मध्य रेलवे ने माल ढुलाई से कमाए ₹4,117 करोड़, नागपुर मंडल का रहा सबसे बड़ा योगदान
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में मध्य रेलवे की माल ढुलाई में 10% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें अकेले नागपुर मंडल ने 59% हिस्सा शेयर किया।

तस्वीर में मध्य रेलवे की अप्रैल-सितंबर 2026 माल ढुलाई और राजस्व का पाई चार्ट दिख रहा है।
मध्य रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में माल ढुलाई के जरिए 4,117.07 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान रेलवे ने 15,652 रेक के माध्यम से 41.10 मिलियन टन माल का परिवहन किया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 14,625 रेक से 37.37 मिलियन टन माल की ढुलाई हुई थी। इस तरह माल ढुलाई की मात्रा में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि रेक की संख्या में 1,027 का इजाफा हुआ। सितंबर महीने में मध्य रेलवे ने पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक 6.59 मिलियन टन माल ढुलाई का रिकॉर्ड भी बनाया।
अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान माल ढुलाई से अर्जित 4,117.07 करोड़ रुपये का राजस्व पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 3,874.35 करोड़ रुपये की तुलना में 6 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। इस अवधि में नागपुर मंडल माल ढुलाई और राजस्व, दोनों मामलों में सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा।
कुल 41.10 मिलियन टन माल ढुलाई में नागपुर मंडल की हिस्सेदारी 24.26 मिलियन टन रही, जो कुल मात्रा का लगभग 59 प्रतिशत है। इसके बाद मुंबई मंडल ने 10.14 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जो कुल मात्रा का 24.67 प्रतिशत है। राजस्व के मामले में नागपुर मंडल ने 2,462.27 करोड़ रुपये अर्जित किए, जो कुल राजस्व का 59.80 प्रतिशत है। वहीं, मुंबई मंडल का योगदान 963.34 करोड़ रुपये रहा, जो कुल राजस्व का 23.40 प्रतिशत है।
वस्तुवार आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कोयले की ढुलाई 5,127 रेक के जरिए 20.19 मिलियन टन रही। इसकी हिस्सेदारी 49.12 प्रतिशत और राजस्व 1,852.90 करोड़ रुपये रहा। कंटेनरों की ढुलाई 4,757 रेक से 5.13 मिलियन टन हुई, जिसकी हिस्सेदारी 12.48 प्रतिशत और राजस्व 494.45 करोड़ रुपये रहा।
पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई 1,388 रेक से 3.48 मिलियन टन दर्ज की गई। इसमें 8.47 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ 373.31 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। सीमेंट की ढुलाई 778 रेक से 3.42 मिलियन टन रही, जिसकी हिस्सेदारी 8.32 प्रतिशत और राजस्व 239.28 करोड़ रुपये था। लौह एवं इस्पात की ढुलाई 825 रेक से 2.79 मिलियन टन रही। इसकी हिस्सेदारी 6.79 प्रतिशत और राजस्व 194.10 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
उर्वरकों की ढुलाई 594 रेक से 1.63 मिलियन टन हुई, जो कुल माल ढुलाई का 3.96 प्रतिशत रही। इससे 215.81 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। अन्य वस्तुओं की श्रेणी में लौह अयस्क, खाद्यान्न, ऑटोमोबाइल, क्लिंकर, चीनी, प्याज, डी-ऑयल्ड केक, बैलास्ट सहित अन्य सामग्री शामिल रही। इनकी ढुलाई 2,183 रेक से 4.46 मिलियन टन दर्ज की गई। कुल माल ढुलाई में इनकी हिस्सेदारी 10.86 प्रतिशत रही और इससे 747.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 15,652 रेक से 41.10 मिलियन टन माल की ढुलाई हुई और 4,117.07 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया।
ऑटोमोबाइल ढुलाई में भी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान ऑटोमोबाइल परिवहन के लिए 551 रेक का इस्तेमाल हुआ, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में 437 रेक का उपयोग किया गया था। इस तरह ऑटोमोबाइल ढुलाई में 114 रेक की वृद्धि हुई।
सितंबर 2026 में मध्य रेलवे ने 6.59 मिलियन टन माल की ढुलाई कर पिछले 10 वर्षों का सर्वाधिक मासिक आंकड़ा दर्ज किया। इस महीने 2,601 रेक से माल का परिवहन किया गया, जबकि सितंबर 2025 में 2,333 रेक से 5.27 मिलियन टन माल की ढुलाई हुई थी। इस आधार पर माल ढुलाई की मात्रा में 25 प्रतिशत से अधिक और रेक की संख्या में 268 की वृद्धि दर्ज की गई।
सितंबर 2026 में माल ढुलाई से 655.15 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ, जबकि सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 527.55 करोड़ रुपये था। इस तरह मासिक राजस्व में 24 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
सितंबर में मंडलवार आंकड़ों के अनुसार, नागपुर मंडल ने 3.94 मिलियन टन माल की ढुलाई से 389.55 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। मुंबई मंडल ने 1.58 मिलियन टन माल का परिवहन कर 162.86 करोड़ रुपये कमाए। सोलापुर मंडल की माल ढुलाई 0.62 मिलियन टन और राजस्व 41.74 करोड़ रुपये रहा। भुसावल मंडल ने 0.34 मिलियन टन माल की ढुलाई से 40.10 करोड़ रुपये अर्जित किए, जबकि पुणे मंडल ने 0.11 मिलियन टन माल का परिवहन कर 20.91 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। सभी मंडलों का कुल आंकड़ा 6.59 मिलियन टन माल ढुलाई और 655.15 करोड़ रुपये राजस्व रहा।
सितंबर महीने की प्रमुख उपलब्धियों में कोयला ढुलाई में उल्लेखनीय वृद्धि शामिल रही। सितंबर 2026 में कोयले के 836 रेक लोड किए गए, जबकि सितंबर 2025 में इनकी संख्या 452 थी। इस प्रकार 384 रेक की वृद्धि हुई। ऑटोमोबाइल ढुलाई के रेक 80 से बढ़कर 104 हो गए, यानी 24 रेक की वृद्धि दर्ज की गई। लौह अयस्क की ढुलाई में 47 रेक की बढ़ोतरी हुई और इनकी संख्या 42 से बढ़कर 89 हो गई। वहीं, क्लिंकर के रेक 42 से बढ़कर 59 हो गए, जिससे 17 रेक की वृद्धि दर्ज की गई।
मध्य रेलवे ने इस अवधि में कुछ विशेष उपलब्धियां भी हासिल कीं। महाराष्ट्र के लोनी से हरियाणा के फरुखनगर तक पहली बार ऑटोमोबाइल लोडिंग की गई, जिससे 73 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कलंबोली में उत्खनन मशीनों (एक्सकेवेटर) की लोडिंग दो रेक के साथ फिर शुरू हुई। इसके अलावा मिरज गुड्स शेड से कंटेनर लोडिंग भी दो रेक के साथ दोबारा शुरू की गई।
मध्य रेलवे ने माल ढुलाई कारोबार को और मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार, टर्मिनल क्षमता बढ़ाने, माल की निर्बाध और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने तथा नए प्रकार के माल यातायात को आकर्षित करने पर जोर दिया है। रेलवे के अनुसार, ग्राहक-केंद्रित माल परिवहन सेवाओं, नए लॉजिस्टिक्स समाधानों और नेटवर्क के बेहतर उपयोग के जरिए माल ढुलाई में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने तथा भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
यह प्रेस विज्ञप्ति 11 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। इसका क्रमांक PR No. 2026/10/18 है। विज्ञप्ति मध्य रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला द्वारा जारी की गई।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
