अहमदाबाद मंडल में रेलवे पेंशनभोगियों एवं परिवार पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया से राहत देने के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) अभियान 5.0 चलाया जा रहा है। भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित यह राष्ट्रव्यापी अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर, 2026 तक संचालित होगा। इसके तहत 2 नवंबर को आयोजित शिविरों में 93 रेलवे पेंशनभोगियों एवं परिवार पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र तैयार किए गए।

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के लेखा विभाग ने 2 नवंबर, 2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा, साबरमती; भारतीय स्टेट बैंक, कबीर चौक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा, चांदखेड़ा में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में कुल 93 रेलवे पेंशनभोगियों एवं परिवार पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाए गए।

मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर के 2,000 से अधिक शहरों एवं कस्बों में संचालित किया जा रहा है। इसके आयोजन में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा अन्य सहभागी विभागों एवं संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है।

शिविरों में पहुंचे पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया और इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें घर बैठे स्वयं डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र तैयार करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। इससे भविष्य में उन्हें जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कार्यालयों या बैंकों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अहमदाबाद मंडल में अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रेलवे प्रशासन ने सभी रेलवे पेंशनभोगियों एवं परिवार पेंशनभोगियों से 30 नवंबर, 2026 तक चलने वाले इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। साथ ही, निर्धारित अवधि में अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सुविधाजनक डिजिटल व्यवस्था अपनाने का आग्रह किया है।

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