भुसावल-बडनेरा रेल लाइन परियोजना: मुआवजे के लालच में अवैध निर्माण न करें, रेलवे की चेतावनी
भुसावल–बडनेरा रेल परियोजना में मुआवजे के नाम पर दलालों का बड़ा खेल सामने आया है। रेलवे सीमा के पास अवैध निर्माण करने वालों को प्रशासन ने दी बड़ी चेतावनी, ड्रोन सर्वे में पकड़े गए 113 अवैध निर्माण। क्या आपको मिलेगा मुआवजा? जानें पूरी सच्चाई।

तस्वीर में भुसावल-बडनेरा रेल परियोजना क्षेत्र के पास बनी बिना प्लास्टर वाली कंक्रीट की इमारतें और आसपास की खाली जमीन दिखाई दे रही है।
मध्य रेलवे के भुसावल मंडल की महत्वाकांक्षी भुसावल–बडनेरा तीसरी एवं चौथी रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इस महत्वपूर्ण कार्य के बीच रेलवे प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व और दलाल भोले-भाले लोगों को अधिक मुआवजा दिलाने का झूठा प्रलोभन देकर रेलवे सीमा के निकट अवैध निर्माण करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। रेलवे ने नागरिकों से स्पष्ट अपील की है कि वे ऐसे भ्रामक प्रचार और अफवाहों से पूरी तरह सावधान रहें और किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं।
रेलवे प्रशासन द्वारा परियोजना क्षेत्र का ड्रोन एवं वीडियो सर्वेक्षण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, मार्च से जून 2026 के बीच बुलढाणा जिले में रेलवे सीमा से 30 मीटर के भीतर बिना अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्राप्त किए 113 अवैध निर्माण किए गए हैं। इन अवैध निर्माणों में जलंब–नांदुरा खंड में 41, नांदुरा–बिस्वा ब्रिज खंड में 62 और बिस्वा ब्रिज–मलकापुर खंड में 10 निर्माण शामिल हैं।
रेलवे बोर्ड के पत्र संख्या 2015/LML-I/19/2 और यूनिफाइड डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन्स (UDCPR) के प्रावधानों के तहत, रेलवे सीमा से 30 मीटर के भीतर कोई भी निर्माण कार्य करने से पूर्व अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेना अनिवार्य है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ड्रोन एवं वीडियो सर्वेक्षण के बाद किए गए सभी नए अवैध निर्माण पूरी तरह अनधिकृत माने जाएंगे और ऐसे किसी भी निर्माण के लिए भविष्य में मुआवजे या क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने ग्राम पंचायतों, नगर परिषदों, नगर निकायों और नियोजन प्राधिकरणों से भी कड़ाई से अनुरोध किया है कि वे रेलवे की पूर्व एनओसी के बिना 30 मीटर के दायरे में किसी भी निर्माण की अनुमति जारी न करें। साथ ही, आम जनता को गुमराह कर अवैध निर्माण कराने वाले दलालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है।
रेलवे ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे दलालों के प्रलोभन में आकर अपनी मेहनत की कमाई अवैध निर्माणों पर व्यर्थ न करें, क्योंकि ऐसे निर्माणों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तय है और होने वाली आर्थिक हानि के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। यदि कोई व्यक्ति अवैध निर्माण के लिए उकसाता है या मुआवजे का झांसा देकर धन मांगता है, तो इसकी गोपनीय सूचना डीआरएम कार्यालय, भुसावल स्थित भूमि प्रबंधन सेल को दी जा सकती है।

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