मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दो अलग-अलग अभियानों में उच्च मूल्य की चोरी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए लाखों रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए हैं। दोनों मामलों में आरपीएफ की विभिन्न टीमों ने जीआरपी और स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पहला मामला 10 फरवरी 2026 का है। गाड़ी संख्या 11039 महाराष्ट्र एक्सप्रेस से पुणे से मिरज यात्रा कर रहे एक यात्री ने ए-1 कोच से 181 ग्राम (18.1 तोला) सोने के आभूषणों से भरा बैग चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही आरपीएफ पुणे की 'तेजस्विनी' क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन स्क्वॉड, स्थानीय अपराध शाखा तथा जीआरपी पुणे की संयुक्त टीम ने गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान कल्याण, ठाणे, दादर, पनवेल, तळोजा और अन्य स्थानों के 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। सीसीटीवी फुटेज के व्यवस्थित अध्ययन, आपराधिक रिकॉर्ड की जांच, मुखबिर तंत्र विकसित करने तथा लगातार गुप्त सूचनाएं एकत्र करने के बाद मुंबई के शातिर अपराधी संतोष चंद्रकांत राणे (उम्र 49 वर्ष) की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई।

प्रारंभिक प्रयासों के बावजूद आरोपी मुंबई में नहीं मिला, लेकिन लगातार निगरानी और विश्वसनीय सूचना के आधार पर पता चला कि वह पुणे रेलवे स्टेशन आने वाला है। इसके बाद संयुक्त टीम ने 15 जून 2026 को पुणे रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाकर उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि उसका संबंध रत्नागिरी शहर पुलिस थाना, जीआरपी नासिक तथा संगमेश्वर पुलिस थाना में दर्ज संपत्ति संबंधी अन्य मामलों से भी है। इस मामले में मिरज जीआरपी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 और 305(सी) के तहत चोरी का मामला दर्ज किया है।

दूसरा मामला 27 जून 2026 का है, जब गाड़ी संख्या 16587 बीकानेर एक्सप्रेस में चोरी की दो शिकायतें 'रेल मदद' पर प्राप्त हुईं। पहली शिकायत में ए-2 कोच से एक महिला का पर्स चोरी होने की जानकारी दी गई, जिसमें 9.05 लाख रुपये मूल्य की 60 ग्राम वजन की सोने की चूड़ियां थीं। दूसरी शिकायत में ए-1 कोच से 50,000 रुपये मूल्य के कपड़े और कृत्रिम आभूषणों से भरा ट्रॉली बैग चोरी होने की सूचना दी गई।

आरपीएफ सोलापुर, क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच सोलापुर और सीपीडीएस सोलापुर ने जीआरपी सोलापुर के समन्वय से संयुक्त जांच शुरू की। सोलापुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच में एक संदिग्ध व्यक्ति ए-2 कोच से ट्रॉली बैग और महिला का पर्स लेकर उतरता दिखाई दिया। इसके बाद उसने पर्स छिपाया, कपड़े बदले और फिर गाड़ी संख्या 12701 हुसेनसागर एक्सप्रेस से कलबुर्गी के लिए रवाना हो गया।

कलबुर्गी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज के आगे के विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर उसकी पहचान की गई। जांच में पता चला कि वह सोलापुर के 'हीरा-मोती लॉज' में ठहरा हुआ था। मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने आरोपी को सोलापुर के गांधी चौक के पास उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह मुंबई जाने वाली गाड़ी संख्या 16614 राजकोट एक्सप्रेस में सवार होने का प्रयास कर रहा था।

पूछताछ के दौरान रांची (झारखंड) निवासी राजन कुमार श्रीवास्तव (उम्र 57 वर्ष) ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली और चोरी का पूरा सामान बरामद कराया। बरामद सभी सामान को जब्त कर जीआरपी सोलापुर को सौंप दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 और 305(सी) के तहत जीआरपी सोलापुर में चोरी का मामला दर्ज किया गया है।

मध्य रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी मूल्यवान वस्तुएं और सामान स्वयं की निगरानी में रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सामान गायब होने की स्थिति में तत्काल आरपीएफ अथवा जीआरपी कर्मियों को सूचित करें या 139 नंबर पर संपर्क करें।

मध्य रेलवे के अनुसार, दोनों मामलों का सफल खुलासा आरपीएफ के त्वरित अंतर-विभागीय समन्वय, वैज्ञानिक सीसीटीवी विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना आधारित जांच प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाता है। यह प्रेस विज्ञप्ति 22 जुलाई 2026 को मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से जारी की गई।

Pratahkal Bureau

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