मध्य रेलवे आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल चोर गिरोह के 7 आरोपी गिरफ्तार
भुसावल और मनमाड में आरपीएफ ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई कर 22 लाख रुपये के 65 चोरी के मोबाइल बरामद किए; गांजा तस्करी भी पकड़ी।

भुसावल रेलवे स्टेशन पर एर्नाकुलम-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस से चोरी के 37 मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अपनी कस्टडी में लेकर खड़े रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारी और जवान।
मध्य रेल्वे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मई 2026 के दौरान सतर्कता, सूझबूझ और समन्वित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए मोबाइल चोरी के दो अलग-अलग मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया, जिनमें कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और 22 लाख रुपये से अधिक मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया गया। इसके साथ ही, ‘ऑपरेशन नार्कोस’ के तहत चलाए गए एक विशेष अभियान में 2.56 लाख रुपये मूल्य का 12.80 किलोग्राम गांजासदृश मादक पदार्थ भी जब्त कर तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया गया।
भुसावल में 22 मई 2026 को प्राप्त एक इनपुट और तस्वीरों के आधार पर RPF की विशेष टीम ने एर्नाकुलम–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस की जांच के दौरान चार संदिग्धों को जनरल कोच से हिरासत में लिया। तलाशी में उनके पास से 37 मोबाइल फोन और 25,235 रुपये नकद बरामद हुए, जिसकी कुल कीमत लगभग 18.25 लाख रुपये आंकी गई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह सामान केरल के कन्नूर स्थित एक मोबाइल शॉप से चोरी किया गया था। मामले को कानूनी कार्रवाई हेतु कन्नूर पुलिस को सौंप दिया गया।
इसी प्रकार 5 मई 2026 को मनमाड रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान RPF के दो कांस्टेबलों ने तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। जांच में उनके पास से 28 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी कीमत लगभग 4.08 लाख रुपये थी। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मोबाइल कर्नाटक के कलबुर्गी में आयोजित उर्स मेले से चोरी किए गए थे। पुष्टि के बाद आरोपियों और जब्त सामान को रोजा पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।
उधर, नागपुर रेलवे स्टेशन पर ‘ऑपरेशन नार्कोस’ के तहत 4 मई 2026 को क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच और RPF की संयुक्त टीम ने फूट ओवर ब्रिज क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि देखी। एक व्यक्ति दो ट्रॉली बैग छोड़कर मौके से फरार हो गया। जांच में बैग से 12 पैकेटों में भरा 12.80 किलोग्राम गांजासदृश पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 2.56 लाख रुपये आंकी गई। इस मामले में NDPS एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर माल GRP नागपुर को सौंप दिया गया।
इन लगातार सफल कार्रवाइयों से मध्य रेल्वे RPF की सतर्कता, तेज कार्रवाई क्षमता और विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय का स्पष्ट प्रमाण मिलता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस सामान की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 139 या नजदीकी RPF/GRP को दें, ताकि सुरक्षित और अपराध-मुक्त यात्रा सुनिश्चित की जा सके।

Pratahkal Bureau
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