अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 27 सितंबर 2026 को देश की पहली एलएनजी संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर उन्होंने ₹1,472 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही रेल इंजन के रखरखाव के लिए ₹700 करोड़ की लागत से निर्मित WAG-12 अनुरक्षण शेड का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

अमित शाह ने कहा कि साबरमती मंडल में शुरू की गई रेल परियोजनाओं में पर्यावरणीय स्थिरता, यात्रियों की सुविधाओं और रेल यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह, सादगीपूर्ण जीवन, ग्रामीण विकास और खादी जैसे प्रयोगों को धरातल पर उतारने की यात्रा साबरमती से ही शुरू हुई थी।

उन्होंने कहा कि साबरमती रेलवे स्टेशन में अब यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और संपर्क के स्तर पर बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 1980 के दशक में स्टेशन से बाहर रिक्शा मिलने के लिए यात्रियों को करीब दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। उनके अनुसार, आज स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि आज ₹1,472 करोड़ की लागत से जिन विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, वे आने वाले दिनों में क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

साबरमती में ₹700 करोड़ की लागत से रेल इंजनों के रखरखाव के लिए WAG-12 अनुरक्षण शेड बनाया गया है। यात्रियों और रेल परिचालन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ₹48 करोड़ की लागत से साबरमती–कालोल–साबरमती रेल खंड पर ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। इसके अलावा अहमदाबाद–पालनपुर और अहमदाबाद–समाखियाली रेल खंडों पर ‘कवच’ लागू करने का काम शुरू किया गया है। साबरमती–सरखेज रेल मार्ग के दोहरीकरण का कार्य भी शुरू हुआ है।

अमित शाह ने कहा कि आज 12,000 अश्वशक्ति क्षमता वाले जुड़वां खंड के इंजन को सेवा में शामिल किया गया है। यह अकेला इंजन करीब 600 ट्रकों के बराबर माल ढो सकता है। पहले इस काम के लिए दो रेल इंजनों की आवश्यकता होती थी, जबकि अब एक WAG-12 इंजन यह काम कर सकता है। उन्होंने इसे भारतीय रेल के इतिहास में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

इसी कार्यक्रम में देश की पहली एलएनजी संचालित ट्रेन का भी शुभारंभ किया गया। अमित शाह ने कहा कि यह पहल आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रेलवे में कई नई सुविधाएं शुरू की गईं और रेल नेटवर्क का आधुनिकीकरण हुआ। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट, मुंबई से वडोदरा तक देश की पहली लंबी दूरी की डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन का सफल परीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि माल परिवहन के लिए देश में रेल पटरियां सीमित हैं, लेकिन डबल-स्टैक मालगाड़ियों की अवधारणा सफल होने पर माल ढुलाई क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी।

अमित शाह ने कहा कि 11,000 किलोमीटर लंबे गलियारे को चार लेन वाले नेटवर्क में बदला जा रहा है, जिससे दिल्ली–हावड़ा और दिल्ली–गुवाहाटी की दिशा में यातायात संचालन को काफी सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल प्रणाली और प्रीमियम रेलवे स्टेशन जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गईं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का उद्घाटन किया, जिससे भारत इस तकनीक वाले दुनिया के चार देशों में शामिल हो गया।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 97 प्रतिशत रेल कोचों में जैव शौचालय लगाए गए। मोदी सरकार के कार्यकाल में 87 प्रतिशत एलएचबी कोचों का निर्माण भारत में हुआ। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के पदभार संभालने से पहले रेलवे विद्युतीकरण केवल 30 प्रतिशत था, जबकि शेष 70 प्रतिशत विद्युतीकरण उनके कार्यकाल में पूरा हुआ। रेलवे सुरक्षा के बजट में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और रेल इंजन उत्पादन क्षमता में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा को आगे बढ़ाया और इसके परिणामस्वरूप देश ने रेल इंजन जैसे उपकरणों का बड़े स्तर पर घरेलू निर्माण करने की क्षमता विकसित की है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2015–16 में रेलवे में 293 करोड़ लीटर डीजल की खपत हुई थी, जो वर्ष 2024–25 में घटकर 108 करोड़ लीटर रह गई। उन्होंने इसे ऐसी बड़ी उपलब्धि बताया, जिस पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया जाता है।

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2010–11 में एक पूरे वर्ष में केवल 75 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण हुआ था, जबकि वर्ष 2023–24 में एक ही वर्ष में 7,188 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया। उनके अनुसार, अब रेलवे नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है और शेष 0.4 प्रतिशत काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चीन में रेलवे विद्युतीकरण 92 प्रतिशत, स्पेन में 68 प्रतिशत, फ्रांस में 60 प्रतिशत और यूनाइटेड किंगडम में 49 प्रतिशत है। अमित शाह ने कहा कि भारत 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल करके इन देशों से आगे निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वीडन दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण हासिल किया है, लेकिन स्वीडन में रेलवे लाइनों की कुल लंबाई भारत की तुलना में करीब दस गुना कम है।

गुजरात के रेलवे बजट का उदाहरण देते हुए अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच गुजरात के लिए रेल बजट केवल ₹589 करोड़ था। इसके विपरीत वर्ष 2026–27 के लिए केवल एक वर्ष का रेल बजट ₹17,366 करोड़ है। उन्होंने कहा कि विकास की गति में अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

अमित शाह ने विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा किए जाने वाले बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें तथ्यों और आंकड़ों के साथ मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने विपक्षी दल से उसके कार्यकाल को लेकर सवाल किया और कहा कि 10 वर्षों में ₹12 लाख करोड़ के घोटालों, घपलों और भ्रष्टाचार के अलावा उसने कुछ नहीं किया।

अमित शाह ने यह भी कहा कि 12 वर्षों में मोदी जी पर भ्रष्टाचार का जरा भी आरोप नहीं लगाया गया है। कार्यक्रम में उन्होंने साबरमती से शुरू हुई नई रेल पहलों को पर्यावरण संरक्षण, रेल सुरक्षा, माल ढुलाई क्षमता, विद्युतीकरण और रेल ढांचे के आधुनिकीकरण से जोड़ते हुए इन परियोजनाओं को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया।

Pratahkal Newsroom

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