बेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी, जल्द शुरू होगी वंदे भारत स्लीपर सेवा
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन किया और कर्नाटक में उपनगरीय रेल व बुलेट ट्रेन कॉरिडोर सहित कई बड़ी परियोजनाओं की प्रगति साझा की।

नई दिल्ली में आयोजित वर्चुअल समारोह के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव बेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ के अवसर पर रेलवे कनेक्टिविटी मानचित्र के माध्यम से नई परियोजनाओं की रूपरेखा समझाते हुए।
नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीधे संपर्क को और अधिक सुदृढ़ व सुगम बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बेंगलुरु और मुंबई के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई दिल्ली से पीआईबी द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, रेल मंत्री ने इस अवसर पर एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि बेंगलुरु और मुंबई के बीच प्रतीक्षित 'वंदे भारत स्लीपर' सेवा भी बहुत जल्द शुरू होने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई ट्रेन के परिचालन से दक्षिण और उत्तर कर्नाटक की जनता की वर्षों पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांग अब पूरी हो गई है। यह कदम दोनों राज्यों के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक अभूतपूर्व ऊंचाई पर ले जाएगा।
अवसंरचनात्मक विकास और भारी-भरकम निवेश के आंकड़ों को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाल के वर्षों में कर्नाटक में रेलवे के बजट आवंटन में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई है, जिसने राज्य में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की गति को पंख लगा दिए हैं। उन्होंने बताया कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत कर्नाटक के कुल 61 रेलवे स्टेशनों को ₹2,160 करोड़ की भारी राशि से पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिनमें से 9 स्टेशनों का कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है। इस भव्य पुनर्विकास योजना के तहत बेंगलुरु कैंटोमेंट स्टेशन को ₹485 करोड़ और यशवंतपुर स्टेशन को ₹367 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। रेल मंत्री ने रणनीतिक विकास का ब्योरा देते हुए बताया कि साल 2014 के बाद से अकेले कर्नाटक राज्य में लगभग 1,750 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइनें बिछाई जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, हसन-मंगलुरु खंड जैसे बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण भूगोल वाले हिस्से में भी रेलवे का विद्युतीकरण कार्य सफलतापूर्ण पूरा कर लिया गया है, जिसका वर्तमान में सुरक्षा व तकनीकी परीक्षण चल रहा है।
बेंगलुरु की जीवनरेखा माने जा रहे 'बेंगलुरु सबअर्बन रेलवे प्रोजेक्ट' (बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना) की प्रगति पर विस्तृत जानकारी देते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना के चारों कॉरिडोर पर काम बेहद तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। बाईयप्पनहल्ली-चिक्काबनावाड़ा कॉरिडोर और हीलालिगे-राजनुकुंटे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का शत-प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और स्टेशनों के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वहीं, केएसआर बेंगलुरु-देवनाहल्ली अलाइनमेंट को राज्य सरकार और रेल मंत्रालय दोनों द्वारा संयुक्त रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और इसका भू-तकनीकी (जियोटेक्निकल) सर्वेक्षण भी पूरा हो चुका है। हाल ही में स्वीकृत हुए केंगेरी-व्हाइटफील्ड अलाइनमेंट का सर्वेक्षण कार्य भी बहुत जल्द धरातल पर शुरू होने वाला है। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि यह उपनगरीय रेल नेटवर्क पूर्ण होने के बाद बेंगलुरु के सबसे प्रमुख हब जैसे- एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठहल्ली और हेब्बाल को आपस में पूरी तरह एकीकृत कर देगा। वर्तमान कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कर्नाटक में अभी वंदे भारत ट्रेनों के 12 जोड़े संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर भी नई वंदे भारत का परीक्षण जारी है, जिसके शुरू होने से तटीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सीधे मडगांव तक उत्कृष्ट हो जाएगी। भविष्य की मेगा योजनाओं का खुलासा करते हुए श्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी रेखांकित किया कि बेंगलुरु को हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने वाले हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, और मुंबई-बेंगलुरु समेत देश के प्रमुख महानगरों को आपस में जोड़ने के दीर्घकालिक दृष्टिकोण (लॉन्ग टर्म विजन) के तहत इस पूरे नेटवर्क को आगामी समय में 7,000 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना है।
इस गरिमामयी वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रेल राज्य मंत्री श्री वी. सोमनन्ना ने ट्रेन संख्या 16553/54 एसएमवीटी बेंगलुरु - लोकमान्य तिलक टर्मinus एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाए जाने के ऐतिहासिक अवसर पर सभा को संबोधित किया। उन्होंने इस व्यस्ततम रेल मार्ग पर नई ट्रेन की सौगात देने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और कहा कि यह ट्रेन यात्रियों के सफर को बेहद सुगम बनाएगी और कर्नाटक के सर्वांगीण विकास को नई गति प्रदान करेगी। श्री सोमनन्ना ने आंकड़ों के जरिए बताया कि मौजूदा समय में कर्नाटक के 14 जिलों को कवर करते हुए कुल 12 जोड़े वंदे भारत ट्रेनें दौड़ रही हैं। राज्य में तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए थनिसंद्रा में ₹270 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक 'वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो' स्थापित किया जा रहा है, जबकि एसएमवीटी बेंगलुरु में ₹52.73 करोड़ की लागत से चेयर कार रखरखाव सुविधा का निर्माण किया जा रहा है। रेल नेटवर्क की क्षमता और लाइन क्षमता को बढ़ाने के लिए बाईयप्पनहल्ली-होसुर मार्ग का दोहरीकरण (₹1,116 करोड़), बेट्टाहालसूर-राजनुकुंटे मार्ग का दोहरीकरण (₹248 करोड़), और बेंगलुरु के आसपास के रेल नेटवर्क के चौड़ीकरण (क्वाड्रपलिंग) का कार्य ₹1,347 करोड़ की भारी लागत से तीव्र गति से किया जा रहा है।
रेल राज्य मंत्री श्री सोमनन्ना ने आगे सूचित किया कि रेलवे के संचालन को अत्यधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए यशवंतपुर, केएसआर बेंगलुरु, लोटेगोल्लाहल्ली, बाईयप्पनहल्ली, पेनुकोंडा, मैसूरु और जोलारपेट्टई जैसे बेहद महत्वपूर्ण रेल खंडों में कुल ₹6,396 करोड़ की भारी-भरकम लागत से 'ऑटोमैटिक सिग्नलिंग' (स्वचालित सिग्नल प्रणाली) का कार्य धड़ल्ले से लागू किया जा रहा है। कर्नाटक में रेल क्रांति के समग्र विकास को प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष कर्नाटक को अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड ₹7,748 करोड़ का रेल बजट आवंटित किया गया है। साल 2014 से लेकर अब तक राज्य में लगभग 3,840 किलोमीटर लंबी रेल लाइनों का विकास किया गया है और 3,742 किलोमीटर लाइनों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर कर्नाटक को पूर्ण रूप से 100% रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि साल 2014 से पहले जहां राज्य में रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) की संख्या महज 150 के आसपास हुआ करती थी, वह आज बढ़कर 707 हो चुकी है। अगले एक वर्ष के भीतर 146 और ऐसे ब्रिजों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, तथा रेलवे ने आगामी तीन वर्षों के भीतर कर्नाटक के सभी लेवल क्रॉसिंग (फाटकों) को पूरी तरह से समाप्त करने का एक बेहद महत्वाकांक्षी और कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस ऐतिहासिक फ्लैग-ऑफ समारोह के स्वर्णिम क्षणों के साक्षी बनने वाले विशिष्ट अतिथियों में बेंगलुरु सेंट्रल से माननीय सांसद श्री पी. सी. मोहन, राज्यसभा के माननीय सांसद श्री लहर सिंह सिरोया, और बेंगलुरु दक्षिण से माननीय सांसद श्री तेजस्वी सूर्या विशेष रूप से शामिल रहे, जिन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस पूरे आयोजन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में भारतीय रेलवे के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उच्च स्तर पर मौजूद रहे, जिन्होंने इस सुदृढ़ रेल कनेक्टिविटी को दोनों राज्यों की आर्थिक प्रगति का नया आधार स्तंभ बताया।
🚆 New Express train between Bengaluru - Mumbai flagged off.✅ Strengthening direct connectivity between Karnataka & Maharashtra pic.twitter.com/yCJr4I4XT2— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) May 17, 2026

Pratahkal Newsroom
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