कलवा कार शेड के पास सिग्नल पर रुकने वाली लोकल ट्रेन में जान जोखिम में डालकर चढ़ने वाले यात्रियों पर मध्य रेलवे सख्त हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। आखिर क्यों बंद किया जा रहा है यह गेट?

मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेनों में केवल निर्धारित स्टेशन प्लेटफॉर्म से ही चढ़ें या उतरें। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यार्ड, कार शेड या सिग्नल जैसी अनधिकृत जगहों से ट्रेन में चढ़ना या उतरना न केवल प्रतिबंधित है, बल्कि जानलेवा भी है। यह मामला तब सामने आया जब सुबह 08:00 बजे से 08:30 बजे के बीच कलवा कार शेड से निकलने वाली एक खाली लोकल ट्रेन सिग्नल के कारण मुख्य प्रवेश द्वार के पास केबिन के निकट रुकती है। इस दौरान यात्री गेट लांघकर सिग्नल पर खड़ी ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करते हैं, जो बेहद खतरनाक है। यदि ट्रेन को सिग्नल मिलने पर अचानक चलना शुरू कर दिया जाए, तो इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है और जान-माल का नुकसान हो सकता है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मध्य रेलवे ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उस गेट को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, सुरक्षा मानकों की जांच करते हुए सिग्नल पर ट्रेनों का ठहराव खत्म करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। इस स्थान पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आरपीएफ जवानों की तैनाती की गई है। रेलवे अधिनियम के तहत कार शेड या अन्य गैर-यात्री क्षेत्रों से खाली रैक में चढ़ना एक दंडनीय अपराध है, और अनधिकृत स्थानों से ट्रेन में चढ़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मध्य रेलवे ने जोर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी को रेलवे प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सकते हैं या ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं। यह जानकारी 12 जुलाई 2026 को मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल निला द्वारा जारी की गई है।

