मध्य रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 में माल ढुलाई से कमाए 8279 करोड़ रुपये
नागपुर मंडल के 54% योगदान और लौह अयस्क व कोयला लोडिंग में रिकॉर्ड वृद्धि से मध्य रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 79.34 मीट्रिक टन माल ढुलाई का लक्ष्य हासिल किया।

भारतीय रेलवे के विकास पथ पर एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मध्य रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपनी अब तक की सबसे शानदार उपलब्धि दर्ज की है। इस वित्तीय वर्ष में मध्य रेल ने कुल 30,573 रेकों के माध्यम से 79.34 मीट्रिक टन (MT) माल ढुलाई का विशाल आंकड़ा पार किया है, जिससे विभाग को 8,279 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व प्राप्त हुआ है। माल परिवहन की यह अभूतपूर्व सफलता न केवल रेलवे की परिचालन दक्षता को दर्शाती है, बल्कि देश की आर्थिक गतिशीलता में मध्य रेल की अपरिहार्य भूमिका को भी रेखांकित करती है। इस कुल ढुलाई में नागपुर मंडल ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है, जिसका योगदान 42.72 मीट्रिक टन माल ढुलाई और 4,597 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ पूरे जोन में सर्वाधिक 54% रहा, जो कुल राजस्व का 55% हिस्सा है।
वस्तुओं की श्रेणी में कोयला परिवहन का दबदबा बरकरार रहा, जिसने 33.92 मीट्रिक टन ढुलाई के साथ कुल परिवहन में 45% की हिस्सेदारी निभाई और 3,219 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। मध्य रेल ने इस वर्ष लौह अयस्क, फ्लाई ऐश और पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई में अपने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। लौह अयस्क की ढुलाई में पिछले वर्ष के 369 रेक की तुलना में 177% की जबरदस्त वृद्धि के साथ 1,022 रेक लोड किए गए। इसी तरह फ्लाई ऐश में 79% की वृद्धि के साथ 43 रेक और पेट्रोलियम उत्पादों में 13.4% की वृद्धि के साथ 2,672 रेक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया गया। अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं में कंटेनर परिवहन 9,522 रेक के साथ 6.3% बढ़ा, जबकि सीमेंट और क्लिंकर ढुलाई 2,424 रेक तक पहुंच गई। विशेष रूप से क्लिंकर ढुलाई में 79% का भारी उछाल देखा गया, जिसने 635 रेक का आंकड़ा छुआ। खाद्यान्न और प्याज के परिवहन में भी क्रमशः 17.6% और 133% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इस असाधारण प्रदर्शन के पीछे मध्य रेल की व्यावसायिक विकास पहल और बुनियादी ढांचे का विस्तार प्रमुख रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में कई नए माल एवं कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) और साइडिंग शुरू किए गए, जिनमें मूसा में नया फ्यूलको जीसीटी, मकरधोकडा में दिनेश ओसीएम जीसीटी, मुंगोली निर्गुडा में एमएनओजी जीसीटी और लोनावला में एमिरेट्स टर्मिनल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित नया टर्मिनल शामिल है। साथ ही, 31 जनवरी 2026 को बल्लारशाह में इस्पात और लौह अयस्क के लिए खोला गया नया माल टर्मिनल भी बेहद प्रभावी रहा। परिचालन के स्तर पर लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या में 100% से अधिक की वृद्धि की गई, जो 312 से बढ़कर 719 हो गई है। प्रतिदिन औसतन 359 मालगाड़ियों के आदान-प्रदान के माध्यम से मध्य रेल ने प्याज, खाद्यान्न और सीमेंट जैसी आवश्यक वस्तुओं की बाजार तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित की है। यह रणनीतिक परिवहन प्रणाली न केवल कीमतों को स्थिर करने और किसानों को लाभ पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों और बिजली संयंत्रों को कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति प्रदान कर राष्ट्र के सर्वांगीण आर्थिक विकास को गति दे रही है।

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