रेलवे पुलों पर आवाजाही जानलेवा: भुसावल मंडल की नागरिकों से सख्त अपील, कानून तोड़ने पर होगी जेल
रेलवे के हाइड्रोलिक और जल निकासी पुलों का उपयोग करना अब पड़ सकता है भारी। मध्य रेलवे के भुसावल मंडल ने 156 संवेदनशील स्थानों की पहचान कर दी है सख्त चेतावनी। नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई, जानें क्या है रेलवे का नया आदेश।

मध्य रेलवे के भुसावल मंडल द्वारा एक जल निकासी पुल के पास लगाया गया 'प्रवेश निषेध' का चेतावनी बोर्ड।
मध्य रेलवे के भुसावल मंडल ने आम नागरिकों से रेलवे के हाइड्रोलिक और जल निकासी पुलों का सड़क मार्ग के रूप में उपयोग करने के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से सख्त अपील की है। रेलवे प्रशासन ने पाया है कि पैदल यात्रियों, मोटरसाइकिल सवारों, ट्रैक्टरों और बैलगाड़ी चालकों द्वारा इन संकरे पुलों का इस्तेमाल रेलवे लाइन पार करने के लिए किया जा रहा है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ये संरचनाएं केवल वर्षा जल की निकासी के लिए निर्मित हैं और इनका सार्वजनिक आवागमन से कोई संबंध नहीं है। अनधिकृत उपयोग अत्यंत खतरनाक है, क्योंकि वर्षा ऋतु में अचानक जलस्तर बढ़ने से डूबने, वाहन बह जाने अथवा जानलेवा दुर्घटनाओं का गंभीर जोखिम बना रहता है।
भुसावल मंडल ने अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे 156 हाइड्रोलिक पुलों को चिन्हित किया है, जहां अनधिकृत आवागमन सार्वजनिक सुरक्षा और रेल परिचालन के लिए खतरा पैदा कर रहा है। जिला-वार सर्वेक्षण के अनुसार, जलगांव में 71, नासिक में 53, बुलढाणा में 17, खंडवा में 11, जबकि अकोला और अमरावती में 2-2 संवेदनशील स्थान पाए गए हैं। मीडिया में प्रकाशित कुछ भ्रामक समाचारों पर स्पष्टीकरण देते हुए मंडल ने पुनः जोर दिया है कि ये संरचनाएं अधिकृत सड़क मार्ग नहीं हैं।
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 147 के तहत रेलवे ट्रैक, सुरंगों और जल निकासी पुलों पर अनधिकृत प्रवेश एक दंडनीय अपराध है। इसके उल्लंघन पर दोषी को 6 माह तक का कारावास, ₹1,000 तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। रेलवे सुरक्षा और कानून प्रवर्तन दलों ने इन स्थानों पर गश्त बढ़ा दी है और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने जलगांव, नासिक, बुलढाणा, अकोला, धुले और खंडवा के जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और ग्राम पंचायतों से अनधिकृत मार्ग बंद करने और संयुक्त जनजागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया है। रेलवे प्रशासन सभी संवेदनशील स्थानों पर स्थायी चेतावनी बोर्ड भी स्थापित कर रहा है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे रेलवे लाइन पार करने के लिए केवल अधिकृत रोड ओवर ब्रिज, रोड अंडर ब्रिज, लेवल क्रॉसिंग तथा फुट ओवर ब्रिज का ही प्रयोग करें, क्योंकि कुछ मिनट बचाने के लिए जीवन को जोखिम में डालना उचित नहीं है।

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