अमृत संवाद: रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने नई दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों से की सीधी बातचीत
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आयोजित “अमृत संवाद” में रेलवे बोर्ड अध्यक्ष श्री सतीश कुमार ने यात्रियों से सीधी बातचीत कर सुधारों पर फीडबैक लिया। विशेष अभियान 5.0 के तहत शुरू हुई यह पहल स्टेशनों के आधुनिकीकरण और नागरिक भागीदारी को मज़बूत करने पर केंद्रित है।

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों और नागरिकों की भागीदारी को मज़बूत करने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत की है। “अमृत संवाद” नामक इस पहल का उद्देश्य न केवल स्टेशनों के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाना है, बल्कि यात्रियों की आवाज़ को सीधे सुना जाना भी है। इसी क्रम में बुधवार, 2 अक्टूबर 2025 को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का दौरा किया और यात्रियों से सीधी बातचीत की।
यह पहल प्रधानमंत्री द्वारा प्रतिपादित अमृत काल के दृष्टिकोण और पंच प्रण के सिद्धांतों से प्रेरित है। रेलवे मंत्रालय ने विशेष अभियान 5.0 के तहत इस संवाद को नागरिक-केंद्रित रूप देने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष आयोजित “रेल चौपाल” की सफलता के बाद, इस बार इसे व्यापक स्तर पर “अमृत संवाद” के रूप में आगे बढ़ाया गया है।
नई दिल्ली स्टेशन पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्री सतीश कुमार ने यात्रियों से बातचीत करते हुए रेलवे स्टेशनों पर किए गए विभिन्न सुधारों पर उनकी राय जानी। उन्होंने यात्रियों से सीधा फीडबैक लेते हुए आश्वासन दिया कि उनकी सुझावों को आगामी सुधार योजनाओं में शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने “स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025” में उत्कृष्ट योगदान देने वाले आठ सफाई मित्रों और स्वच्छता विषयक पेंटिंग प्रतियोगिता में विजयी तीन छात्रों को सम्मानित भी किया।
“अमृत संवाद” रेलवे अधिकारियों और नागरिकों के बीच एक सेतु की तरह कार्य करता है। यह मंच न केवल यात्रियों की समस्याओं और चिंताओं को उजागर करता है, बल्कि भविष्य में किए जाने वाले सुधारों की दिशा भी तय करता है। यह संवाद 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक पूरे भारतीय रेलवे में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे अमृत स्टेशनों और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर आयोजित किया जाएगा।
इस पहल के अंतर्गत स्टेशनों पर किए गए प्रमुख सुधारों में उन्नत प्रतीक्षालय और शौचालय, आधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर, यात्रियों के लिए सूचना प्रणाली, मुफ्त वाई-फाई, “एक स्टेशन एक उत्पाद” कियोस्क, भूनिर्माण और सौंदर्य संवर्धन, दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएँ और अन्य सुगम्यता उपाय शामिल हैं।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि “अमृत संवाद” केवल अब तक हुए सुधारों की झलक दिखाने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से आगे के सुधारों के लिए भी सुझाव एकत्र किए जाएंगे। इनमें शहरी परिवहन प्रणालियों के साथ बेहतर एकीकरण, अतिरिक्त यात्री सुविधाएँ, ऊर्जा-कुशल और टिकाऊ समाधान, बेहतर प्लेटफ़ॉर्म कवर और यात्रियों की सुविधा के लिए व्यक्तिगत सेवाएँ शामिल हो सकती हैं।
कार्यक्रम में “स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025” की उपलब्धियों का भी विशेष उल्लेख किया गया। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए गए इस अभियान के दौरान भारतीय रेलवे ने व्यापक स्तर पर स्वच्छता गतिविधियाँ आयोजित कीं। इनमें 2.40 लाख से अधिक लोगों ने स्वच्छता शपथ ली, 2,452 जन जागरूकता कार्यशालाएँ आयोजित की गईं और 1,117 सफाई मित्रों के लिए सुरक्षा एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इस दौरान करीब 74,000 पौधे लगाए गए और “कम करें, दोबारा इस्तेमाल करें, रीसायकल करें” जैसी 1,077 गतिविधियाँ आयोजित की गईं। साथ ही, 364 टन से अधिक प्लास्टिक हटाया गया और लगभग 1,096 किलोमीटर रेलवे ट्रैक साफ किए गए।
इस अभियान के तहत 1,146 सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया और विभिन्न प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक महोत्सवों तथा यूथ कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को जोड़ा गया। रेलवे परिसरों के जलस्रोतों की सफाई और पैंट्री कारों में स्मार्ट डस्टबिन की स्थापना जैसे कदम भी इस अभियान का हिस्सा रहे।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुआ “अमृत संवाद” न केवल रेलवे और यात्रियों के बीच संवाद का प्रतीक है, बल्कि यह आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा को भी रेखांकित करता है। यह पहल दिखाती है कि नागरिकों की भागीदारी से ही रेलवे एक अधिक आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल नेटवर्क में परिवर्तित हो सकता है।
अक्टूबर माह भर चलने वाला यह संवाद रेलवे और नागरिकों के बीच पारदर्शिता व विश्वास को और गहरा करेगा। अंततः यह पहल केवल स्टेशनों के विकास की नहीं, बल्कि भारत की प्रगति यात्रा में हर यात्री को सहभागी बनाने की भी है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
