अजमेर/भुसावल। रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे एक बड़ा कदम उठाने जा रही है, लेकिन इस विकास कार्य का सीधा असर रेल यात्रियों की समयसारणी पर पड़ने वाला है। भुसावल-बडनेरा रेलखंड के महत्वपूर्ण जलंब स्टेशन पर अत्याधुनिक 'इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग' प्रणाली को स्थापित करने के लिए रेलवे द्वारा एक विशेष ट्रैफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। इस तकनीकी अपग्रेडेशन के चलते अजमेर से पुरी के बीच चलने वाली प्रमुख रेलसेवा के संचालन में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे इस मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुँचने में अतिरिक्त समय लगेगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेलवे की परिचालन क्षमता और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए यह ब्लॉक अनिवार्य है। उनके अनुसार, गाड़ी संख्या 20824, अजमेर-पुरी रेलसेवा, जो दिनांक 29 जनवरी 2026 को अजमेर से अपने निर्धारित समय पर प्रस्थान करेगी, उसे मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में विनियमित (रेगुलेट) किया जाएगा। तकनीकी कार्य की गंभीरता को देखते हुए इस ट्रेन को मार्ग में करीब 02 घंटे 30 मिनट तक रोककर चलाया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कार्य रेलवे की सिग्नलिंग व्यवस्था का एक हृदय स्थल माना जाता है, जो ट्रेनों के सुरक्षित मिलन और प्रस्थान को सुनिश्चित करता है। हालांकि, इस ब्लॉक के कारण ढाई घंटे की देरी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है, लेकिन रेलवे प्रशासन का मानना है कि भविष्य की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए यह अल्पकालिक असुविधा आवश्यक है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या पूछताछ सेवा के माध्यम से ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जांच अवश्य कर लें। इस मेगा ब्लॉक का प्रभाव केवल एक निश्चित समयावधि के लिए होगा, जिसके पूर्ण होते ही रेल यातायात पुनः सामान्य गति से बहाल कर दिया जाएगा।

Pratahkal Bureau

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