अहमदाबाद मंडल: ग्रीष्मकालीन अवकाश में 20 लाख यात्रियों ने सुगम यात्रा की
भीड़ नियंत्रण के लिए अहमदाबाद मंडल ने 33 विशेष ट्रेनें चलाईं और स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया सहित व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए।

मुंबई में पटरियों पर दौड़ती वेस्टर्न रेलवे की एक लोकल ट्रेन, जिसका उपयोग अक्सर यात्री सुविधाओं और रेलवे प्रबंधन के संदर्भों में किया जाता है।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ के बीच अहमदाबाद मंडल ने सघन प्रबंधन और उन्नत भीड़ नियंत्रण उपायों के जरिए यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश के मार्गदर्शन में किए गए व्यापक प्रबंधों ने बढ़ते यात्री दबाव को नियंत्रित करने में प्रभावी परिणाम दिए हैं।
17 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 के बीच अहमदाबाद क्षेत्र के अहमदाबाद, साबरमती, असारवा, चांदलोडिया, मणिनगर, वटवा और गांधीनगर स्टेशनों से लगभग 20 लाख यात्रियों ने यात्रा की। इस अभूतपूर्व यात्री भार को देखते हुए मंडल ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष रणनीतियां लागू कीं, जिससे यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित बनी रही।
पश्चिम रेलवे ने 15 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक अहमदाबाद, साबरमती, असारवा, वटवा, भुज और गांधीधाम से कानपुर, आसनसोल, पटना, हरिद्वार, हावड़ा, दुर्गापुर सहित अन्य प्रमुख गंतव्यों के लिए कुल 33 विशेष ट्रेनों का संचालन किया। इन ट्रेनों ने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और गुजरात के बीच बढ़ी हुई मांग को संतुलित किया। साथ ही विभिन्न स्पेशल ट्रेनों में 43 अतिरिक्त कोच जोड़े गए, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिली।
अहमदाबाद और साबरमती स्टेशनों पर विशेष होल्डिंग एरिया विकसित किए गए, जिनका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर भीड़ को कम करना रहा। इन क्षेत्रों में यात्रियों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त रोशनी और पंखों की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें राहत मिली।
गर्मी को ध्यान में रखते हुए सभी स्टेशनों पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। वाटर कूलरों की सर्विसिंग कराई गई और स्वास्थ्य निरीक्षकों को पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच तथा क्लोराइड आधारित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्काउट एवं गाइड के सहयोग से साधारण श्रेणी के डिब्बों के पास जल वितरण की व्यवस्था भी की गई।
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और टिकट चेकिंग स्टाफ की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई। आरपीएफ जवानों द्वारा वॉकी-टॉकी के माध्यम से सतत समन्वय बनाए रखा गया। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए रियल-टाइम निगरानी की गई, जबकि फुटओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म और प्रवेश-निकास द्वारों पर आवागमन को सुव्यवस्थित रखा गया।
टिकटिंग व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए अहमदाबाद और साबरमती स्टेशनों पर अतिरिक्त बुकिंग काउंटर खोले गए। रेलवे कर्मचारियों और आरपीएफ द्वारा यात्रियों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे टिकट लेने और प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में आसानी रही।
यात्रियों तक जानकारी पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनों और समय-सारणी को इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड, निरंतर उद्घोषणाओं और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया गया। समयपालन सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की गई। एटीवीएम और रेलवन ऐप के जरिए टिकटिंग के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जबकि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष ट्रेनों की जानकारी व्यापक स्तर पर साझा की गई।
अहमदाबाद मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान रेलवे द्वारा निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करें, ताकि भीड़भाड़ के इस दौर में यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रह सके। यह व्यापक प्रबंधन न केवल बढ़ते यात्री दबाव को संभालने का उदाहरण है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभरता है।

Pratahkal Bureau
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