सेंट्रल रेलवे ने CSMT और LTT में शुरू की मशीनीकृत पार्सल हैंडलिंग सेवा
बैटरी चालित ट्रकों से पार्सल लोडिंग-अनलोडिंग तेज होगी, जिससे ट्रेनों की समयपालनता सुधरेगी और यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।

मध्य रेलवे ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) और वाडी बंदर में पार्सल तथा सामान की हैंडलिंग को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए मशीनीकृत पार्सल एवं सामान हैंडलिंग सेवाओं के नए ठेके की निविदा प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल के तहत बैटरी से चलने वाले प्लेटफॉर्म ट्रकों और मशीनों की मदद से पार्सल की लोडिंग-अनलोडिंग की जाएगी, जिससे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने के साथ टर्मिनल पर कामकाज की दक्षता में सुधार करने का लक्ष्य है।
रेलवे अपने सम्मानित ग्राहकों की सुविधा के लिए ट्रेनों के माध्यम से पार्सल, सामान और अन्य वस्तुओं का परिवहन करता है। रेलवे स्टेशनों पर इन वस्तुओं की हैंडलिंग एक महत्वपूर्ण कार्य है, क्योंकि किसी भी तरह की शिकायत की गुंजाइश के बिना ट्रेन के निर्धारित ठहराव के समय के भीतर ही पार्सल और सामान को चढ़ाना या उतारना आवश्यक होता है।
पार्सल परिचालन को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के लिए मध्य रेलवे ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, वाडी बंदर और लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्थित पार्सल एवं सामान कार्यालयों में मशीनीकृत पार्सल और सामान हैंडलिंग सेवा के लिए नए ठेके की निविदा प्रक्रिया शुरू की है।
इस व्यवस्था के तहत रेलवे में बुक किए गए आने वाले और बाहर भेजे जाने वाले पार्सल के हस्तांतरण के लिए सभी संबंधित स्थानों पर सेवा अनुबंध के माध्यम से मशीनों से हैंडलिंग सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में बैटरी से चलने वाले ट्रकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। ठेकेदार को संभाले गए माल के वजन के आधार पर प्रति क्विंटल भुगतान किया जाएगा। इस व्यवस्था से पार्सल और सामान की हैंडलिंग में वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले मानवीय श्रम के स्थान पर व्यवस्थित और मशीन आधारित कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।
बाहर भेजे जाने वाले पार्सल की छंटाई, वजन करना, चिह्नित करना, व्यवस्थित ढंग से रखना और वाहनों में लोड करने के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचाना ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी। इसी तरह, आने वाले पार्सल को उतारना, सुरक्षित रखना, वजन करना, गोदाम तक पहुंचाना और उनका वितरण करना भी ठेकेदार के दायरे में शामिल होगा।
ठेकेदार को मानवीय श्रम के अतिरिक्त बैटरी से चलने वाले प्लेटफॉर्म ट्रकों का इस्तेमाल करना होगा। इन वाहनों के संचालन के लिए चारपहिया वाहन चलाने का वैध लाइसेंस रखने वाले पात्र चालकों की नियुक्ति करनी होगी।
स्टेशनों पर होने वाले सभी हैंडलिंग और ट्रांसशिपमेंट कार्यों में इन वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इसमें रेलवे रसीद और लगेज टिकट के तहत बुक किए गए पार्सल एवं सामान की लोडिंग-अनलोडिंग शामिल है। हालांकि, लीज पर लिए गए माल को इससे बाहर रखा गया है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस और वाडी बंदर के स्टेशनों तथा यार्ड में होने वाले ट्रांसशिपमेंट कार्य भी इस व्यवस्था के अंतर्गत आएंगे।
मध्य रेलवे के अनुसार, इस पहल से यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। बैटरी से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल से पार्सल और सामान की हैंडलिंग तेज, सुरक्षित और नुकसान-मुक्त बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म और पार्सल क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही तथा भीड़ कम होगी।
पार्सल की समय पर लोडिंग और अनलोडिंग संभव होने से ट्रेनों के समयपालन में सुधार और टर्मिनलों पर देरी कम करने में भी मदद मिलेगी। इससे यात्रियों को सामान और पार्सल से जुड़ी अधिक व्यवस्थित, कुशल और परेशानी-मुक्त सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ेगा।
मध्य रेलवे ने आधुनिक और मशीन आधारित पहलों के माध्यम से यात्री सुविधाओं तथा परिचालन दक्षता में सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
यह प्रेस विज्ञप्ति 14 अक्टूबर 2026 को मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से जारी की। प्रेस विज्ञप्ति संख्या 2026/10/26 है।

Pratahkal Bureau
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