सेंट्रल रेलवे ने रचा रिकॉर्ड, पहली तिमाही में स्क्रैप बिक्री से कमाए 136.10 करोड़ रुपये
सेंट्रल रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्क्रैप बिक्री से 136.10 करोड़ रुपये कमाए। यह पिछले पांच वर्षों में पहली तिमाही का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, जिसमें मुंबई मंडल सहित सभी इकाइयों का योगदान रहा।

तस्वीर में सेंट्रल रेलवे द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्क्रैप बिक्री से प्राप्त राजस्व का विवरण चार्ट के रूप में दिखाया गया है।
सेंट्रल रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्क्रैप बिक्री से 136.10 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर पिछले पांच वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है। रेलवे ने “Mission- Zero Scrap Status” के तहत सभी पांच मंडलों और वर्कशॉप में स्क्रैप को समाप्त करने की दिशा में अभियान चलाते हुए संसाधनों के बेहतर उपयोग और राजस्व वृद्धि पर विशेष जोर दिया है।
सेंट्रल रेलवे के स्टोर्स विभाग ने दूरदराज और बिखरे हुए स्थानों के साथ-साथ सेंट्रल रेलवे के सभी पांच मंडलों में पड़े स्क्रैप सामग्री की पहचान और निपटान के लिए व्यापक एवं समन्वित अभियान चलाया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप स्क्रैप बिक्री प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
अप्रैल से जून 2026 तक की अवधि यानी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सेंट्रल रेलवे ने स्क्रैप बिक्री से 136.10 करोड़ रुपये की आय हासिल की। यह पिछले पांच वर्षों में पहली तिमाही का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
सेंट्रल रेलवे की पहली तिमाही की स्क्रैप बिक्री आय पिछले वर्षों की तुलना में भी काफी अधिक रही। वित्त वर्ष 2025-26 में यह आय 71.94 करोड़ रुपये, 2024-25 में 81.09 करोड़ रुपये, 2023-24 में 81.64 करोड़ रुपये और 2022-23 में 101.40 करोड़ रुपये थी। इस वर्ष पहली तिमाही में स्क्रैप बिक्री राजस्व में पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 89 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है।
स्क्रैप बिक्री के मामले में मुंबई मंडल सबसे आगे रहा, जिसने 22.43 करोड़ रुपये की स्क्रैप बिक्री दर्ज की। इसके बाद भुसावल मंडल ने 20.44 करोड़ रुपये, नागपुर मंडल ने 19.98 करोड़ रुपये, पुणे मंडल ने 18.19 करोड़ रुपये और सोलापुर मंडल ने 6.44 करोड़ रुपये का योगदान दिया। सेंट्रल रेलवे के परेल और माटुंगा वर्कशॉप तथा अन्य स्थानों पर स्थित शेड्स/यूनिट्स ने मिलकर 48.62 करोड़ रुपये की स्क्रैप बिक्री आय में योगदान दिया।
यह उपलब्धि विभिन्न श्रेणियों के स्क्रैप और अपशिष्ट सामग्री के व्यवस्थित निपटान से हासिल की गई, जिसमें रेल परमानेंट-वे स्लीपर, फेरस एवं नॉन-फेरस स्क्रैप तथा कंडम कोच और वैगन शामिल हैं।
सेंट्रल रेलवे की यह उपलब्धि “Zero Scrap Mission” को पूरा करने की दिशा में उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रेलवे ने वित्तीय अनुशासन, परिचालन दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्क्रैप निपटान की प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया है।
यह प्रेस विज्ञप्ति 23 जुलाई 2026 को डॉ. स्वप्निल नीला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, सेंट्रल रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई द्वारा जारी की गई। प्रेस विज्ञप्ति संख्या 2026/07/47 है।

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