक का सबसे व्यापक और कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। सुरक्षित, सुगम और गरिमामय यात्रा के अपने संकल्प को दोहराते हुए मध्य रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सघन टिकट जांच अभियानों के माध्यम से कुल 41.90 लाख यात्रियों को बिना वैध टिकट या अनुचित यात्रा प्राधिकरण के साथ पकड़ा है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष के 38.05 लाख मामलों की तुलना में 10 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस व्यापक कार्रवाई के परिणामस्वरूप रेलवे ने जुर्माने के रूप में कुल 251.91 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व वसूला है, जो पिछले वर्ष की 203.70 करोड़ रुपये की वसूली से लगभग 24 प्रतिशत अधिक है।
इस विशाल राजस्व संग्रह में गैर-उपनगरीय खंड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही, जहां 29.27 लाख मामलों से 213.31 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, वहीं उपनगरीय (लोकल) नेटवर्क के 12.63 लाख मामलों से 38.86 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। मंडलवार प्रदर्शन का विश्लेषण करें तो राजस्व के मामले में भुसावल मंडल 81.28 करोड़ रुपये (9.63 लाख मामले) के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि मुंबई मंडल ने सर्वाधिक 17.97 लाख मामलों से 80.98 करोड़ रुपये का संग्रह किया। पुणे मंडल ने 4.73 लाख मामलों से 30.15 करोड़ रुपये, नागपुर मंडल ने 4.54 लाख मामलों से 28.36 करोड़ रुपये, सोलापुर मंडल ने 2.53 लाख मामलों से 11.62 करोड़ रुपये और मुख्यालय ने 2.48 लाख मामलों से 19.51 करोड़ रुपये की राशि जुर्माने के तौर पर एकत्रित की है।
आधुनिक और प्रीमियम सेवाओं में भी सेंधमारी करने वालों को बख्शा नहीं गया। वित्त वर्ष 2025-26 में सीएसएमटी-कल्याण मेन लाइन और सीएसएमटी-पनवेल हार्बर लाइन पर सेवाओं के अपग्रेडेशन के बाद मध्य रेल पर एसी लोकल ट्रेनों की कुल संख्या 94 तक पहुंच गई है। इन वातानुकूलित सेवाओं में टिकट जांच टीमों ने 1.23 लाख बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा, जो पिछले वर्ष के 98,681 मामलों के मुकाबले 25 प्रतिशत की वृद्धि है। एसी ट्रेनों से जुर्माने के रूप में 3.89 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है।
इस अभियान की सबसे विशिष्ट उपलब्धि मध्य रेल के 24 टिकट जांच कर्मियों द्वारा 'करोड़पति' बनने का कीर्तिमान स्थापित करना रही। इन निष्ठावान कर्मियों ने व्यक्तिगत रूप से एक करोड़ रुपये से अधिक की जुर्माना राशि वसूल कर विभाग को कुल 25.78 करोड़ रुपये का राजस्व दिलाया। इन रिकॉर्डधारियों में मुख्यालय के 10, भुसावल मंडल के 10, मुंबई मंडल के 3 और पुणे मंडल का 1 कर्मी शामिल है। वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च 2026 में भी यह सक्रियता बरकरार रही, जिसमें 3.91 लाख मामलों से 24.88 करोड़ रुपये वसूले गए, जो मार्च 2025 की तुलना में 38 प्रतिशत की वित्तीय वृद्धि दर्शाता है।
मध्य रेल ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत यात्रा को रोकने के लिए स्टेशन चेक, किलेबंदी चेक और मेगा टिकट चेकिंग जैसे बहुआयामी उपायों को और अधिक तीव्र किया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों को कड़ी चेतावनी दी है कि फर्जी टिकट का निर्माण या उपयोग भारतीय न्याय संहिता अधिनियम 2023 के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है, जिसमें भारी जुर्माने के साथ 7 वर्ष तक की कैद का प्रावधान है। रेल प्रशासन ने अपील की है कि यात्री अपनी यात्रा को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए केवल वैध टिकटों का ही उपयोग करें।

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