अहमदाबाद मंडल में टॉवर वैगनों के लिए मोबाइल फ्यूलिंग सेवा शुरू, होगी लाखों की बचत
पश्चिम रेलवे ने 14 टीआरडी डिपो के लिए ऑन-साइट डीजल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की है, जिससे प्रति वर्ष 25,000 लीटर ईंधन और 22.50 लाख रुपये की बचत का अनुमान है।

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने परिचालन दक्षता और संसाधन प्रबंधन की दिशा में एक युगांतरकारी कदम उठाते हुए विद्युत (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन - TRD) विभाग के अंतर्गत कार्यरत टॉवर वैगनों (DETC) के लिए मोबाइल फ्यूल डिस्पेंसर प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया है। इस रणनीतिक पहल के माध्यम से अब सड़क मार्ग द्वारा सीधे ऑन-साइट (डोर-स्टेप) डीजल (HSD) आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जो रेलवे की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, किफायती और समयबद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
अहमदाबाद मंडल की व्यापकता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि यहाँ वर्तमान में लगभग 2834 ट्रैक किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है। इस विशाल नेटवर्क की देखरेख हेतु कुल 14 टीआरडी डिपो निरंतर सक्रिय हैं, जिनमें ध्रांगध्रा, पालनपुर, मालिया मियाना, राधनपुर, मेहसाणा, कलोल, हिम्मतनगर, अहमदाबाद, अडेसर, सामाखियाली, वीरमगाम, गांधिधाम, भुज एवं भिलडी शामिल हैं। इन डिपो में तैनात टॉवर वैगन ओवरहेड उपकरण (OHE) के नियमित रख-रखाव तथा आपातकालीन ब्रेकडाउन जैसी चुनौतीपूर्ण स्थितियों में रीढ़ की हड्डी के समान कार्य करते हैं।
पूर्ववर्ती व्यवस्था की जटिलताओं पर दृष्टि डालें तो टॉवर वैगनों को ईंधन पुनर्भरण के लिए विशेष रूप से नामित आरसीडी (RCD) फ्यूल टर्मिनलों जैसे अहमदाबाद, भिलडी और गांधिधाम तक लंबी दूरी तय कर जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में न केवल बहुमूल्य ईंधन की बर्बादी होती थी, बल्कि समय और मानव संसाधनों की भारी खपत के कारण टॉवर वैगनों की फील्ड में उपलब्धता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। अब इस नवीन मोबाइल फ्यूलिंग सुविधा के लागू होने से इन वैगनों को उनके कार्यस्थल या निकटतम सुलभ स्थान पर ही डीजल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें अब ईंधन के लिए डिपो से दूर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
इस नवाचार से होने वाले लाभों का दायरा अत्यंत व्यापक है। जहाँ एक ओर अनावश्यक किलोमीटर की कटौती से ईंधन की प्रत्यक्ष बचत होगी, वहीं प्रति वर्ष लगभग 528 मैन-डे के रूप में मानव संसाधन की भी बड़ी बचत सुनिश्चित की गई है। ट्रैक उपलब्धता (पाथ) का बेहतर उपयोग होने से अब माल एवं यात्री ट्रेनों का आवागमन अधिक सुगम और निर्बाध होगा। साथ ही, रख-रखाव कार्यों में निरंतरता आने से ट्रेनों का परिचालन अधिक समयबद्ध हो सकेगा। इस व्यवस्था से अनुरक्षण कार्यों के लिए अतिरिक्त 2 दिनों की उपलब्धता प्राप्त होगी और सभी 14 टीआरडी डिपो की कार्यक्षमता में गुणात्मक सुधार होगा।
आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से यह पहल अत्यंत प्रभावी है, जिससे प्रति वर्ष लगभग 25,000 लीटर हाई स्पीड डीजल (HSD) की बचत का अनुमान लगाया गया है, जो सीधे तौर पर रेलवे के कोष में लगभग ₹22.50 लाख की वार्षिक बचत सुनिश्चित करेगा। यह गैर-ट्रैक्शन उपयोग हेतु डीजल आपूर्ति के लिए एक सशक्त वैकल्पिक तंत्र विकसित करने की दिशा में मंडल का सफल प्रयास है। अंततः, अहमदाबाद मंडल की यह दूरदर्शी योजना न केवल रेल सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि आधुनिक और दक्ष रेल संचालन के भारतीय रेलवे के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
