सेंट्रल रेलवे ने अप्रैल-जून 2026 में माल ढुलाई से कमाए 2143.84 करोड़ रुपये, 21.21 मिलियन टन लोडिंग का नया रिकॉर्ड
सेंट्रल रेलवे ने अप्रैल-जून 2026 में 21.21 मिलियन टन माल ढुलाई कर 2143.84 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। जानिए किस मंडल और किस वस्तु का रहा सबसे बड़ा योगदान।

तस्वीर में रेलवे ट्रैक पर आगे बढ़ती हुई एक भारतीय रेल की ट्रेन दिख रही है।
सेंट्रल रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए अप्रैल से जून 2026 की अवधि में 8048 रेक के माध्यम से 21.21 मिलियन टन (एमटी) माल की लोडिंग की। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में 7608 रेक के जरिए हुई 20.40 मिलियन टन लोडिंग की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में 440 अतिरिक्त रेक लोड किए गए। माल ढुलाई से सेंट्रल रेलवे को अप्रैल-जून 2026 के दौरान कुल 2143.84 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अप्रैल से जून 2026 की कुल 21.21 मिलियन टन लोडिंग में नागपुर मंडल ने 12.47 मिलियन टन यानी 59 प्रतिशत योगदान दिया। इसके बाद मुंबई मंडल ने 5.18 मिलियन टन यानी लगभग 24 प्रतिशत लोडिंग की। अन्य मंडलों में सोलापुर मंडल ने 1.85 मिलियन टन (9 प्रतिशत), भुसावल मंडल ने 1.27 मिलियन टन (6 प्रतिशत) तथा पुणे मंडल ने 0.45 मिलियन टन (2 प्रतिशत) माल लोड किया।
कुल 2143.84 करोड़ रुपये के राजस्व में भी नागपुर मंडल सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा, जिसने 1282.73 करोड़ रुपये यानी लगभग 60 प्रतिशत राजस्व अर्जित किया। इसके बाद मुंबई मंडल ने 491.34 करोड़ रुपये यानी 23 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया। अन्य मंडलों में भुसावल मंडल ने 148.50 करोड़ रुपये (7 प्रतिशत), सोलापुर मंडल ने 128.89 करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) तथा पुणे मंडल ने 92.39 करोड़ रुपये (4 प्रतिशत) का राजस्व अर्जित किया।
अप्रैल से जून 2026 के दौरान विभिन्न वस्तुओं की लोडिंग में कोयला सबसे प्रमुख रहा। इस अवधि में 2576 रेक के माध्यम से 10.22 मिलियन टन कोयले की ढुलाई हुई, जिसकी हिस्सेदारी कुल टनेज में 48 प्रतिशत रही और इससे 917.27 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कंटेनरों की 2442 रेक के जरिए 2.67 मिलियन टन (13 प्रतिशत) लोडिंग हुई, जिससे 247.42 करोड़ रुपये की आय हुई। पेट्रोलियम उत्पादों की 696 रेक से 1.76 मिलियन टन (8 प्रतिशत) लोडिंग कर 188.81 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। सीमेंट की 429 रेक से 1.83 मिलियन टन (9 प्रतिशत) लोडिंग हुई, जिससे 129.56 करोड़ रुपये की आय हुई। आयरन एवं स्टील की 408 रेक से 1.38 मिलियन टन (7 प्रतिशत) माल ढुलाई कर 107.26 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। उर्वरकों की 266 रेक से 0.73 मिलियन टन (3 प्रतिशत) लोडिंग कर 92.77 करोड़ रुपये की आय हुई। इसके अलावा आयरन ओर, ऑटोमोबाइल, क्लिंकर, चीनी, प्याज, डी-ऑयल्ड केक, बैलेस्ट सहित अन्य वस्तुओं की 1231 रेक से 2.62 मिलियन टन (12 प्रतिशत) लोडिंग हुई, जिससे 460.74 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
जून 2026 के दौरान सेंट्रल रेलवे ने 2659 रेक के माध्यम से 7.02 मिलियन टन माल की लोडिंग की, जबकि जून 2025 में 2561 रेक से 6.84 मिलियन टन लोडिंग हुई थी। इस प्रकार जून 2026 में टनेज के आधार पर लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई तथा रेकों की संख्या में 98 की बढ़ोतरी हुई। जून 2026 में माल ढुलाई से कुल 701.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
जून 2026 में मंडलवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो नागपुर मंडल ने 4.18 मिलियन टन लोडिंग कर 419.92 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। मुंबई मंडल ने 1.78 मिलियन टन लोडिंग से 170.79 करोड़ रुपये, सोलापुर मंडल ने 0.54 मिलियन टन से 40.40 करोड़ रुपये, भुसावल मंडल ने 0.39 मिलियन टन से 42.40 करोड़ रुपये तथा पुणे मंडल ने 0.14 मिलियन टन लोडिंग से 27.81 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया।
जून 2026 के दौरान विभिन्न वस्तुओं की लोडिंग में भी वृद्धि दर्ज की गई। कोयले की 855 रेक लोड की गईं, जबकि जून 2025 में यह संख्या 774 थी। कंटेनरों की 791 रेक लोड हुईं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 775 रेक थीं। पेट्रोलियम उत्पादों की 227 रेक लोड की गईं, जबकि जून 2025 में यह संख्या 204 थी। आयरन ओर की 114 रेक लोड हुईं, जबकि पिछले वर्ष 92 रेक थीं। ऑटोमोबाइल की 88 रेक लोड की गईं, जबकि जून 2025 में यह संख्या 76 थी। फ्लाई ऐश की 6 रेक लोड हुईं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 3 रेक लोड की गई थीं।
सेंट्रल रेलवे ने नई पहल के तहत 20 जून 2026 को बीएमसीटी टर्मिनल (भारत मुंबई कंटेनर टर्मिनल), जेएनपीटी से उत्तरी रेलवे के जीडीजीएच (गढ़ी हरसरू) टर्मिनल तक पहली बार डबल स्टैक कंटेनर लोडिंग का महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। सेंट्रल रेलवे ने विभिन्न उपायों के माध्यम से वस्तुओं के परिवहन को सुगम बनाते हुए कोयला, पेट्रोलियम उत्पाद, आयरन एवं स्टील तथा आयरन ओर की निर्बाध आपूर्ति उद्योगों और विद्युत संयंत्रों तक सुनिश्चित की। सीमेंट की ढुलाई के जरिए निर्माण केंद्रों तक आपूर्ति कर आधारभूत संरचना विकास को गति देने, लॉजिस्टिक लागत कम करने और उपलब्धता बनाए रखने में योगदान दिया। ऑटोमोबाइल परिवहन के माध्यम से विनिर्माण केंद्रों से वितरण टर्मिनलों तक एंड-टू-एंड समाधान उपलब्ध कराया, जिससे सड़क परिवहन पर निर्भरता घटने के साथ कार्बन उत्सर्जन और राजमार्गों पर भीड़ कम करने में मदद मिली। उर्वरकों की ढुलाई के जरिए कृषि क्षेत्र के लिए निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे खाद्य उत्पादन और खेती को समर्थन मिला। खाद्यान्न परिवहन के माध्यम से सार्वजनिक कल्याण योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर वितरण, अधिशेष क्षेत्रों से कमी वाले क्षेत्रों तक आपूर्ति तथा सड़क परिवहन की तुलना में अधिक किफायती व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।
सेंट्रल रेलवे ने कहा कि उच्च क्षमता वाली इन माल ढुलाई परिचालन व्यवस्थाओं के माध्यम से वह आवश्यक औद्योगिक वस्तुओं के तेज, किफायती और बड़े पैमाने पर परिवहन को सुनिश्चित करते हुए देश की आर्थिक प्रगति को निरंतर गति दे रहा है। यह प्रेस विज्ञप्ति 21 जुलाई 2026 को मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, सेंट्रल रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई के डॉ. स्वप्निल नीला द्वारा जारी की गई। प्रेस विज्ञप्ति संख्या 2026/07/43 है।

Pratahkal Bureau
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