बरेका ने रचा इतिहास, जुलाई 2026 में 65 विद्युत रेल इंजनों का रिकॉर्ड निर्माण
बरेका ने जुलाई 2026 में 65 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण कर नया रिकॉर्ड बनाया, जानिए इस बड़ी उत्पादन उपलब्धि की पूरी जानकारी।

तस्वीर में बरेका वाराणसी परिसर की रेलवे पटरी पर खड़ा हरे और पीले रंग का डब्ल्यूएजी-9एचसी विद्युत रेल इंजन दिखाई दे रहा है।
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), वाराणसी ने जुलाई 2026 में एक माह के भीतर 65 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह किसी भी वित्तीय वर्ष में एक माह के दौरान बरेका द्वारा किया गया अब तक का सर्वाधिक रेल इंजन उत्पादन है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के तहत बरेका ने भारतीय रेल के लिए 44 डब्ल्यूएजी-9एचसी (WAG-9HC) मालवाहक विद्युत रेल इंजन, 13 डब्ल्यूएपी-7 (WAP-7) यात्री विद्युत रेल इंजन तथा 8 अमृत भारत विद्युत रेल इंजनों का सफलतापूर्वक निर्माण किया। यह उपलब्धि बरेका की उत्कृष्ट उत्पादन क्षमता, अत्याधुनिक तकनीक तथा कर्मचारियों की समर्पित कार्यसंस्कृति को दर्शाती है।
इससे पहले बरेका ने मार्च 2025 में एक माह के दौरान 61 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण कर अपना सर्वोच्च मासिक उत्पादन रिकॉर्ड बनाया था। जुलाई 2026 में 65 इंजनों के निर्माण के साथ बरेका ने अपने ही पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
स्थापना काल से अब तक बरेका द्वारा कुल 11,445 रेल इंजनों का निर्माण किया जा चुका है, जिनमें 3,109 विद्युत रेल इंजन शामिल हैं। यह उपलब्धि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बरेका की अग्रणी भूमिका को और मजबूत करती है।
"मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" की अवधारणा को साकार करते हुए बरेका अब तक 11 देशों को 182 रेल इंजनों का निर्यात भी कर चुका है। इनमें मोजाम्बिक, म्यांमार, श्रीलंका, सूडान, तंजानिया, बांग्लादेश, माली सेनेगल, अंगोला,वियतनाम एवं मलेशिया देश शामिल हैं।
इस ऐतिहासिक सफलता पर बरेका के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रत्येक कर्मचारी की मेहनत, समर्पण, टीम भावना तथा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बरेका वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय द्वारा निर्धारित 468 विद्युत रेल इंजनों के उत्पादन लक्ष्य को भी निर्धारित समय से पूर्व तथा उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ प्राप्त करेगा।
बरेका की यह नई उपलब्धि न केवल बरेका की उत्कृष्ट उत्पादन क्षमता का परिचायक है, बल्कि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान तथा भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है।

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