मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली मध्य रेलवे की उपनगरीय ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर है। सीएसएमटी से लेकर कर्जत, खोपोली, कसारा और पनवेल तक फैले विशाल उपनगरीय नेटवर्क में अब बिना टिकट सफर करना यात्रियों के लिए महंगा साबित हो सकता है। मध्य रेलवे ने टिकटहीन यात्रियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसने के लिए एक बेहद सख्त और बहुआयामी रणनीति अपनाई है। इस अभियान के तहत, रेलवे प्रशासन ने 'फोर्ट्रेस' (किलेबंदी) और 'अम्बुश' (घात) जैसी विशेष चेकिंग मुहिम छेड़ दी है, जिससे अवैध रूप से यात्रा करने वालों में खलबली मची हुई है।

मध्य रेलवे मुंबई मंडल प्रतिदिन 1,820 उपनगरीय सेवाओं के माध्यम से 40 लाख से अधिक यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें 108 एसी लोकल ट्रेनें भी शामिल हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में यात्रियों की उपस्थिति के कारण, टिकटहीन यात्रा और अनियमितताओं की चुनौती भी उतनी ही बड़ी है, जो सीधे तौर पर राजस्व को प्रभावित करती है। वैध यात्रियों को उनका अधिकार दिलाने और व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के लिए, रेलवे प्रशासन अब पूरी तरह से 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है।

इस विशेष अभियान की प्रभावशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल से मई 2026 के बीच मात्र 61 दिनों के भीतर, रेलवे ने 14,744 मामलों में कुल 62.08 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। यह आंकड़ा प्रतिदिन औसतन 241 मामलों में 1.01 लाख रुपये से अधिक की वसूली को दर्शाता है। यह नियमित जांच से हटकर की गई एक अतिरिक्त और सघन कार्रवाई है।

रेलवे ने इस मिशन को सफल बनाने के लिए कई स्तरों पर जाल बिछाया है। 'फोर्ट्रेस चेक' के जरिए पूरे स्टेशन को चारों ओर से घेर लिया जाता है ताकि कोई भी टिकटहीन यात्री बचकर न निकल सके। वहीं, 'अम्बुश चेक' के तहत टिकट चेकिंग टीम अचानक चलती ट्रेनों में सवार होकर यात्रियों की धरपकड़ करती है। इसके अलावा, विशिष्ट स्थानों पर 'स्पॉट चेक', समस्याओं की जड़ को खत्म करने के लिए 'इंटेंसिव चेक' और एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र में जाकर की जाने वाली 'क्रॉस कंट्री चेक' जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन ऑपरेशनों में रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी (GRP) और वाणिज्यिक विभाग के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं।

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने स्पष्ट किया है कि ये कार्रवाई केवल राजस्व जुटाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य एक अनुशासित और सुरक्षित यात्रा वातावरण सुनिश्चित करना है। रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें और टिकट चेकिंग कर्मचारियों के साथ सहयोग करें। हालांकि, इतनी बड़ी जनसंख्या के बीच हर यात्री की जांच करना चुनौतीपूर्ण है, इसलिए रेलवे प्रशासन यात्रियों से स्व-प्रेरित व्यवहार की अपेक्षा करता है, ताकि मुंबई की इस लाइफलाइन को और भी बेहतर और सुगम बनाया जा सके।

Pratahkal Newsroom

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