पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मण्डल के वाणिज्य विभाग ने राजस्व के नए स्रोतों को बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। विभाग ने 1 जून 2026 को तीन महत्वपूर्ण ई-ऑक्शन अनुबंधों को सफलतापूर्वक पूरा कर अपनी अनूठी आत्मनिर्भर पहल की नींव रख दी है। 3 वर्षों की अवधि के लिए जारी किए गए ये अनुबंध यात्री सुविधा, माल ढुलाई लॉजिस्टिक्स और प्रीमियम ब्रांडिंग जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों से सीधे जुड़े हैं। सामूहिक रूप से ₹4.47 करोड़ का गैर-किराया राजस्व प्रदान करने वाले इन अनुबंधों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि रेलवे प्रशासन द्वारा बिना किसी पूंजीगत निवेश या परिचालन व्यय के, सीधे रेलवे खजाने में कुल ₹4.47 करोड़ का शुद्ध वित्तीय योगदान सुनिश्चित किया गया है। ई-नीलामी के इस दूरदर्शी फैसले के जरिए गैर-प्रीमियम ट्रेनों में वेंडिंग, मालिया गुड्स शेड में वैगन सफाई और देश की शान वंदे भारत एक्सप्रेस में विज्ञापनों के लिए रास्ते खोल दिए गए हैं।

इस क्रांतिकारी पहल के तहत सफर के अनुभव को पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से गैर-प्रीमियम ट्रेनों में 'ट्रेन साइड वेंडिंग' यानी ट्रेन के भीतर बिक्री का अनुबंध किया गया है, जिसका कुल अनुबंध राजस्व ₹3.72 करोड़ है। इस अनुबंध का मुख्य उद्देश्य रेल यात्रियों के लिए एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक व्यवस्था स्थापित करना है। यात्रियों के लिए बेहतरीन सुविधा सुनिश्चित करते हुए अब सफर के दौरान उन्हें अपनी सीट पर ही आवश्यक दैनिक सामान आसानी से उपलब्ध हो सकेगा, जिसमें टूथपेस्ट, टूथबैश, टिशू, सैनिटरी पैड, डायपर, समाचार पत्र, पत्रिकाएं, मोबाइल चार्जर, ईयरफोन और बच्चों के खिलौने जैसी वस्तुएं शामिल रहेंगी। उपभोक्ता और यात्री हितों की पूर्ण सुरक्षा के लिए सभी उत्पादों को अनिवार्य रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य पर ही बेचा जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक खरीद पर बिल या रसीद देना अनिवार्य कर दिया गया है तथा किसी भी एक्सपायर्ड या अनधिकृत उत्पाद की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने तथा अनधिकृत अवैध फेरीवालों पर कड़ाई से लगाम लगाने के लिए इस प्रणाली के तहत प्रति ट्रेन अधिकतम केवल चार वेंडर्स को ही अनुमति दी जाएगी। ये सभी वेंडर पूरी तरह पुलिस सत्यापित, निर्धारित वर्दी और बैच से सुसज्जित होंगे तथा उनके पास क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र होगा। इस व्यवस्था में डिजिटल एकीकरण को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत यात्रियों को यात्रा के दौरान ऑनलाइन ऑर्डर और होम डिलीवरी जैसी आधुनिक सुविधा भी मिलेगी, जो उनके यात्रा अनुभव को और अधिक सुगम बनाएगी।

इसी कड़ी में रेलवे के बुनियादी ढांचे की मजबूती को नया आयाम देते हुए मालिया (MALB) गुड्स शेड में वैगन सफाई का अनुबंध किया गया है, जिससे रेलवे को ₹0.57 करोड़ का अनुबंध राजस्व प्राप्त होगा। मालिया गुड्स शेड में वैगन सफाई का यह संपूर्ण अनुबंध एक पूरी तरह आत्मनिर्भर मॉडल पर आधारित है, जो सीधे तौर पर रेलवे की परिचालन लागत को कम करते हुए कार्यस्थल की स्थिति में बड़ा सुधार करता है। इस व्यवस्था के अंतर्गत वैगनों और गुड्स शेड परिसर की सफाई का पूरा खर्च ठेकेदार द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा, जिससे रेलवे के अपने सफाई खर्च में सीधी बजत सुनिश्चित होगी। कोयले और अन्य अवशेष सामग्रियों की इस नियमित वैज्ञानिक सफाई से वैगनों और रेलवे ट्रैक की उम्र बढ़ेगी तथा गुड्स शेड परिसर में कचरा जमा होने की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी, जिससे रेलवे कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित कामकाजी माहौल तैयार होगा। इस सस्टेनेबल कमर्शियल मॉडल के तहत ठेकेदार को सफाई के दौरान निकलने वाले अवशेष जैसे कोयला आदि को इकट्ठा कर बाजार में बेचने की वैधानिक अनुमति होगी, जिससे यह मॉडल ठेकेदार के लिए भी आर्थिक रूप से व्यावहारिक, लाभप्रद और टिकाऊ बना रहेगा।

कमर्शियल ब्रांडिंग को नया और आधुनिक आयाम देते हुए देश की प्रीमियम सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के हेड रेस्ट कवर पर विज्ञापन का अनुबंध किया गया है, जिससे ₹0.18 करोड़ का अनुबंध राजस्व अर्जित होगा। देश की इस बेहद लोकप्रिय ट्रेन की ब्रांड वैल्यू का लाभ उठाते हुए इस अनुबंध के तहत कोच के भीतर उपलब्ध खाली स्पेस का उपयोग बेहतरीन ब्रांड विजिबिलिटी के लिए किया जाएगा। इससे जहां एक तरफ उच्च गुणवत्ता वाले ब्रांडेड हेड रेस्ट कवर के प्रयोग से ट्रेन के कोच के अंदर का माहौल अधिक साफ-सुथरा, एकसमान और पेशेवर दिखाई देगा, वहीं यात्रियों का सफर भी अधिक सुखद बनेगा। यह अनूठा मॉडल विज्ञापकों और रेलवे दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, जिसमें विज्ञापनदाताओं को यात्रा के दौरान यात्रियों के एक बेहद समृद्ध बड़े वर्ग तक अपनी सीधी पहुंच बनाने का स्वर्णिम मौका मिलेगा, और दूसरी तरफ रेलवे भी यात्रियों के आराम को रत्ती भर भी प्रभावित किए बिना अपनी खाली संपत्तियों का सटीक उपयोग कर बड़ा राजस्व अर्जित कर सकेगा। ई-ऑक्शन के माध्यम से अपनाई गई यह बहुआयामी और दूरदर्शी वाणिज्यिक रणनीति अहमदाबाद मण्डल की आत्मनिर्भरता के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को पूरी तरह रेखांकित करती है, जिससे रेलवे को बिना किसी वित्तीय बोझ के न केवल महत्वपूर्ण गैर-किराया राजस्व प्राप्त हो रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और परिचालन स्वच्छता की पूरी सूरत बदल रही है।

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