मध्य रेलवे ने पूरा किया स्वच्छता पखवाड़ा 2026, ट्रैक और स्टेशनों की हुई सफाई
1 से 15 अक्टूबर तक चले इस अभियान के तहत मुंबई मंडल में रेलवे ट्रैक, प्लेटफॉर्मों की सफाई के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता बढ़ाई गई।

मध्य रेलवे के मुंबई मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत स्टेशन पर जागरूकता अभियान चलाया गया।
मध्य रेलवे ने 15 दिनों तक चले स्वच्छता पखवाड़े का समापन विभिन्न सफाई अभियानों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रति जागरूकता गतिविधियों के साथ किया। 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के दौरान रेलवे ट्रैक, स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई की गई। इसके साथ ही पुराने कचरे, अनधिकृत पोस्टर-बैनर, गुटखा के दाग और थूक के निशान हटाने पर विशेष ध्यान दिया गया। यह अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान 6.0 के साथ संचालित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के तहत मध्य रेलवे के मुंबई मंडल में गहन सफाई, स्वच्छता और कचरा निस्तारण गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान में रेलवे ट्रैक के किनारे जमा पुराने कचरे को हटाने, स्टेशनों की स्वच्छता सुधारने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अभियान के पहले और दूसरे दिन, 1 और 2 अक्टूबर को मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने स्वच्छता की शपथ दिलाई। रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध रहने तथा हर वर्ष 100 घंटे यानी प्रत्येक सप्ताह दो घंटे स्वेच्छा से सफाई कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और इसकी शुरुआत स्वयं, परिवार, मोहल्ले, गांव तथा कार्यस्थल से करने की प्रतिबद्धता जताई। इन दोनों दिनों में ट्रेनों, स्टेशनों और रेलवे परिसरों में ‘एक दिन, एक घंटा’ थीम के तहत सफाई गतिविधियां आयोजित की गईं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया गया।
3 अक्टूबर को तीसरे दिन रेलवे स्टेशन परिसरों में सफाई और रखरखाव संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं। रेलवे तथा हाउसकीपिंग कर्मचारियों ने झाड़ू लगाने, कचरा एकत्र करने और उसे हटाने में सक्रिय भागीदारी निभाई, ताकि स्टेशन क्षेत्रों को स्वच्छ और स्वच्छतापूर्ण बनाए रखा जा सके।
4 अक्टूबर को चौथे दिन तारघर और मुलुंड रेलवे स्टेशनों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। स्टेशन के फर्श, सीढ़ियों और यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों की सफाई कर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर ध्यान दिया गया।
5 अक्टूबर को पांचवें दिन रेलवे ट्रैक और परिसरों की गहन सफाई की गई। पटरियों तथा आसपास के क्षेत्रों से कूड़ा और अनुपयोगी सामग्री हटाई गई। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे बुनियादी ढांचे को साफ और सुरक्षित बनाए रखना था।
6 अक्टूबर को छठे दिन मुंबई मंडल में ट्रैक किनारे और पुराने जमा कचरे को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। रेलवे ट्रैक, स्टेशन पहुंच मार्गों और कचरा जमा होने वाले संवेदनशील स्थानों से पुराने कचरे, बिखरे हुए अपशिष्ट और अनुपयोगी सामग्री को हटाया गया। कचरा संवेदनशील बिंदुओं (जीवीपी) की सफाई के साथ कचरे के उचित संग्रह, पृथक्करण और निस्तारण पर जोर दिया गया। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), माटुंगा, सोमटणे, शेलू, उल्हासनगर, कल्याण, डोंबिवली, शाहद, ठाकुर्ली और विद्याविहार में गहन ट्रैक सफाई की गई।
7 और 8 अक्टूबर को सीएसएमटी, ठाणे, अंबिवली, शाहद, शेलू, ठाकुर्ली, विठ्ठलवाड़ी, नाहुर, डोंबिवली, माटुंगा, मुलुंड और अन्य चिह्नित स्थानों पर ट्रैक किनारे तथा पुराने जमा कचरे की सफाई जारी रही। इस दौरान रेलवे ट्रैक, स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों और शौचालयों की सफाई की गई तथा कचरा संवेदनशील बिंदुओं से अपशिष्ट हटाया गया। 6 से 8 अक्टूबर तक सानपाड़ा कार शेड में भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसमें लगभग 30 से 40 कर्मचारियों ने भाग लिया और जमा गाद, मलबे तथा अनावश्यक वनस्पति को हटाने के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया।
9 अक्टूबर को नौवें दिन मुंबई मंडल के विभिन्न स्थानों पर अनधिकृत पोस्टर, बैनर, स्टिकर और विज्ञापन हटाने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्टेशन की दीवारों, खंभों, प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से ऐसी सामग्री हटाई गई। रेलवे परिसर की स्वच्छता और साफ-सुथरी छवि बनाए रखने के लिए गुटखा तथा थूक के दाग भी साफ किए गए। इसी दिन सानपाड़ा वर्कशॉप में भी जेसीबी मशीन और लगभग 30 से 40 कर्मचारियों की मदद से विशेष सफाई की गई। कार्यशाला के कार्यस्थल और ट्रैक किनारे से कचरा, पुराने पोस्टर, झाड़ियां, घास तथा अन्य अनुपयोगी सामग्री हटाई गई।
10 और 11 अक्टूबर को दसवें और ग्यारहवें दिन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियमों के अनुपालन के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान नियमित कचरा हटाने, भरी हुई थैलियों को बदलने और अलग-अलग कचरा पात्र उपलब्ध कराने का रिकॉर्ड तैयार किया गया। रेलवे इकाइयों को चार श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने, थोक कचरा उत्पादकों (बीडब्ल्यूजी) की पहचान करने, कचरा प्रबंधन सुविधाओं का मानचित्रण करने और एसडब्ल्यूएम कार्ययोजनाओं को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
12 अक्टूबर को बारहवें दिन विभिन्न स्टेशनों और इकाइयों में नियमित सफाई तथा हाउसकीपिंग गतिविधियां जारी रहीं। कर्मचारियों को गीले, सूखे, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग रखने, सफाई कार्यों का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड बनाए रखने तथा अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए।
13 अक्टूबर को तेरहवें दिन सानपाड़ा स्थित ईएमयू पीओएच वर्कशॉप में एसडब्ल्यूएम नियम, 2026 और कचरे को चार श्रेणियों में अलग करने के संबंध में जागरूकता अभियान चलाया गया। स्टेशन स्तर पर भी सैनिटरी कचरे के लिए डिब्बे उपलब्ध कराने और स्टेशन क्षेत्रों की सफाई जैसी गतिविधियां की गईं।
14 अक्टूबर को चौदहवें दिन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन के तहत अलग-अलग कचरा पात्रों की उपलब्धता का रिकॉर्ड तैयार किया गया। ठाकुर्ली, पनवेल, परेल, माटुंगा, शाहद, लोनावला, रोहा, अंबिवली और करजत सहित विभिन्न स्टेशनों पर गीले, सूखे और सैनिटरी कचरे के लिए अलग डिब्बे उपलब्ध होने का दस्तावेजीकरण किया गया। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य कचरे को उसके स्रोत पर अलग करना और स्वच्छ तरीके से उसका निस्तारण सुनिश्चित करना था।
15 अक्टूबर को पखवाड़े के अंतिम दिन कचरा पृथक्करण और अपशिष्ट के पुनः उपयोग पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित की गईं। ठाणे स्टेशन पर यात्रियों को कचरे के पृथक्करण के प्रति जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई। महिलाओं के शौचालयों और महिला प्रतीक्षालय में सैनिटरी कचरे के लिए डिब्बे लगाए गए। सानपाड़ा स्थित ईएमयू कार शेड में कर्मचारियों ने अनुपयोगी ड्रमों और कबाड़ का पुनः उपयोग कर 12 डिब्बों वाली ट्रेन का मॉडल तैयार किया। कुर्ला कार शेड में भी एसडब्ल्यूएम नियमों के प्रति जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
मध्य रेलवे के भुसावल, सोलापुर, पुणे और नागपुर मंडलों में भी इसी तरह की गतिविधियां संचालित की गईं। रेलवे कर्मचारियों, हाउसकीपिंग कर्मियों और ठेका श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी से सफाई अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। इन गतिविधियों से सफाई और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार, चिह्नित स्थानों पर जमा कचरे को हटाने, रेलवे ट्रैक और स्टेशन परिसरों के बेहतर रखरखाव तथा कार्यस्थलों को अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में योगदान मिला।
यह प्रेस विज्ञप्ति 17 अक्टूबर 2026 को मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई द्वारा जारी की गई। इसका जनसंपर्क क्रमांक 2026/10/33 है।

Pratahkal Bureau
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