मध्य रेलवे के रेल जन संवाद में यात्रियों ने उठाए ट्रेन देरी, भीड़ और सुविधाओं से जुड़े मुद्दे
मध्य रेलवे के रेल जन संवाद में यात्रियों ने ट्रेन देरी, लोकल ट्रेनों में भीड़, महिला यात्रियों की परेशानी और आरक्षित टिकटों की कमी जैसे मुद्दे उठाए। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर अधिकारियों ने शिकायतें सुनीं और सुधार के लिए कदमों की जानकारी दी।

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर रेल जन संवाद कार्यक्रम के दौरान यात्रियों की समस्याएं सुनते मध्य रेलवे के अधिकारी और उपस्थित नागरिक।
मध्य रेलवे की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को आयोजित रेल जन संवाद में यात्रियों ने ट्रेनें देरी से चलने, उपनगरीय ट्रेनों में बढ़ती भीड़, महिला यात्रियों की परेशानी, आरक्षित टिकटों की अनुपलब्धता और स्टेशनों पर पेयजल सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस सहित मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर आयोजित इस संवाद में यात्रियों की शिकायतें, सुझाव और अनुभव दर्ज किए गए। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और रेलवे सेवाओं में सुधार के लिए उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
भारतीय रेलवे की राष्ट्रव्यापी पहल रेल जन संवाद, लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम-6) के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य नागरिकों से संवाद मजबूत करना, यात्रियों की प्रतिक्रियाएं प्राप्त करना और सीधे बातचीत के माध्यम से रेलवे सेवाओं में सुधार करना है।
22 अक्टूबर 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने किया। उनके साथ भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा और विभाग के अपर सचिव पुनीत यादव भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान यात्रियों से आमने-सामने बातचीत की गई। इसमें यात्रियों ने अपनी शिकायतें, सुझाव और विचार रखे। प्रमुख शिकायतों में ट्रेनों का देरी से चलना, उपनगरीय ट्रेनों में बढ़ती भीड़, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को यात्रा में होने वाली परेशानी, दिव्यांगजन के लिए निर्धारित डिब्बों में अनधिकृत यात्रियों का सफर, विक्रेताओं से जुड़ी समस्याएं, स्टेशनों पर ठंडे पेयजल की पर्याप्त सुविधा का अभाव तथा मौसम के दौरान मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में आरक्षित टिकट उपलब्ध नहीं होना शामिल रहा।
यात्रियों की शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य रेलवे के मुंबई मंडल के मंडल रेल प्रबंधक हिरेश मीना ने बताया कि मध्य रेलवे वर्तमान में प्रतिदिन 1,820 उपनगरीय सेवाएं संचालित कर रहा है। हाल ही में कई ट्रेनों को 15 डिब्बों वाली सेवाओं में उन्नत किया गया है। कसारा मार्ग पर 15 डिब्बों वाली ट्रेनें भी जल्द शुरू की जाएंगी। त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मध्य रेलवे त्योहार विशेष ट्रेनें भी चला रहा है।
उन्होंने कहा कि अलार्म चेन खींचने और अन्य परिचालन संबंधी कारणों से व्यवधान आने के बावजूद मध्य रेलवे ट्रेनों का समय पर संचालन बनाए रखने का पूरा प्रयास कर रहा है। उन्होंने यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
संवाद के दौरान यात्रियों ने रेलवे सेवाओं में सुधार के लिए कई सुझाव भी दिए। इनमें उपनगरीय ट्रेनों में महिलाओं के लिए अधिक डिब्बे उपलब्ध कराने, वातानुकूलित लोकल ट्रेनों का किराया कम करने, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग डिब्बे निर्धारित करने, स्लीपर श्रेणी के डिब्बों की संख्या बढ़ाने तथा पश्चिमी उपनगरों से यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए विरार-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस उपनगरीय सेवाएं शुरू करने जैसे सुझाव शामिल थे।
यात्रियों ने पिछले कुछ वर्षों में रेलवे में हुए सकारात्मक बदलावों को भी स्वीकार किया। उन्होंने स्वच्छता, बेहतर यात्री सुविधाओं, हेल्पलाइन नंबरों और सहयोगी कर्मचारियों को इन बदलावों के प्रमुख पहलुओं के रूप में बताया। अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए जनता के बीच प्रतिक्रिया प्रपत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डीएआरपीजी की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने रेल जन संवाद के प्रति यात्रियों की व्यापक भागीदारी की सराहना की। उन्होंने जिम्मेदार नागरिक के रूप में जागरूकता फैलाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया और युवा पीढ़ी से समाज में प्रत्यक्ष बदलाव लाने के प्रयासों में आगे आने का आग्रह किया।
इस अवसर पर मध्य रेलवे सांस्कृतिक संघ के कलाकारों ने “बदलती रेल- नए भारत की पहचान” विषय पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया।
मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर इसी तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां यात्रियों की समस्याओं, सुझावों और प्रतिक्रियाओं को व्यवस्थित रूप से एकत्र कर उनकी समीक्षा की गई। प्राप्त मुद्दों को तीन श्रेणियों में बांटा गया। अल्पकालीन श्रेणी में उन मामलों को रखा गया, जिनका समाधान तत्काल या कम समय में किया जा सकता है। मध्यकालीन श्रेणी में ऐसे मुद्दे शामिल किए गए, जिनके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय, योजना और कार्यान्वयन की आवश्यकता है। दीर्घकालीन श्रेणी में उन मामलों को रखा गया, जिनके समाधान के लिए नीतिगत बदलाव, रणनीतिक योजना या उच्च अधिकारियों की मंजूरी जरूरी है।
मध्य रेलवे स्वच्छता ही सेवा और स्वच्छता पखवाड़ा अभियानों की सफलता में पहले ही महत्वपूर्ण योगदान दे चुका है। रेल जन संवाद भी लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम-6) का हिस्सा है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक सभी क्षेत्रीय रेलवे और रेलवे इकाइयों में चलाया जा रहा है।
रेल जन संवाद के माध्यम से मध्य रेलवे यात्रियों के साथ अपने संवाद को मजबूत करने, उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करने और रेलवे सेवाओं में सुधार के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इस पहल के तहत रेलवे प्लेटफॉर्म और यात्रियों के संपर्क से जुड़े अन्य स्थानों पर सीधे बातचीत को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि वे अपने विचार साझा कर सकें और यात्रियों की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने में योगदान दे सकें।
यह पहल भारतीय रेलवे की उत्तरदायी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। इसके तहत यात्रियों की आवाज और युवाओं के विचारों को रेलवे सुविधाओं तथा समग्र यात्रा अनुभव में निरंतर सुधार का हिस्सा बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह प्रेस विज्ञप्ति 22 अक्टूबर 2026 को मध्य रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला द्वारा जारी की गई। विज्ञप्ति संख्या 2026/10/40 है।

