अहमदाबाद मंडल में राजभाषा का गूंजता स्वर: 'आश्रम सौरभ' के 55वें अंक का विमोचन और प्रेमचंद जयंती का उत्साह
अहमदाबाद मंडल रेलवे में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक के साथ 'आश्रम सौरभ' के 55वें अंक का हुआ भव्य विमोचन। प्रेमचंद जयंती पर कर्मचारियों ने दिखाया उत्साह, जानिए कैसे सरल हिंदी बनी रेलवे के कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग।

अहमदाबाद मंडल रेल कार्यालय में आयोजित राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिंदी को बढ़ावा देने पर चर्चा और प्रश्न-मंच प्रतियोगिता संपन्न हुई।
अहमदाबाद: पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल कार्यालय में आज राजभाषा हिंदी के प्रति अटूट निष्ठा और उत्साह का एक जीवंत संगम देखने को मिला। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री वेद प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित 'मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति' की बैठक न केवल आधिकारिक चर्चा का केंद्र बनी, बल्कि हिंदी साहित्य और संस्कृति के गौरवशाली पलों की साक्षी भी रही। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंडल की वार्षिक ई-पत्रिका 'आश्रम सौरभ' के 55वें संस्करण का आधिकारिक विमोचन किया गया, जो मंडल की साहित्यिक और भाषाई प्रगति को रेखांकित करता है।
बैठक की औपचारिक शुरुआत से पूर्व, हिंदी साहित्य के युगप्रवर्तक मुंशी प्रेमचंद की जयंती को अत्यंत सम्मान के साथ मनाया गया। राजभाषा विभाग द्वारा उनके जीवन और कालजयी साहित्य पर एक विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसने वहां उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस माहौल में आयोजित 'हिंदी प्रश्न-मंच' प्रतियोगिता ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। रेलवे कर्मचारियों ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को मंडल रेल प्रबंधक द्वारा पुरस्कृत कर उनका मनोबल बढ़ाया गया।
सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन को गति प्रदान करने के उद्देश्य से, 'राजभाषा रत्न' प्रोत्साहन योजना के तहत मंडल के आठ अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। उन्हें इस दिशा में किए गए उनके सराहनीय प्रयासों के लिए प्रमाण-पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
अपने संबोधन में मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने हिंदी को केवल पत्राचार की भाषा न मानकर उसे जनसंवाद का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक कार्यों में सरल और सहज हिंदी का उपयोग सुनिश्चित करें, जिससे रेलवे और यात्रियों के बीच का संबंध और अधिक प्रगाढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि सरल हिंदी के प्रयोग से न केवल कार्यान्वयन में गति आती है, बल्कि यह कार्यसंस्कृति को अधिक पारदर्शी और जीवंत बनाता है। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में मंडल के सभी विभागों के बीच अंतर-विभागीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि राजभाषा के प्रचार-प्रसार को और अधिक व्यापक बनाया जा सके।
इस गरिमामयी बैठक में अपर मंडल राजभाषा अधिकारी श्रीमती मंजू मीणा, राजभाषा अधिकारी (प्रभारी) श्री हाफिज अली खान सहित मंडल के समस्त वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक दृढ़ता का प्रमाण था, बल्कि अपनी संस्कृति और भाषा के प्रति रेलवे परिवार के गहरे लगाव को भी प्रदर्शित करता है।

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