मध्य रेल की उपलब्धि: FY 2025-26 में 164 करोड़ यात्रियों का परिवहन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8.33 लाख ट्रेनों का सफल संचालन और शून्य दुर्घटना रिकॉर्ड के साथ वंदे भारत व अमृत भारत जैसी नई सेवाओं का विस्तार हुआ।

भारतीय रेलवे के आधार स्तंभ माने जाने वाले मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान यात्री परिवहन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपनी सेवाओं में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। सुरक्षा और संजीदगी का प्रमाण देते हुए मध्य रेल ने इस पूरी अवधि में लगभग 8.33 लाख ट्रेन सेवाओं का सफल संचालन किया, जिसमें सबसे गौरवशाली पक्ष 'शून्य परिणामी दुर्घटना' का रिकॉर्ड रहा। इन सेवाओं में 6.28 लाख उपनगरीय सेवाएं, जो मुख्य रूप से मुंबई और पुणे की जीवनरेखा हैं, तथा 2.05 लाख मेल, एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनें शामिल रहीं। यात्रियों के विश्वास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष कुल 164.30 करोड़ यात्रियों ने मध्य रेल पर भरोसा जताया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 161.33 करोड़ की तुलना में 1.84 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाता है।
विस्तृत आंकड़ों पर गौर करें तो उपनगरीय नेटवर्क ने 143.58 करोड़ यात्रियों को गंतव्य तक पहुँचाया, जिसमें 1.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि गैर-उपनगरीय खंड में 7.08 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ 20.71 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए रेल प्रशासन ने 33 ट्रेनों में 76 अतिरिक्त ठहराव प्रदान किए। कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए इस वित्तीय वर्ष में 7 नई ट्रेनें शुरू की गईं, जिनमें 11 अगस्त 2025 से पटरी पर उतरी 26101/26102 पुणे-अजनी-पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस प्रमुख है, जिससे मध्य रेल पर वंदे भारत ट्रेनों का कुनबा बढ़कर 11 हो गया। साथ ही, आम जनमानस के लिए 02 मई 2025 से 11015/11016 एलटीटी-सहरसा-एलटीटी और 23 फरवरी 2026 से 11031/11032 पनवेल-अलीपुरद्वार-पनवेल अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी अत्याधुनिक सेवाओं का शुभारंभ हुआ। इनके अतिरिक्त हडपसर से जोधपुर, रीवा और मुजफ्फरपुर के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेनें तथा साईनगर शिर्डी-तिरुपति एक्सप्रेस की शुरुआत से धार्मिक और व्यावसायिक संपर्क सुदृढ़ हुआ है।
शहरी परिवहन की रीढ़ को मजबूत करते हुए उरण लाइन पर 10 नई उपनगरीय सेवाएं शुरू की गईं, जिससे इस खंड पर कुल सेवाएं 50 और पूरे नेटवर्क पर कुल उपनगरीय सेवाएं 1820 तक पहुँच गईं। आधुनिकता की दौड़ में कदम मिलाते हुए सीएसएमटी से कल्याण और पनवेल के बीच कुल 28 नॉन-एसी सेवाओं को एसी लोकल में तब्दील किया गया, जिससे अब कुल एसी सेवाओं की संख्या 94 हो गई है। त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ के प्रबंधन हेतु मध्य रेल ने 12,032 विशेष ट्रेन यात्राएं संचालित कीं, जिसमें कोंकण के लिए 326 गणपति विशेष, 1712 दुर्गा पूजा/दीवाली/छठ विशेष, 1358 ग्रीष्मकालीन, 1038 होली, 122 आषाढ़ी एकादशी और 109 शीतकालीन विशेष ट्रेनें शामिल रहीं। साथ ही, 23 ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य द्वितीय श्रेणी कोच जोड़े गए और आईआरसीटीसी के सहयोग से 18 भारत गौरव व 7 मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना ट्रेनें चलाई गईं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी मध्य रेल ने लंबी छलांग लगाई है। मुंबई उपनगरीय खंड में गवन और तर्घर तथा अमलनेर-बीड़ लाइन पर जतनंदुर, विघनवाड़ी, रैमोहा, राजुरी (नवगांव) एवं बीड़ सहित कुल 7 नए स्टेशनों का शुभारंभ हुआ। विकास कार्यों की कड़ी में 12 स्टेशनों का कायाकल्प किया गया और रेल परिवहन को रफ्तार देने के उद्देश्य से 77 जोड़ी ट्रेनों की गति सीमा को 110 किमी/घंटा से बढ़ाकर 130 किमी/घंटा किया गया। यात्री अपेक्षाओं के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हुए मध्य रेल अब सुरक्षित, किफायती और प्रभावी परिवहन के एक नए युग की ओर अग्रसर है।

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