भुसावल मंडल ने तारफाइल इलाके से 164 अवैध ढांचे ध्वस्त कर 25 करोड़ रुपये मूल्य की 22,750 वर्ग मीटर जमीन को अपने नियंत्रण में लिया।

मध्य रेलवे के भुसावल मंडल द्वारा अकोला रेलवे स्टेशन के पास स्थित तारफाइल इलाके में पुलिस सुरक्षा के बीच चलाए गए बेदखली अभियान के दौरान ध्वस्त किए गए अवैध ढांचों का मलबा।
अकोला: मध्य रेलवे के भुसावल मंडल ने 01 जून 2026 को एक बेहद ऐतिहासिक और बड़े अभियान को अंजाम देते हुए अकोला रेलवे स्टेशन के पास स्थित तारफाइल इलाके से दशकों पुराने अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह से साफ कर दिया है। बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में पिछले 40 से अधिक वर्षों से रेलवे की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा जमाए बैठे लगभग 164 छोटे-बड़े और स्थायी-अस्थायी ढांचों को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई के बाद रेलवे ने लगभग ₹25 करोड़ मूल्य की अनुमानित 22,750 वर्ग मीटर बेहद महत्वपूर्ण और कीमती जमीन को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है।
इस बड़े और जटिल ऑपरेशन को धरातल पर उतारने के लिए इंजीनियरिंग विभाग, कानूनी विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा पिछले तीन महीनों से लगातार और बेहद सुनियोजित प्रयास किए जा रहे थे। इस पूरी समयावधि के दौरान संबंधित अवैध कब्जाधारकों को नियमानुसार बेदखली के नोटिस जारी किए गए, राज्य सरकार के आला अधिकारियों के साथ कई दौर की संयुक्त बैठकें आयोजित की गईं और भूमि की सटीक पैमाइश सुनिश्चित की गई। तमाम तरह की कानूनी अड़चनों और प्रशासनिक पेचीदगियों को दूर करने के साथ-साथ स्थानीय हितधारकों के साथ भी निरंतर संवाद साधा गया, ताकि इस बड़े बेदखली अभियान को बिना किसी कानून-व्यवस्था के व्यवधान के संपन्न किया जा सके। अतीत में बार-बार नोटिस दिए जाने और लगातार कोशिशों के बावजूद इस अतिक्रमण को हटाया नहीं जा सका था, इसीलिए इस बार प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कब्जाधारकों के खुद के अनुरोध पर राज्य भूमि अभिलेख विभाग के माध्यम से जमीन की आधिकारिक माप भी कराई गई थी।
अतिक्रमण हटाने की यह मुख्य कार्रवाई सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक राज्य प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के व्यापक और कड़े सहयोग के बीच चलाई गई। ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार के उग्र विरोध या हिंसक प्रतिरोध की आशंका को पूरी तरह से भांपते हुए सुरक्षा के बेहद कड़े और अभेद्य इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए मौके पर भारी संख्या में सिटी पुलिस, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को तैनात किया गया था। इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि रेलवे अधिकारियों द्वारा की गई लगातार काउंसलिंग और सतत संवाद के कारण सभी कब्जाधारकों ने खुद ही अपने-अपने ढांचों को खाली कर दिया, जिसके चलते प्रशासन को बल प्रयोग करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ी।
इस महा-अभियान को सफलतापूर्वक गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भारी मात्रा में संसाधनों और जनशक्ति को तैनात किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से 07 जेसीबी मशीनें, इंजीनियरिंग विभाग के 160 कर्मचारी, आरपीएफ के 50 जवान, जीआरपी के 25 पुलिसकर्मी और सिटी पुलिस के 300 जवान शामिल रहे। भुसावल मंडल के इंजीनियरिंग, लीगल और आरपीएफ विंग के इस बेहतरीन समन्वय और समर्पित प्रयासों को सफल बनाने में जिला प्रशासन, अकोला पुलिस तथा अन्य राज्य सरकारी प्राधिकरणों का अमूल्य सहयोग प्राप्त हुआ। भुसावल मंडल ने इस शांतिपूर्ण कार्रवाई के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। अकोला के इस पुराने और बड़े गतिरोध के खत्म होने से अब आने वाले दिनों में इस पूरे क्षेत्र में भविष्य के रेलवे विकास कार्यों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिलेगी, जिससे रेलवे की परिचालन क्षमता में सुधार होने के साथ-साथ आम जनता को भी बेहतर सेवाएं दी जा सकेंगी।
यह आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई से मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला द्वारा पत्र संख्या PR No.2026/06/02 के तहत 01 जून 2026 को जारी की गई है।

