आषाढ़ी वारी 2026: मध्य रेलवे ने 100 विशेष ट्रेनें चलाकर 1.13 लाख श्रद्धालुओं को पहुंचाया पंढरपुर, यात्री राजस्व में 20% बढ़ोतरी
आषाढ़ी वारी 2026 में मध्य रेलवे ने पंढरपुर के लिए 100 विशेष ट्रेनें चलाईं, 1.13 लाख श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम बनाई और यात्री राजस्व में 20% वृद्धि दर्ज की।

तस्वीर में पंढरपुर रेलवे स्टेशन भवन, ट्रेन से यात्रा करते वारकरी श्रद्धालु और स्टेशन परिसर में एकत्रित भीड़ दिखाई दे रही है।
आषाढ़ी वारी 2026 के अवसर पर 25 जुलाई 2026 को पंढरपुर में आयोजित देश के सबसे बड़े वार्षिक धार्मिक आयोजनों में से एक के दौरान मध्य रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करते हुए व्यापक व्यवस्थाएं कीं। पंढरपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए विस्तृत योजना, विभिन्न विभागों के समन्वय और चौबीसों घंटे निगरानी के माध्यम से लाखों वारकरियों के आवागमन का सफल प्रबंधन किया गया।
मध्य रेलवे ने 24 से 26 जुलाई 2026 के तीन प्रमुख दिनों में पंढरपुर से आने-जाने के लिए कुल 100 विशेष एवं नियमित ट्रेनों का संचालन किया। यह संचालन 40 मिनट के सेक्शनल समय वाले सिंगल लाइन खंड पर किया गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में 91 ट्रेनों का संचालन किया गया था। इस वर्ष 24 जुलाई को 35 ट्रेनें, 25 जुलाई को 34 ट्रेनें और 26 जुलाई को 31 ट्रेनें चलाई गईं। 24 से 26 जुलाई 2026 के दौरान पंढरपुर रेलवे स्टेशन पर लगभग 1,13,197 यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 1,10,066 थी।
यात्री राजस्व के मामले में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। तीन प्रमुख दिनों के दौरान ओरिजिनेटिंग अर्निंग्स 1.27 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष यह 1.07 करोड़ रुपये थी। यूटीएस और पीआरएस यात्रियों से प्राप्त इस आय में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
यात्रियों को निर्बाध टिकट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पंढरपुर स्टेशन पर पांच अतिरिक्त बुकिंग काउंटर खोले गए। यात्रियों की मांग के अनुरूप पांच ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) तथा 10 मोबाइल अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (MUTS) उपकरण लगाए गए। यात्रियों को मोबाइल टिकटिंग के लिए RailOne App के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। स्टेशन परिसर और होल्डिंग क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग तथा वैज्ञानिक कतार प्रबंधन लागू किया गया। तीन मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (FOB) के संवेदनशील क्षेत्र में आने और जाने वाले यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए विशेष बैरिकेडिंग की गई।
यात्री सुविधाओं के तहत पुराने और नए भवनों में कुल 12,330 वर्गमीटर के जलरोधक स्थायी होल्डिंग क्षेत्र विकसित किए गए। इस वर्ष अतिरिक्त 1,320 वर्गमीटर का नया होल्डिंग क्षेत्र बनाया गया, जबकि दीर्घकालिक क्षमता वृद्धि के लिए मौजूदा गुड्स शेड पर 3,000 वर्गमीटर का आच्छादित क्षेत्र भी विकसित किया गया। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करते हुए मौजूदा 84 शौचालयों के अतिरिक्त 104 अस्थायी शौचालय जोड़े गए, जिससे कुल संख्या 188 हो गई। चरम भीड़ वाले दिनों में प्रत्येक शिफ्ट में संविदा हाउसकीपिंग कर्मियों की तैनाती के साथ चौबीसों घंटे सफाई, कचरा निस्तारण और जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
महोत्सव ड्यूटी पर तैनात लगभग 110 वाणिज्यिक कर्मचारियों, 150 रेलवे सुरक्षा बल (RPF), 130 सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), 40 सिविल डिफेंस तथा अन्य विभागों के 50 कर्मचारियों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था भी की गई।
संचार, सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ किया गया। 80 सीसीटीवी कैमरों से जुड़े आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से पूरे स्टेशन परिसर की लाइव निगरानी की गई। यात्रियों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पांच वीडियो वॉल, ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड तथा हिंदी, अंग्रेजी, मराठी और कन्नड़ भाषा में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग किया गया। मौजूदा स्वास्थ्य इकाई के साथ रणनीतिक स्थानों पर चिकित्सा बूथ स्थापित किए गए और चौबीसों घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रही। मेडिकल अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, ड्रेसर और अस्पताल परिचारक की टीम ने इस अवधि में 1,219 श्रद्धालुओं का उपचार किया।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से ट्रेन प्रस्थान से पहले टिकट जांच कर्मचारियों, रेलवे सुरक्षा बल और सिविल डिफेंस की टीमों द्वारा सभी डिब्बों के दरवाजे बंद होने की जांच की गई, ताकि यात्रियों का सुरक्षित चढ़ना और उतरना सुनिश्चित किया जा सके। विशेष ट्रेनों के संचालन के लिए रोलिंग स्टॉक की तत्काल उपलब्धता बनाए रखने हेतु गारंटीड ऑपरेशन के तहत चार स्क्रैच रेक भी तैनात किए गए, जिससे सुरक्षा, विश्वसनीयता और समयपालन सुनिश्चित हुआ।
सामाजिक सहयोग के तहत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों और धर्मार्थ संस्थाओं ने लगभग एक लाख श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन वितरित किया। मध्य रेलवे की टीम ने सभी वारकरियों के सहयोग तथा गैर-सरकारी संगठनों और स्वयंसेवकों के समर्पित प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हीं के सहयोग से आषाढ़ी वारी 2026 सुरक्षित और यादगार रही। मध्य रेलवे ने श्रद्धालुओं की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

Pratahkal Bureau
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