CAG रिपोर्ट के बाद मुंबई मंडल में पेयजल जांच तेज, 349 नमूनों में नहीं मिला E. coli
CAG रिपोर्ट के बाद केंद्रीय रेलवे के मुंबई मंडल में पेयजल गुणवत्ता को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। 2,967 स्थानों की जांच, 1,753 टंकियों की सफाई और 349 नमूनों की जांच में ई. कोलाई नहीं मिला।

केंद्रीय रेलवे के मुंबई मंडल ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता सुविधाओं और यात्री सुविधाओं से संबंधित रिपोर्ट में पेयजल गुणवत्ता को लेकर उठाए गए मुद्दों के बाद विशेष अभियान शुरू किया है। रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन में मुंबई मंडल के सभी स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर युद्धस्तर पर पेयजल स्रोतों की जांच और जल टंकियों की सफाई की गई।
इस विशेष अभियान के तहत मुंबई मंडल के सभी स्टेशनों, कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर पेयजल से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उन्हें एक समान जांच और रखरखाव व्यवस्था के दायरे में लाया गया। कुल 2,967 स्थानों को अभियान में शामिल किया गया। इनमें जल स्रोत, निस्यंदन संयंत्र, भूमिगत और ऊपरी जल टंकियां, पीवीसी टंकियां, बूथ, नल और पेयजल वितरण स्थल शामिल रहे।
अभियान के दौरान 410 कमियां दर्ज की गईं, जिनमें से 365 का निराकरण कर दिया गया, जबकि 45 पर काम जारी है। मुंबई मंडल में प्लेटफॉर्म, स्टेशन परिसर, रेलवे कॉलोनियों और कार्यालय परिसरों में कुल 2,913 जल टंकियां हैं। 20 अगस्त 2026 से 22 सितंबर 2026 के बीच विशेष अभियान के दौरान इनमें से 1,753 टंकियों की सफाई की गई।
पानी की गुणवत्ता और टंकियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए 1,716 स्थानों पर टंकियों के ढक्कनों को कसकर बंद करने के साथ वेंट और ओवरफ्लो पाइप पर जाली लगाने की व्यवस्था की गई। कुल 349 पेयजल नमूनों की भौतिक, रासायनिक और जीवाणुविज्ञान संबंधी जांच की गई। इनमें से किसी भी नमूने में जीवाणुजनित संदूषण नहीं पाया गया और ई. कोलाई भी किसी स्थान पर नहीं मिला।
इसके अलावा 134 स्थानों पर प्रतिदिन अवशिष्ट मुक्त क्लोरीन की निगरानी की जा रही है। अभियान के दौरान 26 रिसाव और खराब पाइपलाइनों को ठीक किया गया। 29 हैंडपंप और बोरवेल जल स्रोतों की संदूषण और सुरक्षा के दृष्टिकोण से जांच की गई।
मुंबई मंडल में अन्य उपायों के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), कल्याण, भिवंडी रोड और लोनावला में संपूर्ण जल पाइपलाइन प्रणाली की रिसाव के लिए जांच की गई। वेंट और ओवरफ्लो पर जाली के साथ मजबूत ढक्कन लगाए गए। विद्युत विभाग ने जल कूलरों का निरीक्षण और सफाई की। जहां नल गायब थे, वहां नल लगाए गए, रिसाव वाले नलों को बदला गया और जमा गाद को हटाया गया।
संबंधित कार्य निरीक्षक (IOW) कार्यालयों में ई. कोलाई जांच किट भी उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान अभियान के दौरान जांचे गए सभी 349 नमूने जीवाणुजनित संदूषण के लिए नकारात्मक पाए गए और किसी भी स्थान पर ई. कोलाई नहीं मिला। केंद्रीय रेलवे के अनुसार वर्तमान में यात्रियों को उपलब्ध कराया जा रहा पेयजल सुरक्षित और पीने योग्य है।
केंद्रीय रेलवे ने सभी स्टेशनों पर सुरक्षित, स्वच्छ और पीने योग्य पेयजल उपलब्ध कराने तथा समान पेयजल गुणवत्ता निगरानी प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह विशेष अभियान 22 सितंबर 2026 तक की गई जल गुणवत्ता जांच, टंकी सफाई और सुधारात्मक कार्रवाई की स्थिति को सामने रखता है।

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