मुंबई। सेंट्रल रेलवे ने 5 नवंबर 2026 को अपनी स्थापना के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की प्रतिष्ठित विरासत इमारत में हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजीव श्रीवास्तव ने हेरिटेज वॉक का नेतृत्व किया। आयोजन के माध्यम से रेलवे की समृद्ध विरासत, स्थापत्य कला और भारतीय रेलवे के विकास में उसके योगदान को रेखांकित किया गया।

ग्रेट इंडियन पेनिनसुला (GIP) रेलवे की उत्तराधिकारी सेंट्रल रेलवे ने 5 नवंबर 2026 को स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर सेवा के 76वें वर्ष में प्रवेश किया। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है, जो दशकों के विस्तार, बदलाव, तकनीकी प्रगति और यात्री एवं माल परिवहन सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सेंट्रल रेलवे का इतिहास 16 अप्रैल 1853 से जुड़ा है। इसी दिन एशिया और भारत की पहली यात्री ट्रेन बॉम्बे (अब मुंबई) से ठाणे के बीच 33 किलोमीटर की दूरी तय करके चली थी। इस ऐतिहासिक यात्रा के साथ भारत में रेल परिवहन की शुरुआत हुई। इसके बाद ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए देश के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को रेल संपर्क से जोड़ा और रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

5 नवंबर 1951 को तत्कालीन GIP रेलवे का निजाम स्टेट रेलवे, सिंधिया स्टेट रेलवे और धौलपुर स्टेट रेलवे के साथ एकीकरण कर सेंट्रल रेलवे का गठन किया गया। वर्तमान में इसका संचालन मुंबई, भुसावल, नागपुर, सोलापुर और पुणे सहित पांच मंडलों के माध्यम से होता है। इसका रेल नेटवर्क महाराष्ट्र के साथ मध्य प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में फैला है। कुल 4384.92 रूट किलोमीटर के इस नेटवर्क से 492 स्टेशन जुड़े हुए हैं।

इन 75 वर्षों में सेंट्रल रेलवे ने यात्री परिवहन और माल ढुलाई के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डेक्कन क्वीन, पंजाब मेल, गीतांजलि एक्सप्रेस और पुष्पक एक्सप्रेस जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनें इसके इतिहास का हिस्सा रही हैं। आधुनिक रेल सेवाओं के विस्तार में भी सेंट्रल रेलवे आगे रहा है। वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत और यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न पहल इसी निरंतर बदलाव का हिस्सा हैं।

मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाएं शहर की जीवनरेखा हैं। ये प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने उपनगरीय नेटवर्क का लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण किया है। पारंपरिक उपनगरीय सेवाओं से शुरुआत के बाद 9 डिब्बों, 12 डिब्बों और 15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनों का विस्तार किया गया। यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए एसी उपनगरीय सेवाएं भी शुरू की गईं।

वर्ष 1951 में उपनगरीय ट्रेनों की संख्या 519 थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 1,860 हो गई। इनमें मुंबई की 1,820 और पुणे की 40 सेवाएं शामिल हैं। वर्तमान में सेंट्रल रेलवे मुंबई की मेन लाइन, हार्बर लाइन, ट्रांस-हार्बर लाइन और उरण लाइन के साथ पुणे-लोनावला खंड पर भी उपनगरीय रेल सेवाओं का संचालन करता है। क्षमता बढ़ाने, समयपालन में सुधार और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिकीकरण के तहत सेंट्रल रेलवे नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन बिछाने, आमान परिवर्तन, विद्युतीकरण, पुल निर्माण, यार्ड रीमॉडलिंग और स्टेशन पुनर्विकास जैसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेल लाइनों की क्षमता बढ़ाना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और यात्री एवं माल परिवहन के लिए बेहतर संपर्क उपलब्ध कराना है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 103.58 किलोमीटर रेल लाइन चालू की गई। इसमें 71.84 किलोमीटर दोहरीकरण और 31.74 किलोमीटर नई रेल लाइन शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में सेंट्रल रेलवे ने कुल 1,157.15 किलोमीटर रेल लाइनों को चालू किया है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा, प्लेटफॉर्म सुधार, यात्री सुविधाओं का विस्तार और डिजिटल पहल भी की जा रही हैं, ताकि रेल यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।

माल परिवहन भी सेंट्रल रेलवे के विकास और आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसका रेल नेटवर्क कोयला, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, खाद्यान्न, कंटेनर और अन्य औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन में अहम योगदान देता है। माल लदान बढ़ाने, टर्मिनल सुविधाओं का विस्तार करने और उद्योगों एवं कारोबारियों को बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में सेंट्रल रेलवे ने ₹8,296 करोड़ का प्रारंभिक माल लदान दर्ज किया। इस दौरान लौह अयस्क, पेट्रोलियम उत्पाद, खाद्यान्न, सीमेंट और कंटेनर यातायात सहित कई वस्तुओं के परिवहन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।

यात्रियों और रेल परिचालन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेंट्रल रेलवे उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली, कवच, ट्रैक रखरखाव, आधुनिक रेल डिब्बों एवं इंजनों के आधुनिकीकरण और तकनीकी उपायों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रहा है।

आधुनिक रेल सेवाओं की शुरुआत, यात्री सुविधाओं में सुधार, डिजिटल टिकटिंग, ऊर्जा दक्ष तकनीकों और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी पहलों के माध्यम से रेलवे को आधुनिक, टिकाऊ और यात्री अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक सेवाएं देने तथा माल ग्राहकों को कुशल परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बुनियादी ढांचे के निरंतर विकास, तकनीकी प्रगति और रेल कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों के साथ सेंट्रल रेलवे ने आने वाले वर्षों में भी राष्ट्रसेवा जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।

यह प्रेस विज्ञप्ति 5 नवंबर 2026 को जारी की गई। इसका जनसंपर्क क्रमांक 2026/11/12 है। विज्ञप्ति सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई की ओर से जारी की गई।

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