बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुरक्षा और रेल विस्तार के लिए पश्चिम रेलवे ने शुरू की संयुक्त कानूनी कार्रवाई।

मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित गरीब नगर में पश्चिम रेलवे ने मंगलवार, 19 मई 2026 को बड़े स्तर पर सुरक्षा-केंद्रित अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अचानक या मनमाने तरीके से नहीं की जा रही, बल्कि कई वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया और न्यायालयी आदेशों के बाद अमल में लाई जा रही है। यह अभियान सक्रिय रेलवे ट्रैक से सटे सुरक्षा क्षेत्र में चलाया जा रहा है, जहां अनधिकृत बस्तियां मानव जीवन और रेल संचालन दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी थीं।

पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, इस मामले में पब्लिक प्रिमाइसेस एक्ट के तहत वर्ष 2017 से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई थी और 27 नवंबर 2017 को बेदखली आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद करीब नौ वर्षों तक यह मामला विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाओं से गुजरता रहा। मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची, जहां विस्तृत कानूनी परीक्षण किया गया।

रेलवे ने बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को अपने नवीनतम आदेश में अनधिकृत अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी थी। बाद की न्यायिक कार्यवाहियों और सुप्रीम कोर्ट में भी इस आदेश को बरकरार रखा गया। न्यायालय ने संयुक्त सर्वे प्रक्रिया में चिन्हित पात्र संरचनाओं को संरक्षण देने के निर्देश भी दिए थे। पश्चिम रेलवे ने कहा कि वह अदालत के सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है और जिन संरचनाओं को संरक्षण के लिए चिन्हित किया गया है, उन्हें नहीं हटाया जा रहा।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र मुंबई के सबसे व्यस्त रेल कॉरिडोर में शामिल है और भविष्य की रेल क्षमता वृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे ने कहा कि अतिक्रमण हटाना सुरक्षा, परिचालनिक लचीलापन और भविष्य के बुनियादी ढांचा विस्तार के लिए जरूरी है। प्रस्तावित कार्यों के तहत अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं और लंबी दूरी की नई रेल सेवाओं के संचालन की क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे देशभर के यात्रियों को लाभ मिलेगा।

पश्चिम रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे भूमि पर स्थायी रूप से अतिक्रमण नहीं रहने दिया जा सकता, विशेषकर उन क्षेत्रों में जो सीधे रेल सुरक्षा और संचालन से जुड़े हों। प्रशासन ने कहा कि पूरी कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के दायरे में रहकर की जा रही है।

अभियान को शांतिपूर्ण और मानवीय तरीके से पूरा करने के लिए पश्चिम रेलवे, नागरिक प्रशासन, पुलिस विभाग और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं। रेलवे ने मीडिया से अपील की है कि रिपोर्टिंग करते समय मानवीय संवेदनाओं के साथ-साथ रेलवे सुरक्षा और करोड़ों यात्रियों की आवाजाही से जुड़े व्यापक सार्वजनिक हित को भी ध्यान में रखा जाए।

Pratahkal Bureau

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